आपकी हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है दही-चिवड़ा, एक्सपर्ट से जानिए सेहत पर इसका प्रभाव

सुबह के नाश्ते में लिया जाने वाला दही चिवड़ा मकरसंक्रांति के अवसर पर देश भर में खाया जाता है। यह हृदय रोग से बचाव करता है। पर किस तरह दही चिवड़ा खाया जाना हेल्थ के लिए सबसे सही है, बता रही हैं एक्सपर्ट।

dahi aur chawal ke fayde
मकरसंक्रांति के अवसर पर देश भर में सबसे अधिक दही-चिवड़ा खाया जाता है। यह एक ऐसा भोजन है, जिसे आप नाश्ते और भोजन में भी खा सकती हैं। चित्र:शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 12 January 2023, 20:00 pm IST
  • 125
इस खबर को सुनें

मकरसंक्रांति के अवसर पर देश भर में सबसे अधिक दही-चिवड़ा खाया जाता है। यह एक ऐसा भोजन है, जिसे आप नाश्ते और भोजन में भी खा सकती हैं। कंट्रोल्ड पोर्शन में इसे चाहें तो स्नैक के रूप में भी ले सकती हैं। यदि घर में जल्दी कुछ कुक नहीं किया जा सकता, तो दही-चिवड़ा बेस्ट आप्शन के रूप में सामने आता है। दरअसल यह भोजन न सिर्फ पेट भरता है, बल्कि पचाने में भी आसान है। यह दिन भर आपको एनेर्जेटिक भी बनाये रखता है। पर इसे खाने का सही तरीका आना चाहिए। दही चिवड़ा को गुड़ या नमक या किसी और चीज़ के साथ (Dahi Chura Benefits) खाना बेस्ट है? आइये एक्सपर्ट से जानते हैं। पारस अस्पताल, गुरुग्राम में चीफ डायटीशियन डॉ. नेहा पठानिया ने इस बारे में विस्तार से बताया।

पारम्परिक नाश्ता है दही चिवड़ा

डॉ. नेहा पठानिया बताती हैं, दही-चिवरा पेट भरने वाला और स्वादिष्ट भोजन है। यह भरपूर ऊर्जा देता है, जिससे दिन की शुरुआत अच्छी तरह की जा सकती है। इसलिए आबादी का बड़ा हिस्सा अभी भी नाश्ते के लिए पारंपरिक रूप से दही और चिवड़ा खाता है। दलिया जैसा दिखने वाला यह भोजन अक्सर चीनी, नमक या गुड़ के साथ परोसा जाता है। यह सबसे पौष्टिक भारतीय नाश्ता है।

दस्त (Diarrhea)  होने पर किन चीज़ों के साथ खाना फायदेमंद है दही चिवड़ा

यदि आप वजन कम (Dahi Chiwra for Weight Loss) करने वाले आहार ले रही हैं, तो लो कैलोरी होने के कारण यह फायदेमंद है। यदि आपको जौंडिस (Jaundice) हो गया है या या दस्त(Diarrhea) हो रहे हैं, तो अनार और पुदीना भी इसमें जोड़ सकती हैं। अनार और पुदीना दोनों मिलकर इस भोजन को और अधिक फायदेमंद बनाते हैं। यदि इसमें पका हुआ केला मिला दिया जाए, तो यह काफी भारी डिनर बन सकता है। यह न सिर्फ पेट के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि बोवेल मूवेमेंट में भी मदद करेगा।

नमक के साथ चिवड़ा दही

नमक के साथ चिवड़ा दही खाया जा सकता है। लेकिन नमक की मात्रा बहुत अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आप रात में इस भोजन का सेवन कर रही हैं, तो नमक मिलाना फायदेमंद है। क्योंकि यह पाचन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। नमक एंटी बैक्टीरियल गुणों वाला होता है, जो बैक्टीरियल ग्रोथ को रोकता है।

गुड़ के साथ चिवड़ा दही (Chura Dahi With Jaggery) 

चिवड़ा दही के साथ थोड़ा-सा गुड़ मिलाने से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त होता है। यह शरीर के तापमान को भी बनाए रखता है। दही के साथ गुड़ मिलाकर खाने से एनीमिया जैसी बीमारी से बचाव होता है। दही और गुड़ के कारण हमें देर से भूख लगती है। इनका एक साथ सेवन रोजाना किया जा सकता है।

Gud kai tarah ke poshak tatv pradan krta hai
चिवड़ा दही के साथ थोड़ा-सा गुड़ मिलाने से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त होता है।चित्र अडोबी स्टॉक

सबसे अधिक स्वास्थ्यकर है गन्ने के रस के साथ दही चिवड़ा का सेवन

दही चिवड़ा को गन्ने के रस के साथ मिलाकर खाना सबसे अधिक फायदेमंद है। यदि आप दही-चिवरे को गन्ने के रस के साथ लेती हैं, तो फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ को भी मजबूत बनाता है।
1. यह मस्तिष्क की ग्लूकोज आपूर्ति में सुधार करता है। इसके अतिरिक्त यह ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है और पूरे दिन हाइड्रेटेड रखता है।

2. यह इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम को शांत करता है।

3. पुलाव या फ्राइड राइस जैसे खाद्य पदार्थों की तुलना में इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है।

4. दही के प्रोबायोटिक्स, स्वस्थ वसा और एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करने में सहायता करते हैं।

dahi ke fayde

दही के प्रोबायोटिक्स एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करने में सहायता करते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

5. यह तत्काल ऊर्जा बढ़ाता है। यह अधिक समय तक पेट भरा रखने के अलावा, पाचन तंत्र को भी मदद करता है। बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करने के कारण यह हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है।

6 यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो चीनी के साथ दही चिवड़ा का सेवन ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। लेकिन डायबिटीज के मरीज के लिए ज्यादा मात्रा में गुड़ या गन्ने का रस लेना भी जोखिम भरा हो सकता है। यदि आप दही चिवड़ा का सेवन करना चाहती हैं, तो नमक के साथ ले सकती हैं। ये आपके लिए सेफ होगा।

यह भी पढ़ें :-उम्र भी लंबी करती हैं मूंगफलियां, जानिए क्या है इन्हें खाने का सबसे हेल्दी तरीका

  • 125
लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
nextstory

हेल्थशॉट्स पीरियड ट्रैकर का उपयोग करके अपने
मासिक धर्म के स्वास्थ्य को ट्रैक करें

ट्रैक करें