तनाव में आखिर ज्यादा क्यों झड़ने लगते हैं बाल, हमने एक्सपर्ट से पूछा इसका कारण 

मौसम में बदलाव के अलावा, तनाव के कारण भी बाल अधिक टूटते-झड़ते हैं। जानिए स्ट्रेस के कारण होने वाले हेयर फॉल से आप किस तरह बच सकती हैं। 

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बाल झड़ने का एक कारण तनाव भी हो सकता है। चित्र: शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 23 August 2022, 19:15 pm IST
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वर्क-लाइफ में असंतुलन की वजह से हमें तनाव हो जाता है। तनाव के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं हो जाती हैं। मां कहती है कि तनाव की वजह से न सिर्फ पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि बाल भी झड़ने लगते हैं। आज भी ग्रामीण इलाकों में घर-परिवार में तनाव बढ़ने पर बालों में खूब तेल लगाने को कहा जाता है, ताकि बालों पर बुरा असर न पड़े। अगर आपके बाल भी लगातार तनाव के कारण (stress effect on hair fall) झड़ रहे हैं, तो जानिए इसे कैसे कंट्रोल करना है। 

कई अलग-अलग यूनवर्सिटी की स्टडी भी बताती है कि तनाव बालाें के झड़ने को बढ़ा देते हैं (Stress can be the cause of hair fall) । यदि हम चाहते हैं कि हमारे बाल जड़ से मजबूत हों और वे टूटें-झड़ें नहीं, तो हमें सबसे पहले किसी भी विषय पर अत्यधिक सोचना और तनाव लेना बंद करना होगा।

 पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है स्ट्रेस के लिए जिम्मेदार

वर्ष 2016 में जर्नल ऑफ ड्रग्स एंड डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, स्ट्रेस के कारण हेयर लॉस होता है। यह स्ट्रेस पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकता है। यदि हेयर लॉस को रोकना है, तो अपने भोजन में नियमित तौर पर फेरिटिन(फेरिटिन एक ब्लड प्रोटीन है, जिसमें आयरन मौजूद होता है), विटामिन डी, जिंक, विटामिन बी 12 से भरपूर आहार को शामिल करना चाहिए।

 कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार, स्ट्रेस न सिर्फ बालों के टूटने-झड़ने को बढ़ा देता है, बल्कि यह अर्ली एजिंग या बालों के असमय सफेद होने का भी कारण बनता है। यदि समय रहते स्ट्रेस को कंट्रोल कर लिया जाए, तो बालों का टूटना-झड़ना और सफेद होना बंद हो सकता है।

 क्यों तनाव में ज्यादा झड़ते हैं बाल 

हिमाचल की डेजलिंग ब्यूटी एंड स्पा की संस्थापक और हेयर एंड स्किन एक्सपर्ट अमिता पठानिया बताती हैं, ‘बालों का झड़ना तनाव से जुड़ा हो सकता है। तनाव के कारण आपके बाल कुछ इस तरह से प्रभावित होने लगते हैं।’

 1 टेलो जेन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium)

रोज का तनाव टेलोजेन एफ्लुवियम को बढ़ावा देता है। इस प्रक्रिया में स्ट्रेस के कारण बड़ी संख्या में हेयर फॉलिकल्स रेस्टिंग फेज में चले जाते हैं। इसकी वजह से जब आप बालों में कंघी करती हैं या बालों को धोती हैं, तो बड़ी संख्या में बाल टूटने लगते हैं।

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हेयर फॉलिकल्स के रेस्टिंग फेज में चले जाने पर भी बाल झड़ने लगते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

2 ट्रिकोटिलोमेनिया (Trichotillomania)

अपने आस-पास ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जिसमें व्यक्ति अकेलापन महसूस होने या अत्यधिक निराश होने पर स्वयं को नुकसान पहुंचाने लगता है। वह अपने सिर और अन्य जगहों के बाल खींचने लगता है। इससे भी बड़ी संख्या में हेयर लॉस हो जाते हैं।

 3 एलोपेशिया एरिटा (Alopecia areata)

स्ट्रेस के अलावा, इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर भी बहुत ज्यादा मात्रा में बाल झड़ने लगते हैं। इसमें बाल इतने अधिक झड़ते हैं कि पूरे स्कैल्प से बाल गायब हो सकते हैं। यदि किसी के साथ ऐसी स्थिति होती है, तो शुरुआत में ही वह डॉक्टर से मिले। 

अचानक बहुत ज्यादा मात्रा में बालों का गिरना चिकित्सकीय परामर्श लेने का संकेत देता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए।

तनाव पर नियंत्रण है जरूरी 

स्टडी के अनुसार, हेयर फॉल को रोकने के लिए सही डाइट के साथ-साथ स्ट्रेस को भी मैनेज करना होगा। यदि आप स्ट्रेस मैनेज नहीं कर पाएंगी, तो हेयर फॉल लगातार होते रहेंगे। स्ट्रेस मैनेजमेंट टेक्निक को घर पर भी आजमाया जा सकता है।

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डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज से बालों का झड़ना रूक सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

तनाव मुक्त होने के लिए योग, मेडिटेशन, जर्नलिंग, ब्रीदिंग एक्सरसाइज के अलावा,  कुछ समय के लिए घर से बाहर वक्त बिताना, काउंसलिंग या थेरेपी को भी आजमा सकती हैं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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