पीरियड क्रैम्प्स हो रहे हैं, तो पेन किलर से पहले ट्राई करें मम्मी की ये 7 होम रेमेडीज 

Published on: 24 May 2022, 19:01 pm IST

माहवारी के दौरान न केवल मूड स्विंग्स परेशान करते हैं, बल्कि पेट, जांघ और कमर में होने वाला दर्द भी चिड़चिड़ा बना देता है। पर इसका इलाज पेनकिलर ही नहीं है। 

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पीरियड क्रैम्प से छुटकारा पाने के कई घरेलू उपाय भी हैं। चित्र: शटरस्टॉक

पीरियड क्रैम्प की समस्या से हर स्त्री को हर महीने गुजरना पड़ता है। इसमें पेट, पीठ के निचले हिस्से, कमर, जांघ के आसपास दर्द होता है और बेचैनी महसूस होती है। कुछ महिलाओं के लिए यह अहसास थोड़ा कम होता है, तो कुछ को दर्द के साथ-साथ कई और समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। पर इससे बचने के लिए हर बार पेन किलर लेने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मम्मी के पास हैं ऐसी 7 होम रेमेडीज (Period cramps home remedies) जो आपको इस समस्या में राहत दे सकती हैं। 

पहले समझिए क्यों होते हैं पीरियड क्रैम्प

प्रोस्टाग्लैंडीन्स कंपाउंड पीरियड क्रैम्प के लिए जिम्मेदार माना जाता है। हर महीने जब पीरियड या माहवारी शुरू होती है, तो यूट्रस की लाइनिंग में प्रोस्टाग्लैंडीन कंपाउंड का लेवल बढ़ जाता है। पीरियड के पहले दिन यह सबसे अधिक मात्रा में निकलता है। 

इसके कारण पेट, पीठ के निचले हिस्से, कमर और जांघों के आसपास बेचैनी महसूस होती है और इन अंगों में तेज दर्द भी होता है। दरअसल, हर माह ओवरीज से निकलने वाला एग जब फर्टिलाइज नहीं होता है, तो गर्भ की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं। एग को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंदर जो लाइनिंग बन चुकी होती है, उसे बाहर निकालने में यह प्रक्रिया मदद करती है। जिसके कारण पीरियड क्रैम्प होता है।

पेन किलर की बजाए ट्राई करें ये 7 होम रेमेडीज 

पीरियड क्रैम्प से निपटना आसान नहीं है। यदि आपको हल्का या मध्यम पीरियड क्रैम्प है, तो यहां बताए गए 7 घरेलू उपचार काम में आ सकते हैं। यदि आपको बहुत अधिक समस्या हो रही है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी पड़ सकती है।

1 हॉट वाटर बैग या हीटिंग पैड का प्रयोग

दर्द से राहत दिलाने में हीट पैक या बैग हमेशा से असरदार रहा है। जब भी आपको पेट या पीठ के निचले हिस्से में क्रैम्प का अनुभव हो, तो मसल्स को आराम देने और राहत दिलाने के लिए एफेक्टेड एरिया में हीट देना सबसे प्रभावी तरीका है। आप दर्द वाले हिस्सों पर हीटिंग पैड या हॉट वाटर बैग रखें। दर्द वाले हिस्से पर कंबल लपेटने से भी राहत मिल सकती है। आप चाहें तो गर्म पानी से स्नान भी कर सकती हैं।

2 करें आरामदायक एक्सरसाइज

यदि आप नियमित तौर पर एक्सरसाइज करती हैं, तो यह अच्छी बात है। पीरियड के दौरान बहुत अधिक मुड़ने, तेजी से बैठने-उठने वाली एक्सरसाइज न करें। इस दौरान हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर सकती हैं। एक्सरसाइज से आपके शरीर में एंडोर्फिन नामक रसायन निकलता है, जो नेचुरल पेन किलर का काम करता है। कुछ हल्की  स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, प्राणायाम या वॉकिंग भी पीरियड क्रैम्प से राहत दिला सकती हैं।

3 लिक्विड डाइट लें 

कई लड़कियों को पीरियड के दौरान कॉन्स्टिपेशन की समस्या भी हो सकती है। इससे उन्हें गैसी पीरियड और बहुत ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है और वे लगातार ब्लोटेड महसूस करती हैं। इससे बेचैनी महसूस होती है। यदि आप इस दौरान हाइड्रेटेड रहती हैं, तो ब्लोटिंग की समस्या कम होगी। 

पीरियड के दौरान न सिर्फ खूब पानी पिएं, बल्कि लिक्विड डाइट अधिक लें। हाइड्रेटेड रहने के लिए फ्रेश फ्रूट्स और सैलेड का प्रयोग भी बढ़ा दें। कॉन्स्टिपेशन दूर करने के लिए स्प्राउट्स भी सेवन कर सकती हैं। हर्बल टी भी पीरियड क्रैम्प से राहत दिला सकती है।

4 कम खाएं सॉल्टी फूड

पीरियड के दौरान तला-भुना अधिक खाने पर भी क्रैम्प की समस्या अधिक होती है। बैलेंस्ड डाइट लें, जो न्यूट्रीशनल वैल्यू को पूरा करता हो। अपने खाने में नमक की मात्रा को कम करें। एक्सेस सॉल्ट इंटेक फ्लूइड रिटेंशन को बढ़ा देता है, जिससे ब्लोटिंग की समस्या होती है। 

5 धूप भी है जरूरी 

विटामिन डी का एक प्रमुख स्रोत है सूर्य की रोशनी। सनलाइट के एक्सपोजर से प्रोस्टाग्लैंडिन का प्रोडक्शन कम होता है। इसलिए सुबह की धूप का सेवन जरूर करें। इससे दर्द में राहत मिलेगी।

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सूर्य से मिलने वाला विटामिन डी भी है पीरियड क्रैम्प में प्रभावी। चित्र: शटरस्टॉक

6 न लें स्ट्रेस

स्ट्रेस से किसी भी प्रकार का दर्द बढ़ जाता है। कुछ देर आराम से बैठ जाएं। आंखें बंद कर गहरी सांस लें और छोड़ें। हर प्रकार के तनाव को मन से निकाल दें और बॉडी को स्ट्रेस फ्री महसूस कराएं। शरीर को ढीला छोड़ देने पर सिकुड़ी हुई मांसपेशियां भी फैल जाती हैं और पीरियड क्रैम्प में राहत मिलती है।

7 ऑयल मसाज 

नारियल तेल, सरसों तेल या किसी भी प्रकार के एसेंशियल ऑयल की पेट, पैर, जांघ, पीठ या कमर पर मसाज करने से राहत मिल सकती है। 

इन सभी घरेलू उपचार के बावजूद दर्द बना रहता है, तो किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।