त्योहारों का सीजन है खाने और खिलाने का सीजन, पचाने के लिए इन 3 आयुर्वेदिक उपायों पर करें भरोसा 

त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। अधिक खाने-पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इस समस्या के निदान के लिए यहां हैं एक्सपर्ट के बताये 3 आयुर्वेदिक टिप्स।

ayurved control karta hai apach
आयुर्वेद में गैस और एसिडिटी को दूर करने के लिए कई उपाय बताये गए हैं। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 24 September 2022, 09:30 am IST
  • 127

शारदीय नवरात्रि यानी दुर्गा पूजा के साथ ही त्योहारों का मौसम शुरू हो जाएगा। फूडीज के लिए इन त्योहारों में सबसे बड़ी समस्या होती है गैस और एसिडिटी की। इन समस्याओं के कारण घर में अक्सर कोई न कोई परेशान रहता है। यदि त्योहार को एंजॉय करना है, तो इन समस्याओं से निपटने की जानकारी पहले से रखनी होगी। इससे त्योहार के दिनों में आप और आपके परिवार की गट हेल्थ दुरूस्त रहेगी। आयुर्वेद गैस और एसिडिटी को पित्त दोष मानता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपच, गैस और एसिडिटी को कंट्रोल करने के लिए इन 3 उपायों (ayurvedic remedies for digestion) पर गौर करें। 

आयुर्वेद में गैस और एसिडिटी की समस्या का निदान बताया गया है। आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. चैताली अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में सिर्फ 3 आयुर्वेदिक उपाय बता रही हैं, जिनसे आपको गैस और एसिडिटी की समस्या से तुरंत राहत मिल सकती है।

पहले जानते हैं गैस और एसिडिटी की समस्या के बारे में क्या कहता है आयुर्वेद

आयुर्वेद में इसे पित्त दोष कहा जाता है। शरीर में पित्त दोष बढ़ने के कारण ही गैस और एसिडिटी की समस्या होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। इसमें खराब खानपान, अधिक तीखे, खट्टे, तेल-मसालेदार भोजन के सेवन से यह समस्या होती है। कई गैस बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि चना, उड़द, मटर, छोले चना, गोभी के सेवन से भी यह समस्या हो सकती है। 

पानी कम पीने, नींद पूरी न होने के कारण भी गैस और एसिडिटी हो सकती है। एसिडिटी को कम करने के लिए बढ़े हुए पित्त को बैलेंस किया जाता है। इससे कब्ज, एसिड रिफ्लक्स आदि से भी छुटकारा मिल जाता है।

तो जानिए कैसे आप इस समस्या को कंट्रोल कर सकती हैं। 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Dr.Chaitali👩‍⚕️ (@eterny_ayurveda)

1 भोजन के बाद चबाएं सौंफ और मिस्री

सौंफ में फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और मैंगनीज मौजूद होता है। इससे केवल मुंह में फ्रेशनेस ही नहीं आती है, बल्कि यह पाचन क्रिया को भी एक्टिव कर देता है। इससे भोजन जल्दी पच जाता है और गैस-एसिडिटी की समस्या से राहत भी मिल जाती है। मिस्री या रॉक शुगर डायजेशन को एक्टिव कर देता है।

saunf aur mishri ke fayde
सौंफ और मिश्री को एक साथ खाने से गैस और एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है। चित्र: शटरस्टॉक

भोजन करने के बाद 1 टी स्पून सौंफ और हाफ टी स्पून मिस्री के सेवन से एसिडिटी और गैस में राहत मिल जाती है। यदि डायबिटीज है, तो मिस्री न लें।

2 कॉरिएंडर टी है लाभदायक

धनिया में बीटा केरोटिन, विटामिन ए, फॉलिक एसिड और विटामिन सी मौजूद होता है। यह हेल्दी डाइजेशन को बढ़ाता है। यदि गैस के कारण पेट में दर्द हो रहा है, तो यह तुरंत राहत पहुंचाता है।

dhaniya ke fayade
धनिया की चाय पीने से एसिडिटी में फायदा मिलता है। चित्र: शटरस्टॉक

लो फ्लेम पर 1 टीस्पून धनिया को 1 कप पानी के साथ पांच मिनट तक उबालें। इस चाय को पीने से तुरंत गैस और एसिडिटी में राहत मिलती है।

भिगोई हुई काली किशमिश खाएं

काली किशमिश में पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह बॉडी में मिनरल्स के एब्जॉर्बशन को बढ़ा देता है और पाचन की सभी समस्याओं को दूर कर देता है।

इसके लिए काली किशमिश को रात भर पानी में भिगो कर रख दें।

सुबह खाली पेट 10-12 दानों को खाने से गैस और एसिडिटी में राहत मिलती है।

यह भी पढ़ें:-हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है हिलसा, दुर्गा पूजा पर बांग्लादेश से आई भारत के लिए सौगात

  • 127
लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
nextstory