Bone and Joint Day: मसल्स पेन से छुटकारा पाना चाहती हैं तो दवा से पहले राहत के लिए अपनाएं ये जादुई नुस्खे

Published on: 4 August 2022, 17:27 pm IST

रिसर्च बताते हैं कि 70 से 80 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं में से लगभग 7 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं फाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम (fibromyalgia syndrome – मांसपेशियों में दर्द की समस्या) से पीड़ित होती हैं।

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मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय। चित्र ; शटरस्टॉक

प्रत्येक वर्ष 4 अगस्त को बोन एंड जॉइंट डे (Bone and Joint Day) के रूप में मनाया जाता है। इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2012 में शुरू किया गया यह दिन हड्डियों के स्वास्थ्य के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए इसे मनाया जाता है। हड्डियों की मजबूती और तंदुरुस्ती के लिए सही भोजन ज़रूरी है।

क्या आपको भी अचानक मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द जैसी समस्या होती है? अगर हां, तो आप इसे नजरअंदाज बिलकुल भी न करें। एक प्रकार से इसके जरिए शरीर आपको संकेत देता है कि आपको काम के साथ-साथ अपना भी ध्यान रखना और आराम करना है। हालांकि, अक्सर कई लोग मसल्स पेन का इलाज पेन किलर दवाइयों से करते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है। इसलिए, आज हम इस लेख में मांसपेशियों में दर्द की आम, लेकिन गंभीर समस्या के बारे में न सिर्फ आपको पूरी जानकारी देंगे, बल्कि मसल्स पेन का घरेलू इलाज भी बताएंगे।

क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द

मसल पेन अक्सर तनाव, अधिक व्यायाम या फिर मांसपेशियों में चोट लगने की वजह से होता है। यह एक ही वक़्त में एक से ज्यादा मांसपेशियों में हो सकता है। इस दर्द में मांसपेशियों को घेरने वाले कोमल ऊतक भी शामिल हो सकते हैं। वैसे तो मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द आम माना जाता है। NCBI (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च की मानें तो आजकल के समय में यह एक प्रमुख समस्या है। लगभग 60 से 85 फीसदी आबादी को मसल्स पेन का सामना करना पड़ता है। रिसर्च बताते हैं कि 70 से 80 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं में से लगभग 7 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं फाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम (fibromyalgia syndrome – मांसपेशियों में दर्द की समस्या) से पीड़ित होती हैं।

कई बार बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से भी यह समस्या हो सकती है। चित्र-शटरस्टॉक.
कई बार बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से भी यह समस्या हो सकती है। चित्र-शटरस्टॉक.

मसल्स पेन के प्रकार

आमतौर पर मांसपेशियां में दर्द तीन तरह के हो सकते हैं, जो इस प्रक्रार हैं –
मसल पेन, तनाव, अधिक व्यायाम या फिर किसी तरह की चोट से जुड़ा हो सकता है।
मांसपेशियों का दर्द किसी संक्रमण या फिर फ्लू से भी जुड़ा हो सकता है, जिससे पूरा शरीर प्रभावित हो सकता है।
मसल पेन का एक रूप फाइब्रोमायल्गिया भी हो सकता है, जिसमें मांसपेशियों का दर्द के साथ-साथ नींद की परेशानी, थकान और सिरदर्द की परेशानी हो सकती है।

मांसपेशियों में दर्द के कारण

मांसपेशियों में तनाव का उपचार सही तरीके से करने के लिए मांसपेशियों में दर्द की वजह जान लेना भी जरूरी है, ताकि इसके इलाज में आसानी हो। नीचे हम मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द की वजह बता रहे हैं।

  • किसी तरह की चोट, घाव, मोच या फिर खिंचाव हो सकता है
  • मांसपेशियों का बहुत ज्यादा उपयोग (जैसे – जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से व्यायाम व योग करने से)
  • तनाव की वजह से

इसके अलावा, मांसपेशियों में खिंचाव के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं-

  • डर्माटोमायोसिटिस (Dermatomyositis – सूजन संबंधी समस्या)
  • पॉलीमायोसिटिस (Polymyositis – मांसपेशियों में सूजन होना )
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन यानी पोटेशियम या कैल्शियम का बहुत कम सेवन
  • ल्यूपस (lupus – सूजन संबंधी परेशानी )
  • फाइब्रोमायल्जिया (fibromyalgia – मांसपेशियों में दर्द होना)
  • रबडोमायोलिसिस (Rhabdomyolysis -मांसपेशियों के ऊतकों का टूटना )
  • संक्रमण ( जैसे – फ्लू, लाइम रोग, मलेरिया, मांसपेशियों में फोड़ा, पोलियो आदि)
  • अधिक देर तक बाइक या गाड़ी में बैठकर सफर करने से, ज्यादा चलने से, अधिक देर तक खड़े रहने से या ज्यादा देर तक बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है
  • किसी तरीके की बीमारी होने से जैसे – गठिया की समस्या, सूजन या फिर हड्डी व मांसपेशियों से संबंधित समस्या की वजह से।
  • गलत तरीके से सोने से भी मांसपेशियों में तनाव आता है।
  • मौसम में बदलाव की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

