फेफड़ों के लिए भी हेल्दी हैं प्लांट बेस्ड फूड्स, एक्सपर्ट बता रहीं हैं सांस की बीमारी में शाकाहार के फायदे 

प्लांट बेस्ड फ़ूड पूरे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। यदि प्रदूषण और अन्य कारणों से फेफड़े और श्वसन तंत्र में सामान्य दिक्कत हो रही है, तो आहार में अधिक से अधिक प्लांट बेस्ड फ़ूड को शामिल करें। इससे फेफड़े को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।
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प्लांट बेस्ड फ़ूड फेफड़ों के स्वास्थ्य को कई तरह से लाभ पहुंचा सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published: 25 Mar 2023, 12:30 pm IST
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पशुओं के प्रति प्रेम और ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए प्लांट-बेस्ड या प्लांट-फॉरवर्ड ईटिंग पैटर्न को लाइफस्टाइल में शामिल किया गया। इसमें केवल फल और सब्जियां ही नहीं, बल्कि प्लांट किंगडम से प्राप्त ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, आयल, साबुत अनाज, फलियां और बीन्स शामिल हैं। प्लांट बेस्ड डाइट या वीगन डाइट को अपनाने वाले लोग मांस या डेयरी उत्पाद नहीं खाते हैं। प्लांट बेस्ड डाइट या वीगन डाइट शरीर के सभी अंगों को लाभ पहुंचाता है। यहां तक की प्रमुख अंग फेफड़े और स्वसन तंत्र (Plant Based Foods for Lung) के लिए भी फायदेमंद है। प्लांट बेस्ड फ़ूड फेफड़े को किस तरह फायदा पहुंचाता है, इसके लिए हमने बात की जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट, बंगलुरू की मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. सुषमा पट्टादुर से।

पोषक तत्व फेफडों को बनाते हैं स्वस्थ (Lung Health)

डॉ. सुषमा पट्टादुर बताती हैं, ‘प्लांट बेस्ड फ़ूड फेफड़ों के स्वास्थ्य को कई तरह से लाभ पहुंचा सकते हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व शामिल होते हैं, जो फेफड़ों स्वस्थ बनाये रखने में मदद करते हैं।
प्लांट-बेस्ड फ़ूड में आमतौर पर पोषक तत्वों से भरपूर संपूर्ण खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज शामिल होते हैं। ये विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं। जो श्वसन स्वास्थ्य सहित समग्र शरीर को लाभ पहुंचाते हैं।

कम करते हैं सूजन (Inflammation)

डॉ. सुषमा पट्टादुर के अनुसार, यदि श्वसन प्रणाली में किसी प्रकार की सूजन है, तो इसे कम करने में ये आहार मदद कर सकते हैं। प्लांट-बेस्ड फ़ूड फाइबर से भरपूर होते हैं, जो फेफड़ों के कार्य में सकारात्मक सुधार में मदद करते हैं। फाइबर हेल्दी इंटेस्टिनल माइक्रोबायोम को बढ़ावा देता है, जो इम्यून सिस्टम और सांस के मार्ग की बीमारियों को दूर करता है।
सब्जियां, फल, साबुत अनाज, फलियां, नट, और सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ एंटीऑक्सिडेंट्स और अन्य फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होते हैं, जो एंटी इन्फ्लामेट्री होते हैं। ये फेफड़ों को प्रदूषण, धूम्रपान और अन्य पर्यावरणीय कारकों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

 इन खाद्य पदार्थों को आहार में करें शामिल

फ्लैक्ससीड्स, चिया बीज और अखरोट (Flax seeds for Lung Health) 

फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी फैट शामिल करें। फ्लैक्ससीड्स, चिया बीज, अखरोट और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ओमेगा -3 फैटी एसिड जैसे हेल्दी फैट फेफड़ों में सूजन को कम करने और श्वसन क्रिया में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। खूब फल और सब्जियां खाएं। इनमें अधिक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं।

टोफू और टेम्पेह जैसे हाई प्रोटीन स्रोत (Tofu and Tempeh) 

फलियां, नट, बीज, और सोया उत्पाद जैसे टोफू (Tofu) और टेम्पेह (Tempeh) पौधे-आधारित प्रोटीन के मुख्य स्रोत हैं, जो फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

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टोफू फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

टमाटर, ब्लूबेरी का सेवन (Tomato and Blueberry) 

खूब पानी पीने से श्वसन तंत्र को ठीक से काम करने में मदद मिल सकती है। इससे फेफड़ों के संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है। अपने आहार में ऐसे फ्रूट्स और सलाद को शामिल करें, जिनमें पानी भरपूर हो। टमाटर, खीरा, तरबूज, खरबूज के अलावा ब्लूबेरी के सेवन को भी बढायें।

प्रोसेस्ड फ़ूड से बचें (Avoid Processed Food) 

प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे कि परिष्कृत अनाज, शक्करयुक्त पेय और पैकेज्ड स्नैक्स सूजन को बढ़ा सकते हैं। ये फेफड़ों के खराब स्वास्थ्य में योगदान कर सकते हैं। इनसे बचें और ताज़ा प्लांट बेस्ड फ़ूड खाएं

ताज़ा प्लांट बेस्ड फ़ूड  को अपने आहार में शामिल करें। चित्र : शटर स्टॉक

नियमित रूप से व्यायाम करें (Exercise) 

नियमित व्यायाम से फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ सकती है। योग और गहरी सांस लेने के व्यायाम जैसी गतिविधियों को शामिल करना भी फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है

अंत में

शाकाहार फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये आहार शरीर के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व दे रहे हैं या नहीं। संतुलित भोजन फेफड़े के साथ-साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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