और पढ़ने के लिए
ऐप डाउनलोड करें

अगले छह महीनों में बच्चों की देखभाल होगी कोविड-19 प्रबंधन की प्राथमिकता

Published on:12 July 2021, 20:00pm IST
सोमवार को केंद्रीय स्वासथ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऑक्सीजन संयत्र का उदघाटन करने के दौरान माना कि हम अगली प्राथमिकता बच्चों को बेहतर देखभाल मुहैय करवाना है।
भाषा
  • 87 Likes
school khulne se pahle bachcho ka vaccination zaruri hai
बच्चों का ध्यान रखना है बेहद ज़रूरी। चित्र:शटरस्टॉक

कोविड-19 की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा अंदेशा बच्चों को लेकर है। ज्यादातर विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि आने वाला समय बच्चों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोविड-19 से निपटने की तैयारियों में ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की देखभाल को प्राथमिकता पर लाना शुरू कर दिया है। सोमवार को केंद्रीय स्वासथ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऑक्सीजन संयत्र का उदघाटन करने के दौरान माना कि हम अगली प्राथमिकता बच्चों को बेहतर देखभाल मुहैय करवाना है।

क्या कहा स्वास्थ्य मंत्री ने 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा कि हाल में मंजूर हुए 23 हजार करोड़ रुपये के कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया पैकेज से सरकार ने एक समग्र योजना के तहत अगले छह महीनों में सभी अस्पतालों में बच्चों की देखभाल के लिये क्षमता निर्माण के उद्देश्य से पर्याप्त प्रावधान किए हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री भावनगर में सरकार द्वारा संचालित सर तख्तसिंहजी अस्पताल में 1000 एलपीएम (लीटर प्रतिमिनट) की क्षमता वाले दो ऑक्सीजन संयंत्रों के डिजिटल उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। दीनदयाल बंदरगाह न्यास ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत 2.53 करोड़ रुपये की लागत से यह संयंत्र स्थापित करवाया है।

तीसरी लहर है चुनौती

कोविड-19 की लगातार चुनौती पर उन्होंने कहा, “हमने दूसरी लहर से काफी कुछ सीखा है, जैसे ऑक्सीजन आपूर्ति, अस्पताल में बिस्तर और दवाएं। हमनें अब यह सुनिश्चित किया है कि सभी जिलों में जरूरी चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिये पर्याप्त कोष रहे।”

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया के लिये 23 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी है जिसके जरिये अगले छह महीनों में एक समग्र योजना और क्षमता निर्माण पर काम किया जा रहा है।

बच्चों की देखभाल है प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में उन्हें उद्धृत करते हुए कहा गया, “हमनें सभी अस्पतालों में बच्चों की देखभाल के लिये पर्याप्त प्रावधान किए हैं जिससे उन्हें सबसे प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। हम राज्य और केंद्र के स्तर पर एक बफर स्टॉक की व्यवस्था विकसित कर रहे हैं जिसे किसी स्वास्थ्य संकट की स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है।”

कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां की जा रहीं हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां की जा रहीं हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

 

बयान के मुताबिक, देश के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिये पर जोर देते हुए मंडाविया ने कहा कि भारत खुद को कोविड-19 से सुरक्षित रखने के लिए “समग्र समाज के दृष्टिकोण के माध्यम से लोक भागीदारी की भावना से काम कर रहा है।

बढ़ाई है ऑक्सीजन क्षमता

उन्होंने कहा, “यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र के हितधारकों के बीच परस्पर सहयोग का प्रमाण है कि हमने अपनी ऑक्सीजन क्षमता को कुछ ही समय में 4000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 12000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया है।”

मंडाविया ने केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में दो पीएसए संयंत्रों का उद्घाटन किया।

यह भी पढ़ें – कोरोना वायरस की दुनिया में जन्मा एक नया वेरिएंट, नाम रखा गया है ‘कप्पा’