जड़ीबूटियों में सर्वश्रेष्ठ शंखपुष्पी है, मस्तिष्क से जुड़े रोगों समेत अनेक बीमारियों में कारगर

मस्तिष्क से संबधी रोगों से मुक्ति दिलाने में शंखपुष्पी एक कारगर उपाय है। दिमागी बीमारियों के अलावा अन्य रोगों में भी इस जड़ी बूटी का खूब इस्तेमाल किया जाता है।

टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 27 December 2022, 18:48 pm IST
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आयुर्वेंद में दर्ज हज़ारों औषधियों में से एक शंखपुष्पी दिमागी बीमारियों को ठीक करने का एक सरल उपाय है। गुणों से भरपूर शंखपुष्पी को प्राचीन काल से ही प्रयोग किया जा रहा है। उस वक्त भी गुरूजन अपने शिष्यों को शंखपुष्पी के पौधे को पीसकर खिलाया करते थे। ठंडी तासीर वाली इस जड़ी बूटी की खासियत ये है कि इसके तन से लेकर छाल, पत्तियां, बीज और फूलों का प्रयोग औषधि के तौर पर किया जाता है। पथरीले मैदानों में मिलने वाली शंखपुष्पी का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। मुझे आज भी याद है, बचपन का वो दिन जब सर्द हवाओं की चपेट में आने से खांसी के साथ लगातार झींके आ रहा थी और तभी मां रसोई में फटाफट जाकर  शंखपुष्पी के रस में अदरक और शहद मिलाकर लाई और झट से पिला दिया। उस वक्त वो नुस्खा इतना काम आया कि आज भी मेरी होम रेमेडी की बुक में वो दर्ज है। आइए इस बारे में और जानकारी हासिल करते हैं युनानी फिज़िशियन डॉ असलम जावेद से।

बालों में लाए चमक

शंखपुष्पी बालों को चमकदार और मज़बूत बनाने में एक अहम रोल अदा करती है। शंखपुष्पी की जड़ को पीसकर बनने वाले रस में शहद मिलाकर पीने से बालों में खोई हुई चमक दोबारा लौट आती है। इससे बाल घने और मज़बूत बनते हैं। साथ सफद बालों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इस रस को नाक में दो से तीन बूंद टपकाएं। ऐसा करने से समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या से राहत मिलेगी और बालों का झड़ना भी बंद हो जाएगा।

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आपके बालों के लिए शंखपुष्पी किस प्रकार फायदेमंद है । चित्र शटरस्टॉक।

यूरिन की समस्या को सुलझाएं

अगर आपको यूरिन रूक रूक कर आता है यां फिर जलन यां दर्द का एहसास होता है, तो ऐसे में शंखपुष्पी के चूरन को एक निर्धारित मात्रा में दूध, दही यां फिर छाछ के साथ ग्रहण कर सकते हैं। आप चाहें, तो शहद के साथ भी ले सकते हैं। इससे यूरिन संबधी समस्याओं से राहत मिलती है।

शंखपुष्पी याददाश्त को बढ़ाने में सहायक

मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं में एक टॉनिक के तौर पर काम करने वाली शंखपुष्पी तनाव, अल्जाइमर और याददाश्त बढ़ाने में मददगार साबित होती है। इस जड़ी बूटी के इस्तेमाल के लिए आप शंखपुष्पी के रस को गिलोय के रस और हरड़ के चूरन में एक साथ मिलाकर खाएं। इसे सुबह शाम लेने से याददाश्त बढ़ती है और दिमागी रोगों से भी निजाम मिलती है। शंखपुष्पी के रस का नियमित सेवन एकाग्रता को बढ़ाने का काम करता है।

एसिडिटी से दिलाए राहत

अगर आप भी एसिडिटी और सीने पर जलन की समस्या से दो चार हो रही है, तो एक गिलास दूध में 2 चम्मच शंख्पुष्पी का रस मिलाकर पीएं। इससे आपको जल्द राहत मिलेगी।

कब्ज से मिलेगी राहत

अगर आप कब्ज के रोगी है, तो शंखपुष्पी के रस का सेवन अवश्य करें। इससे बवासीर की समस्या भी ठीक हो जाती है।

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पेट की सभी समस्याओं के लिए शंखपुष्पी। चित्र : शटरस्टॉक

इसके अलावा और भी हैं लाभ

मैनें जब रिसर्च किया तो जाना कि शंखपुष्पी के तो और भी कई लाभ है। शंखपुष्पी के निरंतर सेवन से शरीर रोग मुक्त हो जाता है।
इससे पाचन संबधी समस्याओं का निवारण होता है।,
शंखपुष्पी से बड़ा हुआ ब्लड प्रेशर नार्मल रहने लगता है।
शंखपुष्पी चूरन को लेते वक्त इसकी मात्रा पांच ग्राम रखें और शंखपुष्पी का रस 5 से 10 मिली लीटर ही लें।
स्मृति और एकाग्रता में सुधार लाने के लिए हमेशा से ही शंखपुष्पी का प्रयोग किया जाता है। ये जड़ी बूटी मुख्यतौर पर दिमाग को तेज़ और बुद्धि को बढाने वाली औषधि है। तनाव से भरे इस माहौल में शंखपुष्पी फायदा पहुंचाने का काम करती है। स्वाद में कसैली शंखपुष्पी को रस यां चूरन के रूप में ही इस्तेमाल किया जाता है।

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