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थयरॉइड बढ़ गया है, तो इन 6 खाद्य पदार्थों से रखें पूरी तरह से परहेज, और जानिए क्या खाना है ठीक

Published on:19 January 2025, 01:00pm IST

हरी फलियां और साबुत अनाज जैसे उच्च फाइबर वाले आहार सामान्य पाचन तंत्र के कार्यों और हाइपोथायरायडिज्म की दवा को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता में बाधा डाल सकते हैं।

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फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ

बीन्स, फलियां और सब्ज़ियों जैसे रेशेदार खाद्य पदार्थ हाइपोथायरायड के मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर सकते हैं। हरी फलियां और साबुत अनाज जैसे उच्च फाइबर वाले आहार सामान्य पाचन तंत्र के कार्यों और हाइपोथायरायडिज्म की दवा को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता में बाधा डाल सकते हैं। नतीजतन, साबुत हरी बीन फलियों से परहेज रखना चाहिए या इन्हे बेहद सिमित मात्रा में डाइट में शामिल करें।

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क्रूसिफेरस वेजिटेबल

बहुत सी क्रूसिफेरस सब्जियां आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं, पर थाइरोइड के मरीजों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कुछ क्रूसिफेरस सब्ज़ियों में अधिक मात्रा में गोइट्रोजन मौजूद होता है। अगर आपको थायराइड की समस्या है तो ब्रोकली, पालक, पत्तागोभी और फूलगोभी से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। यदि आप इन्हे खाना चाहती हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें, और इन्हे सिमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करें।

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फ्राइड और फैटी फूड्स

तले हुए खाद्य पदार्थों में अत्यधिक फैट होता है, जो थायराइड की दवा को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता में बाधा डाल सकते हैं। फैट थायराइड की थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करने की क्षमता को भी ख़राब कर सकता है। इसके अलावा, कैलोरी में उच्च वसायुक्त खाद्य पदार्थों को पचाना मुश्किल हो सकता है, खासकर उन्हें जिनकी मेटाबॉलिज्म धीमी है। हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति में, इससे वजन बढ़ सकता है। मक्खन, मेयोनेज़, मार्जरीन और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ, से परहेज करें।

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सोया युक्त खाद्य पदार्थ

सोया युक्त खाद्य पदार्थ शरीर की थायरॉयड दवा को ठीक से अवशोषित करने की क्षमता को बदल सकते हैं या उन्हें प्रभावित कर सकते हैं। सोया आधारित खाद्य उत्पादों में गोइट्रोजन की मात्रा पाई जाती है, जो थायरॉयड ग्लैंड में जलन पैदा कर सकते हैं। गोइट्रोजन एक प्रकार का कंपाउंड है, जो थायरॉयड ग्लैंड में सूजन का कारण बनता है। गोइट्रोजन का सेवन हाइपोथायरायडिज्म को बढ़ा सकता है। हाइपोथायरायडिज्म को नियंत्रित करने के लिए, लोगों को सोया आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन सक्रिय रूप से कम करना चाहिए। सोया चंक्स, टोफू या सोय मिल्क से परहेज करें।

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कैफीन की अधिकता

अगर आप चाय कॉफ़ी की शौकीन हैं, और आपको थयरॉइड की समस्या है, तो अब सचेत हो जाएं। अधिक मात्रा में कैफीन युक्त ड्रिंक्स लेने से यह थायरॉयड हार्मोन अवशोषण में बाधा डाल सकती है और थायरॉयड संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसलिए इनसे परहेज करें, और यदि इन्हे डाइट में शामिल करना चाहती हैं, तो इनकी नियमित मात्रा को नियंत्रित रखना बेहद जरुरी है।

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आर्टिफीसियल स्वीटनर

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि आर्टिफीसियल स्वीटनर थायरॉयड हॉर्मोन संबंधी समस्यायों को बढ़ा देती है। इसलिए उन्हें संयम से उपयोग करने की सलाह दी जाती है। वहीं यदि आवश्यकता न हो तो इनसे परहेज रखने का प्रयास करें।

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थायरॉयड मैनेजमेंट में मददगार हो सकते हैं फूड्स

आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ, मछली, डेयरी और आयोडीन युक्त नमक को नियमित डाइट में शामिल करें। नट्स, बीज और फलियों जैसे सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ लें। साबुत अनाज, नट्स और लीन मीट जैसे जिंक युक्त खाद्य पदार्थों की एक सिमित मात्रा को डाइट का हिस्सा बनाएं। साथ ही विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे मछली, दूध, अंडे, लीवर, बीन्स, बादाम और अनाज की सिमित मात्रा लें। ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी से एंटीऑक्सीडेंट की गुणवत्ता प्राप्त करना भी जरुरी है। कोकोनट ऑयल में फैटी एसिड होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म का समर्थन करते हैं।

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