40 पार कर रहीं हैं, तो दिल की सेहत जांचने के लिए जरूर करवाएं ये 5 टेस्ट 

आपके दिल में किसी तरह की समस्या है, यह जांचने के लिए कई तरह के हार्ट चेकअप्स होते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन परीक्षणों से हार्ट हेल्थ के बारे में सही जानकारी मिलती है। आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं वे?

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हार्ट संबंधी समस्याओं को जानने के लिए जरूरी हार्ट चेकअप अवश्य कराएं। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 12 September 2022, 10:00 am IST
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इन दिनों हार्ट डिजीज की समस्या बहुत बढ़ गई है। हम बाहरी तौर पर स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन डॉक्टर से कंसल्ट करने पर दिल की बीमारी का पता चलता है। इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यदि आपको दिल में किसी भी तरह की समस्या का संदेह हो, तो बिना देर किए अच्छे कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें। वे आपको कई तरह के परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। इन परीक्षणों से आपको पता चल पाएगा कि आपके दिल में किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं है। 

हार्ट हेल्थ की जांच के लिए परीक्षण

किसी समस्या के बारे में अगर आप समय रहते जान जाती हैं, तो उसका उपचार और गंभीरता से बचाव आसान हो जाता है। हार्ट हेल्थ या हार्ट प्रॉब्लम के बारे में जानने के लिए कई तरह के परीक्षण (Heart Health tests) होते हैं। इसलिए हमें उनके बारे में जरूर जानना चाहिए। हार्ट हेल्थ की जांच के लिए कौन-कौन से परीक्षण किए जाते हैं, यह जानने के लिए हमने बात की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार से।

यहां हैं हार्ट हेल्थ के बारे में बताने वाले हार्ट चेक अप्स

डॉ. नीरज कुमार कहते हैं, ‘हार्ट हेल्थ के बारे में जानने के लिए ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राफी, ट्रेडमिल टेस्ट, स्ट्रेस ईको, स्ट्रेस एमपीआई हॉल्टर मोनिटरिंग, कोरोनरी एंजियोग्राफी किए जाते हैं। इनके अलावा लिपिड प्रोफाइल, सीबीसी, केएफटी, टीएसएच जांच की भी मदद ली जाती है। कार्डिएक एरिथमियाज के लिए इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी किया जाता है।’ 

यहां 5 प्रमुख हार्ट हेल्थ चेकअप के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें आपको समय-समय पर विशेषज्ञ परामर्श से करवा लेना चाहिए- 

  1. इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)

दिल की धड़कन तेज होने, हार्ट वाल्व के फंक्शन की जांच करने और हार्ट के ओवरऑल फंक्शन का आकलन करने के लिए यह परीक्षण किया जाता है। यह परीक्षण तब किया जा सकता है, जब आप आराम कर रही होंगी या हार्ट बीट को बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज कर रही होंगी।

इसमें साउंड वेब का प्रयोग कर हार्ट इमेज को बनाया जाता है। इस सामान्य परीक्षण के माध्यम से डॉक्टर यह पता लगाने में समर्थ हो पाता है कि हार्ट बीट किस तरह से हो रही है। दिल में ब्लड किस तरह मूव कर रहा है। हार्ट मसल्स और हार्ट वाल्व में आई परेशानी या असमान्यता को इकोकार्डियोग्राम के इमेज पता लगा लेते हैं। 

  1. ट्रान्ससोफेगल इकोकार्डियोग्राफी या टीईई (Transesophageal echocardiography )

हार्ट वाल्व फंक्शन का आकलन करने, हार्ट वाल्व में यदि किसी प्रकार की बीमारी है, तो उसे फॉलो करने के लिए यह परीक्षण किया जाता है। हार्ट में ब्लड क्लॉट जांचने के लिए भी यह किया जाता है। 

इसमें हाई फ्रीक्वेंसी साउंड वेब अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके हार्ट और आर्टरीज की विस्तृत तस्वीरें बनाई जाती हैं। टीईई के लिए साउंड वेब का प्रोडक्शन करने वाला इको ट्रांसड्यूसर एक पतली ट्यूब से जुड़ा होता है। यह मुंह से अंदर गले से नीचे भोजन नली (esophagus)से गुजरता है। यह हार्ट के ऊपरी चेंबर के काफी करीब होता है।

  1. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या ईसीजी (Electrocardiogram)

हार्ट रिद्म में परिवर्तन को मॉनीटर करने, हार्ट अटैक की जांच करने के लिए यह किया जाता है।

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हृहार्ट रिद्म में परिवर्तन को मॉनीटर करने के लिए ईसीजी कराया जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

दिल की दो प्रकार की जानकारी लेने के लिए धड़कन की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को मापा जाता है। सबसे पहले डॉक्टर ईसीजी पर टाइम इंटरवल को मापते हैं। इसके बाद वह निर्धारित करते हैं कि इलेक्ट्रिकल वेब हार्ट के एक भाग से दूसरे भाग तक जाने में कितना समय लेती है। इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिकल मूवमेंट सामान्य रहा या धीमा, तेज या फिर अनियमित रहा।

दूसरा, हार्ट मसल्स से गुजरने वाली इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की मात्रा को मापकर कार्डियोलॉजिस्ट यह पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं कि हार्ट का कौन सा हिस्सा अधिक काम कर रहा है और कौन कम?

  1. मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग या एमआरआई (Magnetic resonance imaging)

हार्ट स्ट्रक्चर का आकलन, हार्ट मसल्स के अंदर स्कार टिश्यू की जांच और हार्ट वाल्व के कार्य का आकलन करने के लिए यह परीक्षण किया जाता है। शरीर के अंदर अंगों और संरचनाओं की विस्तृत तस्वीरें लेने के लिए मैग्नेटिक फील्ड और रेडियोफ्रीक्वेंसी वेब का उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग दिल और ब्लड वेसल्स की जांच करने के लिया किया जाता है। साथ ही, स्ट्रोक से प्रभावित ब्रेन एरिया की पहचान करने के लिए भी किया जाता है।

  1. सीटी स्कैन (CT scan)

हार्ट स्ट्रक्चर का आकलन, कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए यह परीक्षण किया जाता है।

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सीटी स्कैन से आर्टरी ब्लोकेज का पता चल जाता है। चित्र: शटरस्टॉक

एक्स-रे इमेजिंग टेक्निक हार्ट की क्रॉस-सेक्शनल इमेज बनाने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करती है। यह कार्डियेक कंप्यूटेड टोमोग्राफी, कम्प्यूटराइज्ड एग्जियल टोमोग्राफी या सीएटी स्कैन के रूप में भी जाना जाता है। इसका उपयोग हार्ट और ब्लड वेसल्स में मौजूद समस्याओं की जांच के लिए किया जा सकता है। इसका उपयोग यह जानने के लिए भी किया जाता है कि स्ट्रोक से ब्रेन के ब्लड वेसल्स प्रभावित हुए हैं या नहीं।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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