खतरे की निशानी है अचानक ब्लड प्रेशर कम होना, जानिए इसके कारण और बचाव के उपाय

यदि आपके एजिंग पेरेंट्स में से किसी को हाई बीपी है और दवा खाने के बाद उनका बीपी तुरंत लो हो जाए, तो यह चेतावनी संकेत हैं। और इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

Blood pressure me utarchadhav hona dono hi khatre ki nishani hai
ब्लड प्रेशर का हाई या लो होना, दोनों ही खतरे की निशानी है। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 30 April 2022, 14:00 pm IST
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ब्लड प्रेशर हाई और लो दोनों ही खतरनाक हैं। जब तक रक्त आपके शरीर के सभी अंगों तक संतुलित तरीके से प्रवाहित होता रहता है, तब तक आप स्वस्थ रहते हैं। किसी भी कारण से अगर बीपी बहुत हाई या बहुत लो हो जाता है, तो ये दोनों ही विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बनते हैं। पर उम्र के साथ इस तरह की समस्याएं नजर आने लगती हैं। खासतौर से आपके एजिंग पेरेंट्स के साथ हाई बीपी और लो बीपी दोनों ही तरह की समस्याएं हो सकती हैं। पर अगर ये हाई होने के बाद अचानक लो हो जाता है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। आइए जानें क्यों होता है ऐसा और क्या हो सकते हैं इससे बचाव के उपाय। इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिश्रा।

कितना ब्लड प्रेशर है हाई

दौड़ भाग वाली लाइफ, अनियमित लाइफ स्टाइल और फास्ट फूड की वजह से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 80/120 को सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है। यदि इससे अधिक हो जाए, तो यह हाई ब्लड प्रेशर कहलाता है। यदि उचित दवा न ली जाए, तो इससे स्ट्रोक, किडनी की बीमारी आदि हो सकती है। एक बार यदि बीपी की दवा शुरू हो गई है, तो उसे आजीवन लेते रहना चाहिए। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर भी जांच करवाते रहना चाहिए।

कभी-कभी ऐसा भी देखा जाता है कि हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज दवा लेते हैं, तो उनका बीपी स्टैंडर्ड से नीचे चला जाता है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉॅ अमित मिश्रा के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज का बीपी यदि घट जाता है, तो उसे बहुत अधिक परेशान नहीं होना है। यदि ब्लड प्रेशर 110/70 आता है, तो कोई घबराने वाली बात नहीं है।

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कब है चिंता वाली बात

यदि इससे कम यानी मापने पर ब्लड प्रेशर 90/ 60 आए, तो मरीज की दिक्कत बढ़ सकती है। यदि 110/70 आए, तो उसे तुरंत दवा की जांच करनी चाहिए। ऐसा ब्लड प्रेशर की दवा की वजह से भी हो सकता है। दवा न सिर्फ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है, बल्कि हार्ट रेट को भी कम करती है। कुछ अंतराल के बाद ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करनी चाहिए। इस समय खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बीपी कंट्रोल रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

1 कम खाएं सोडियम और फैट

अक्सर देखा जाता है कि बीपी बढ़ने पर लोग छाती में दर्द, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ महसूस करने लगते हैं। ऐसा जब उनके साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। जब दवा से बीपी कंट्रोल में रहे, तो व्यक्ति खान-पान में लापरवाही बरतनेे लगता है। वह फैट रिच डाइट लेने लगता है। बीपी के मरीज ऐसा भूलकर भी न करें।

उन्हें ऐसा भोजन खाना चाहिए, जिसमें सोडियम की मात्रा कम हो। यदि आपके खाने में सोडियम यानी नमक की मात्रा अधिक है, तो इससे बीपी को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। भोजन में ऊपर सेे नमक डालकर खाने की आदत का तुरंत रोकें। अचार, पापड़ का सेवन न के बराबर करें।

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2 थोड़ा-थोड़ा खाएं

एक बार में अत्यधिक खा लेने की बजाय हल्का भोजन दिन में तीन-चार बार लें। सप्ताह में किसी एक दिन सिर्फ फल पर रहा जा सकता है। मौसमी फलों का सेवन जरूर करें। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, नमकीन, चिप्स, ब्रेड, पिज्जा आदि का सेेवन कम करें।

डॉ. अमित मिश्रा का कहना है कि शराब का सेवन करनेे से ब्लड प्रेेशर पर कंट्रोल नहीं रह पाता है। क्योंकि शराब में कैलोरी अधिक होती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज का वजन बढ़ भी सकता है। वजन बढ़ने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा दोगूना हो जाता है। हाई बीपी वाले अंकुरित अनाज का सेवन जरूर करें। दिन भर में 10-12 गिलास पानी पीना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।

नियमित तौर पर 45 मिनट टहलने और योग-ध्यान करने से बीपी कंट्रोल में रहेगा।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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