कोविड-19 की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा अंदेशा बच्चों को लेकर है। ज्यादातर विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि आने वाला समय बच्चों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोविड-19 से निपटने की तैयारियों में ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की देखभाल को प्राथमिकता पर लाना शुरू कर दिया है। सोमवार को केंद्रीय स्वासथ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऑक्सीजन संयत्र का उदघाटन करने के दौरान माना कि हम अगली प्राथमिकता बच्चों को बेहतर देखभाल मुहैय करवाना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा कि हाल में मंजूर हुए 23 हजार करोड़ रुपये के कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया पैकेज से सरकार ने एक समग्र योजना के तहत अगले छह महीनों में सभी अस्पतालों में बच्चों की देखभाल के लिये क्षमता निर्माण के उद्देश्य से पर्याप्त प्रावधान किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री भावनगर में सरकार द्वारा संचालित सर तख्तसिंहजी अस्पताल में 1000 एलपीएम (लीटर प्रतिमिनट) की क्षमता वाले दो ऑक्सीजन संयंत्रों के डिजिटल उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। दीनदयाल बंदरगाह न्यास ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत 2.53 करोड़ रुपये की लागत से यह संयंत्र स्थापित करवाया है।
कोविड-19 की लगातार चुनौती पर उन्होंने कहा, “हमने दूसरी लहर से काफी कुछ सीखा है, जैसे ऑक्सीजन आपूर्ति, अस्पताल में बिस्तर और दवाएं। हमनें अब यह सुनिश्चित किया है कि सभी जिलों में जरूरी चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिये पर्याप्त कोष रहे।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया के लिये 23 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी है जिसके जरिये अगले छह महीनों में एक समग्र योजना और क्षमता निर्माण पर काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में उन्हें उद्धृत करते हुए कहा गया, “हमनें सभी अस्पतालों में बच्चों की देखभाल के लिये पर्याप्त प्रावधान किए हैं जिससे उन्हें सबसे प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। हम राज्य और केंद्र के स्तर पर एक बफर स्टॉक की व्यवस्था विकसित कर रहे हैं जिसे किसी स्वास्थ्य संकट की स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है।”
बयान के मुताबिक, देश के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिये पर जोर देते हुए मंडाविया ने कहा कि भारत खुद को कोविड-19 से सुरक्षित रखने के लिए “समग्र समाज के दृष्टिकोण के माध्यम से लोक भागीदारी की भावना से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा, “यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र के हितधारकों के बीच परस्पर सहयोग का प्रमाण है कि हमने अपनी ऑक्सीजन क्षमता को कुछ ही समय में 4000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 12000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया है।”
मंडाविया ने केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में दो पीएसए संयंत्रों का उद्घाटन किया।
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