हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए आपको दूर कर लेने चाहिए एचआईवी से जुड़े ये मिथ्स 

Published on:23 July 2022, 16:35pm IST

सेफ सेक्स के लिए जरूरी है कि एचआईवी-एड्स से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स जान लें। जानकारी के अभाव में ही लोग अनप्रोटेक्टेड सेक्स करते हैं और एचआईवी - एड्स के शिकार हो जाते हैं।

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एचआईवी किसी को भी हो सकता है। कोई भी जो असुरक्षित यौन संबंध बनाता है, उसे यह सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) हो सकती है। माता-पिता से यह रोग बच्चे में भी जा सकता है। समाज में एचआईवी को लेकर कई भ्रांतियां और मिथ्स भी हैं। दुर्भाग्य से बहुत पढ़े-लिखे लोग भी इस तरह के मिथ्स के शिकार हैं। जानकारी और जागरुकता के अभाव में आप किसी तरह की समस्या से ग्रस्त न हों, इसलिए जरूरी है कि आप अभी से इन मिथ्स को दूर कर लें। 

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1 मिथ :एचआईवी होने का मतलब है कि आपको एड्स है  फैक्ट: ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) शरीर की CD4 इम्यून सेल्स को नष्ट कर देता है, जो बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। यदि सही दवा मिले, तो एचआईवी पॉजिटिव होने के बावजूद शरीर में एड्स के लक्षण नहीं वर्षों या दशकों तक दिखाई नहीं दे सकता हहै। AIDS (acquired immunodeficiency syndrome) का इलाज तब किया जाता है, जब एचआईवी के साथ-साथ संक्रमण के कारण दूसरे रोगों के लक्षण दिखने लगते हैं या आपकी सीडी 4 सेल की संख्या 200 से कम हो जाती है।

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2 मिथ: एक बार सेक्स करने से एचआईवी नहीं फैलता  फैक्ट : किसी से गले मिलने, एक ही तौलिये का उपयोग करने या एक ही गिलास साझा करने से एचआईवी नहीं फैल सकता है। ब्लड की जांच अच्छी तरह कर लेने के कारण ब्लड ट्रांसफ्यूजन से एचआईवी फैलने की आशंका कम होती है। पर संक्रमित व्यक्ति से एक बार भी बनाया गया असुरक्षित यौन संबंध आपको यह जोखिम दे सकता है। इसके अलावा नीड्ल शेयर करने, या अनस्टेरिलाइज्ड इक्विपमेंट से टैटू बनवाने से यह बीमारी हो सकती है।

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3 मिथ: जीने के लिए कुछ साल ही बचे हैं फैक्ट: इन दिनों एचआईवी दवाएं उपलब्ध होने के कारण बहुत से लोग दशकों तक एचआईवी के साथ रह रहे हैं। अपने डॉक्टर से नियमित रूप से मिलने, दवाएं लेने और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करके एचआईवी को एड्स में बदलने से रोका जा सकता है।

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4 मिथ: सिर्फ लक्षणों से एचआईवी होने की पुष्टि हो सकती है फैक्ट: कुछ लोगों में संक्रमण होने के बावजूद सालों तक एचआईवी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। फ्लू या मोनोन्यूक्लिओसिस के समान पहले लक्षण हो सकते हैं। इसमें बुखार, सूजन, लिम्फ नोड्स, गले में खराश, दाने और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। लक्षण कभी दिख भी सकते हैं, तो कभी बिल्कुल नहीं। एचआईवी होने का पता लगाने का एकमात्र तरीका परीक्षण करवाना है। एचआईवी पॉजिटिव को निमोनिया, तपेदिक, कैंडिडिआसिस, साइटोमेगालोवायरस और टोक्सोप्लाज़मोसिज़ जैसे संक्रमण हो सकते हैं।

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5मिथ: एचआईवी ठीक हो सकता है फैक्ट : एचआईवी का कोई इलाज नहीं है। ट्रीटमेंट कुछ हद तक वायरस लेवल को कंट्रोल कर सकता है और आपके इम्यून सिस्टम को बनाए रखने में मदद कर सकता है। सभी एचआईवी संक्रमित लोगों को इलाज शुरू करना चाहिए। इन दवाओं को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी कहा जाता है। डॉक्टर आपके लिए सही दवा बता सकते हैं।

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6 मिथ: दोनों पार्टनर को एचआईवी होने पर सेक्स सेफ होता है फैक्ट: यदि दोनों पार्टनर को एचआईवी है, तो भी यौन संबंध बनाते समय सुरक्षा के बारे में उन्हें नहीं भूलना चाहिए। कंडोम या अन्य लेटेक्स बैरियर का उपयोग आपको अन्य यौन संचारित रोगों के साथ-साथ एचआईवी के अन्य प्रकारों से बचाने में मदद कर सकता है। भले ही रोगी का इलाज चल रहा हो, लेकिन वह दूसरों को संक्रमित करने में सक्षम होता है।

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6 मिथ: दोनों पार्टनर को एचआईवी होने पर सेक्स सेफ होता है फैक्ट: यदि दोनों पार्टनर को एचआईवी है, तो भी यौन संबंध बनाते समय सुरक्षा के बारे में उन्हें नहीं भूलना चाहिए। कंडोम या अन्य लेटेक्स बैरियर का उपयोग आपको अन्य यौन संचारित रोगों के साथ-साथ एचआईवी के अन्य प्रकारों से बचाने में मदद कर सकता है। भले ही रोगी का इलाज चल रहा हो, लेकिन वह दूसरों को संक्रमित करने में सक्षम होता है।

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8 मिथ : आपको बीमा के बिना जीवन रक्षक दवाएं नहीं मिल सकतीं फैक्ट: सरकारी प्रोग्राम, एनजीओ और कुछ दवा कंपनियां हैं, जो एचआईवी और एड्स का इलाज करने वाली दवाओं की लागत को कवर करने में मदद कर सकती हैं। यह जानना जरूरी है कि एड्स की दवाएं काफी महंगी होती हैं। वित्तीय सहायता के बारे में जानने के लिए अपने स्थानीय एचआईवी और एड्स सेवा संगठन से बात करें।

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