मसल्स में सूजन हो सकता मसल पेन की वजह

मांसपेशियां में दर्द, खुद में एक लक्षण है। जिसके पीछे कई वजह हो सकती हैं, जैसे – किसी प्रकार की चोट या मोच, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज, तनाव, सूजन संबंधी समस्या आदि। मस्कुलर पेन की वजह से कुछ अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जो इस प्रकार है –

  • शरीर में अधिक या कम दर्द महसूस होना
  • मसल पेन की वजह से चिड़चिड़ापन होना
  • मस्कुलर पेन असहजता महसूस होना
  • सूजन होना

मांसपेशियों के दर्द से अगर आप परेशान हैं तो दवाओं से पहले अपनाएं मां के सुझाए गए ये नुस्खे

कई बार लोग मसल्स पेन का इलाज करने के चक्कर में कई प्रकार की दवाइयां लेने लगते हैं। मांसपेशियों के दर्द को दूर करने वाली इन दवाइयों के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं इससे बचने के लिए आप ये घरेलू इलाज अपना सकती हैं:

मसल्स पेन का इलाज करने के लिए लहसुन का उपयोग। चित्र: शटरकॉक

1. लहसुन

सामग्री

लहसुन की दो कली, सरसों का तेल दो चम्मच

प्रयोग करने का तरीका :

  • लहसुन की कलियों को अच्छे से छिलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • इसके बाद लहसुन के टुकड़ों को सरसों के तेल में डालकर कर अच्छे से गर्म कर लें।
  • फिर इस गुनगुने तेल से प्रभावित हिस्से की मसाज करें।
  • इस प्रक्रिया को दर्द से राहत मिलने तक किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी

मसल्स पेन का इलाज करने के लिए लहसुन का उपयोग करना लाभदायक साबित हो सकता है। मांसपेशियों में दर्द की रोकथाम और हर्बस की भूमिका पर हुई रिसर्च में बताया गया है कि लहसुन में मौजूद एलिसिन (Allicin) नामक कंपाउंड मांसपेशियां में दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके पीछे इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। इसके अलावा यह व्यायाम से होने वाली मांसपेशियों की क्षति को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

2. हॉट कंप्रेस

सामग्री

हॉट बैग या साफ सूती कपड़ा

प्रयोग करने का तरीका :

  • हॉट बैग को जरूरत के मुताबिक तापमान तक गर्म करें।
  • फिर इससे प्रभावित जगह की सिंकाई करें।
  • अगर हॉट बैग नहीं, तो उसके स्थान पर साफ और सूखे सूती कपड़े का प्रयोग कर सकते हैं।
  • सबसे पहले एक साफ़ सूती कपड़े को अच्छे से कई तह में मोड़ लें।इसके बाद तवे को गैस पर अच्छे से गर्म करें।
  • फिर इसी तवे पर मोड़े हुए सूती कपड़े को कुछ सेकंड के लिए रखकर हल्का गर्म करें।
  • जब कपड़ा हल्का गर्म हो जाए तो उस गर्म कपडे से दर्द वाली जगह की सिकाई करें।
  • इसके अलावा, गर्म सिकाई के लिए बाजार में मिलने वाले हॉट पैड का भी उपयोग किया जा सकता है।
  • सिकाई के इस प्रक्रिया को दिन में दो बार भी किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी

मसल पेन ट्रीटमेंट के लिए हॉट पैक का प्रयोग करना लाभकारी हो सकता है। NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया है कि हीट थेरेपी दर्द को कम करने में लाभकारी साबित हो सकती है। वहीं, एक अन्य रिसर्च में बताया गया है कि हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली से मांसपेशियों में होने वाले दर्द से काफी हद तक आराम मिल सकता है। गर्म पानी के सेक से न सिर्फ मांसपेशियों का दर्द, बल्कि कमर दर्द से भी राहत मिल सकती है, क्योंकि इससे शरीर में रक्त का प्रवाह काफी हद तक बेहतर हो सकता है।

3. ठंडी सिकाई

सामग्री

आइस पैक या फिर कोई गीला कपड़ा

प्रयोग करने का तरीका

  • आइस पैक या फिर गीले कपड़े को प्रभावित हिस्से पर रख कर 10 से 20 मिनट तक सिकाई करें।
  • इसका प्रयोग दिन भर में दो बार कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी

मांसपेशियों में तनाव के उपचार के लिए बर्फ का पैक भी प्रयोग में लाया जा सकता है। खासकर, व्यायाम करने के बाद आइस पैक का प्रयोग अधिक लाभकारी हो सकता है। वहीं, NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च में भी बताया गया है कि ठंडी सिकाई मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने में काफी प्रभावी साबित हो सकती है। इस आधार पर मस्कुलर पेन का घरेलू इलाज करने के लिए कोल्ड कंप्रेस का उपयोग करना भी लाभकारी माना जा सकता है।

मांसपेशियों के दर्द का इलाज करने के लिए आराम करना जरुरी है ।चित्र : शटरस्टॉक

आराम

मांसपेशियों के दर्द का इलाज करने के लिए आराम करना भी एक बेहतरीन उपाय है। असल में, सही इलाज और दवाइयों के साथ-साथ ठीक तरह से आराम करने से मस्कुलर पेन के जल्द से जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, व्यायाम या अन्य कोई काम करने पर, कुछ समय के लिए आराम जरूर करें। तभी मसल्स पेन के इलाज में मदद मिल सकती है।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

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