वैलनेस
स्टोर

कोविड -19 का नया साइड इफेक्‍ट है ब्लैक फंगस, जानिये इस दुर्लभ मगर घातक संक्रमण के बारे में सब कुछ

Published on:16 May 2021, 14:00pm IST
ब्‍लैक फंगस यानी म्यूकर माइकोसिस नाम का यह इन्फेक्शन जानलेवा साबित हो रहा है। यह रोग अक्सर त्वचा में प्रकट होता है और फेफड़ों और मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
  • 91 Likes
ब्‍लैक फंगस एक घातक संक्रमण है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कोरोना महामारी से त्रस्त जनता को एक और संक्रमण से जूझना पड़ रहा है! यह खतरा है ब्लैक फंगस। कोविड – 19 से ठीक होने वाले कई मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण तेजी से दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में चिकत्सा विशेषज्ञों को दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है।

म्यूकर माइकोसिस नाम का यह इन्फेक्शन जानलेवा साबित हो रहा है। यह रोग अक्सर त्वचा में प्रकट होता है और फेफड़ों और मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है।

जानिए क्या है म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस)

म्यूकर माइकोसिस (mucormycosis fungus) यानी ब्लैक फंगस (Black Fungus) एक दुर्लभ मगर गंभीर संक्रमण है। यह वातावरण में प्राकृतिक रूप से मौजूद म्यूकरमाइसीट्स के समूह के कारण होता है। ये पूरे वातावरण में मौजूद होते हैं। यह आमतौर पर हवा से फंगल बीजाणुओं को अंदर लेने के बाद साइनस या फेफड़ों को प्रभावित करता है।

यह फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

म्यूकर माइकोसिस मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और वे उनके लिए दवाएं ले रहे हैं। जो कीटाणुओं और बीमारी से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम कर देती हैं। यह त्वचा पर कट, जलने या अन्य प्रकार की त्वचा की चोट के बाद भी हो सकता है।

म्यूकरमाइकोसिस और कोविड – 19

कोविड – 19 के मामले में यह उन लोगों में हो रहा है, जो स्टेरॉयड ले रहे हैं। स्टेरॉयड कोविड -19 के लिए फेफड़ों में सूजन को कम करते हैं और गंभीर नुकसान को रोकने में मदद करते हैं।

यह भी पढ़ें – World Chronic Fatigue Syndrome Awareness Day : 40 की उम्र में दाखिल हो रहीं हैं, तो समझें हर समय की थकान का कारण

मगर ये स्टेरॉयड इम्युनिटी को कम कर देते हैं और मधुमेह रोगियों और गैर-मधुमेह कोविड -19 रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाते हैं। इन सभी के कारण म्यूकरमाइकोसिस होने का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए ज्यादतर रोगी ब्‍लैक फंगस की चपेट में कोविड – 19 से ठीक होने के 12 से 15 दिन बाद आये हैं।

क्या होता है जब कोई म्यूकर माइकोसिस की चपेट में आता है?

इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी में खून आना और बदली हुई मानसिक स्थिति के साथ आंखों या नाक के आसपास दर्द और लालिमा शामिल है। अगर आपको ब्लैक फंगस है, तो आपको यह अन्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं:

स्टेरॉयड के अधिक इस्‍तेमाल से भी ब्‍लैक फंगस हो सकता है। चित्र : शटरस्टॉक
  1. साइनसिसिटिस – नाक बंद होना या नाक में से काला या लाल पदार्थ निकलना
  2. गाल की हड्डी में दर्द, एक तरफा चेहरे का दर्द, सुन्नता या सूजन
  3. नाक / तालू के ऊपर कालापन मलिनीकरण
  4. दांतों का ढीला होना, जबड़े का जुड़ना
  5. धुंधला दिखाई देना या दोहरी दृष्टि
  6. त्वचा में घाव देखना
  7. सीने में दर्द या सांस के लक्षणों का बिगड़ना

समय रहते पता चलने पर म्यूकरमाइकोसिस का इलाज दवाओं द्वारा संभव है। गंभीर मामलों में प्रभावित छेत्र की सर्जरी ही इसका एकमात्र इलाज है।

इससे बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं

अगर आप कोविड – 19 से संक्रमित हैं, तो बिना डॉक्टर्स की सलाह के स्टेरॉयड न लें। जहां तक हो सके घर पर अपना इलाज करें और इम्युनिटी बढ़ाने की कोशिश करें। क्योंकि आपको इसका जोखिम ज्यादा हो सकता है।

जरूरी है कि आप अपनी साफ- सफाई का ध्‍यान रखें और मास्‍क पहन कर रखें। चित्र: शटरस्‍टॉक

अन्य के लिए यदि आप धूल-मिट्टी वाली जगहों पर जा रहे हैं, तो सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार – मास्क का उपयोग करें। बाहर निकलते समय जूते, लंबी पतलून, लंबी बाजू की शर्ट और दस्ताने पहनें। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें जैसे बाहर से आकर हाथ धोना और नहाना।

यह भी पढ़ें – Covid – 19 Treatment : जानिये स्टेरॉयड के बारे में और क्या सभी मरीजों को होती है इनकी ज़रुरत

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।