दूध का स्वाद पसंद नहीं, तो इन 5 हर्ब्स और मसालों से बनाएं अपने लिए फ्लेवर्ड मिल्क

Updated on:23 June 2022, 15:11pm IST

दूध हर उम्र के स्त्री-पुरुषों के लिए जरूरी है। पर अगर आपको दूध का टेस्ट पसंद नहीं है या फिर आपको दूध के साथ पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, तो ये फ्लेवर्ड मिल्क आपके स्वाद और स्वास्थ्य दोनों को बहाल करेंगे।

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दूध नियमित आहार का एक हिस्सा है। इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे कैल्शियम और विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसलिए सालों से सभी इसका सेवन करते आ रहे है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यह सभी की आहार योजना में शामिल होता है। परंतु कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें दूध का स्वाद पसंद नहीं होता। ऐसे में बाजार में मौजूद फ्लेवर्स को एड करने की जगह, औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक फ्लेवर्स को दूध में एड करके इसकी गुणवत्ता को बढ़ा सकती हैं। लौंग, हल्दी हो या अश्वगंधा इन सभी में अपने खुद के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आइए जानें आप घर पर ही अपने लिए कैसे तैयार कर सकती हैं पौष्टिक फ्लेवर्ड मिल्क।

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दालचीनी वाला दूध - दालचीनी और दूध एक परफेक्ट कॉन्बिनेशन हैं। यदि आपको स्ट्रांग फ्लेवर पसंद है, तो यह आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित होगा। दालचीनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज इसकी गुणवत्ता को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। साथ ही इम्यून सिस्टम के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। दालचीनी की दूध में बहुत कम मात्रा में कैलोरी और उससे कई गुना अधिक मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। यह शरीर मे मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है। वहीं इसमें मौजूद एंटी डायबिटिक प्रॉपर्टीज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार होती है। साथ ही दालचीनी उन मसालों में से एक है जो हार्ट के लिए हेल्दी होती है।

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लौंग वाला दूध - औषधीय गुणों से भरपूर लौंग अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाती है। जब इसे दूध के साथ मिला देते हैं तो इसकी गुणवत्ता और ज्यादा बढ़ जाती है। लौंग और दूध का यह कॉन्बिनेशन फास्फोरस, आयोडीन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम, जिंक, सोडियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों का एक अच्छा स्त्रोत होता है। यह कॉन्बिनेशन रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही सेक्सुअल पावर को भी बूस्ट करने में मदद करता है। लौंग और दूध पाचन क्रिया के लिए भी हेल्दी होते हैं। लौंग में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी सर्दी खांसी और फ्लू जैसी समस्याओं में कारगर मानी जाती हैं। वहीं लौंग और ठंडे दूध का मिक्सर त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही दांतों की समस्या से भी निजात पाने में मददगार रहेगा।

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तुलसी वाला दूध - आयुर्वेद में सालों से तुलसी का प्रयोग औषधि के रूप में किया जा रहा है। यदि आपको तुलसी की पत्तियों का स्वाद पसंद है, तो इसे फ्लेवर के तौर पर अपने दूध में एड कर सकती हैं। दूध में मिलने के बाद इसकी गुणवत्ता और ज्यादा निखर कर सामने आएगी। तुलसी दूध में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज स्ट्रेस रिलीज करने में मदद करती हैं। यह रोग निरोधक क्षमता को भी बढ़ाती हैं। साथ ही सीजनल फ्लू, कोल्ड एंड कफ, इन्फेक्शन जैसी समस्याओं में भी ये फायदेमंद होती है। तुलसी दूध शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित रखता है और किडनी से टॉक्सिंस को बाहर निकालता है। यदि आप अस्थमा से पीड़ित हैं, तो तुलसी दूध का सेवन आपके लिए अधिक लाभदायक साबित होगा।

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अश्वगंधा वाला दूध - आयुर्वेद में अश्वगंधा का प्रयोग सालों से प्राकृतिक औषधि के रूप में होता आ रहा है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज इम्यूनिटी पावर को बढ़ाती हैं। साथ ही यह संक्रमण से बचाव का काम करती हैं और खतरनाक बीमारियों के प्रभाव को कम कर देती हैं। दूध और अश्वगंधा का हेल्दी कॉम्बिनेशन ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार होता है। वहीं गर्मियों में अश्वगंधा हीट स्ट्रोक की संभावना को कम कर देता है। मेंटल हेल्थ को संतुलित रखने के साथ ही याददाश्त के लिए भी अश्वगंधा वाला दूध फायदेमंद होता है।

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