इस मौसम में आपको ज्यादा परेशान कर सकता है ऑस्टियोआर्थराइटिस? जानिए इसे रोकने के 5 तरीकें

Published on: 18 November 2021, 12:30 pm IST

ऑस्टियोआर्थराइटिस सभी आयु के लोगों में आम हो गया है। इसलिए इसके लक्षण, कारण और इससे बचाव के उपायों के बारे में जानना जरूरी है।

Osteoarthritis se bachne ke upaay
हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए इन बातों का ख्याल रखें। चित्र:शटरस्टॉक

घिसने से रत्न चमक जाते हैं, लेकिन यह घर्षण आपकी हड्डियों के लिए ठीक नहीं है। रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए आपके जोड़ों में घर्षण पैदा होता है, जो आपकी हड्डियों को प्रभावित करता है। आखिरकार, इस तनाव से जोड़ों में सूजन या तकलीफ हो जाती है।

जिसे आमतौर पर गठिया (arthritis) के रूप में जाना जाता है। जो लोग इस स्थिति से पीड़ित हैं वे विभिन्न प्रकार के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। इनमें से कुछ हैं: जोड़ों में दर्द, जकड़न, लालिमा, गर्मी, सूजन, और प्रभावित जोड़ों के मूवमेंट में कमी। गठिया का सबसे आम रूप ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) है, जो हाथ, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ जैसे क्षेत्रों पर हमला करता है।

हालांकि पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस बुजुर्गों में प्रचलित है। मगर हाल के वर्षों में यह 25-40 की उम्र के बीच के लोगों में आम हो गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के अनुसार, यह विटामिन डी की कमी से संबंधित है।

कई कारक गठिया के विकास को प्रभावित करते हैं। यह जेनेटिक कारक, लिंग, या वजन संबंधी भी हो सकते हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के कुछ सामान्य लक्षण क्या हैं?

जोड़ों में दर्द और जकड़न ऑस्टियोआर्थराइटिस के सबसे आम लक्षण हैं। बेचैनी या अधिक परेशानी का अनुभव होना मतलब परिस्थिति अधिक बिगड़ रही है। आराम के बाद जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है। लेकिन यह आमतौर मूवमेंट के कारण ठीक हो जाता है। आमतौर पर लोग प्रभावित क्षेत्रों में सूजन भी दिखाई देने लगती है। 

अन्य सामान्य लक्षण हैं, लचीलेपन खोना और बोन स्पर्स का निर्माण होना। ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण बिना किसी स्पष्ट कारण के बदल सकते हैं। कभी-कभी, आपकी गतिविधियों के अनुसार इसके लक्षण बदल सकते हैं। 

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घर से काम करना आपकी बोन हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहा है। चित्र: शटरस्टॉक

क्या हैं ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण? 

मानव शरीर अपनी रक्षा स्वयं करता है। हड्डियों के जोड़ों में कार्टिलेज टिशू मौजूद होता है। हड्डियों के सिरों पर कार्टिलेज कुशन के समान घर्षण को रोकने में मदद करता है। लेकिन समय के साथ इसके नुकसान से दर्द और गति की सीमा कम होने लगती है। इसकी क्षति और खिंचाव का प्रभाव समय के साथ बढ़ने लगता है, जो चोट या बीमारी के कारण तेज हो सकता है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस हड्डियों के साथ ही कार्टिलेज टिशू को भी प्रभावित करता है, जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ते हैं।  यदि यह बहुत क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो जोड़ की परत में सूजन हो सकती है।

पारिवारिक इतिहास यानि जेनेटिक्स भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि परिवार में इस पीड़ा का इतिहास रहा हो, तो संभावना है कि बच्चा जन्म से ही इससे पीड़ित हो सकता है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने के कुछ तरीके 

1. मछली का सेवन

मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है। इसमें पॉलीअनसेचुरेटेड फैट के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। शरीर में सूजन को कम करने की इसकी क्षमता ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। इसके अलावा, मछली के सेवन से ऑस्टियोआर्थराइटिस विकसित होने की संभावना कम हो जाती है। ओमेगा-3 से भरपूर मछली जैसे सैल्मन, ट्राउट, मैकेरल और सार्डिन को सप्ताह में दो बार खाने की सलाह दी जाती है।

2. अपना वजन नियंत्रित करें

वजन का भार उठाने वाले जोड़ जैसे कूल्हे और घुटने अतिरिक्त पाउंड से तनावग्रस्त होते हैं। प्रत्येक पाउंड के साथ कूल्हे और घुटने के जोड़ों पर गहरा दबाव पड़ता है। स्वस्थ वजन वाली महिलाओं की तुलना में अधिक वजन वाली महिलाओं में ऑस्टियोआर्थराइटिस विकसित होने की संभावना लगभग चार गुना अधिक होती है। नियंत्रित वजन और स्वस्थ आहार बीमारियों के कारण होने वाली किसी भी परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है।

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वज़न घटाने पर दर्द से राहत मिल सकती है। चित्र-शटरस्टाक

3. नियमित रूप से व्यायाम करें

व्यायाम करने से मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। जब मांसपेशियां मजबूत होती हैं, तो वे जोड़ों पर भार के तनाव को संभालने में मदद कर सकती हैं। यह उन्हें स्थिर रखने और उन्हें और खराब होने से बचाने में मदद करता है। एरोबिक एक्सरसाइज जैसे चलना या तैरना, मजबूत व्यायाम के साथ खींचना भी लचीलेपन और गति की सीमा को नियंत्रण में रखने के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

4. रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करें

मधुमेह ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक के रूप में जाना जाता है। रक्त में ग्लूकोज का उच्च स्तर कार्टिलेज को सख्त कर सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने के लिए ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करना फायदेमंद होता है। चीनी का सेवन आमतौर पर सूजन को बढ़ाने के लिए जाना जाता है जो कार्टिलेज टिशू के नुकसान को तेज कर सकता है।

5. दर्द पर ध्यान दें

यदि व्यायाम या परिश्रम के बाद एक से दो घंटे तक जोड़ों का दर्द बना रहता है, तो जोड़ को आराम देना आवश्यक है। गर्म और ठंडे पैक के इस्तेमाल से दर्द से राहत मिलती है। यदि दर्द की आवृत्ति बनी रहती है, तो किसी चिकित्सक द्वारा मूल्यांकन कराने पर विचार करना फायदेमंद होगा।

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ऑस्टियोअर्थराइटिस में बोन डेंसिटी कम होने लगती है। चित्र: शटरस्टॉक

अंत में इन बातों का भी ख्याल रखें 

यदि आपको ऑस्टियोआर्थराइटिस के किसी भी संभावित लक्षण का अनुभव हो रहा है, तो किसी विशेषज्ञ से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। इस स्वास्थ्य स्थिति से उबरने के लिए आर्थोस्कोपी, कार्टिलेज रिपेयर, ओस्टियोटमी और नी आर्थ्रोप्लास्टी जैसी कई सर्जिकल मरम्मत का विकल्प उपलब्ध है। 

एक चिकित्सा विशेषज्ञ के साथ परामर्श आपको इस स्थिति की तीव्रता के आधार पर सही शल्य प्रक्रिया को समझने में मदद करेगा।

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