मच्छराें के साथ अगर बढ़ रहा है डेंगू का खौफ, तो इन घरेलू नुस्खों को हमेशा याद रखें

Published on: 7 March 2022, 00:00 am IST

सर्दियां बीती नहीं, कि मच्छरों की तादाद और उनके साथ डेंगू फीवर का डर सताने लगता है। मगर चिंता न करें क्योंकि आपकी रसोई में इनसे मुकाबला करने की रेमेडीज मौजूद हैं।

dengu ke ghrelu upaye
डेंगू के बुखार में काम आएंगे यह उपाए। चित्र : शटरस्टॉक

गर्मियों का मौसम कुछ प्रकार की बीमारियों को साथ लेकर आता है इन्हीं में से एक है डेंगू (Dengue)। हालांकि डेंगू का मौसम से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन गर्मियों के मौसम में अक्सर डेंगू मच्छर जन्म लेते हैं। जो काफी तेजी से डेंगू बुखार फैलाते हैं। यह बुखार मामूली से खतरनाक भी हो सकता है। ऐसे में इसके बारे में जागरूक होना और सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। डेंगू फीवर (Dengue fever) के बारे में विस्तार से समझने के लिए हमने ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल की संक्रामक रोग सलाहकार डॉ नेहा मिश्रा से संपर्क किया। चलिए पहले डेंगू के बारे में समझते हैं। 

हां! ऐसे कई घरेलू नुस्खे (Home remedies) हैं, जो आपके प्लेटलेट्स के काउंट को बढ़ा सकते हैं। साथ ही आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट सकते हैं। ताकि आप डेंगू से बेहतर तरीके से लड़ सके। 

जानिए क्या है डेंगू फीवर?

डॉ नेहा मिश्रा बताती हैं,”डेंगू का बुखार चार प्रकार के वायरस के कारण होता है जो एडीज एजिप्टी मच्छर द्वारा फैलता है। ज्यादातर डेंगू एक स्व-सीमित बीमारी है, जिसमें मरीजों को आमतौर पर ज्वर का चरण आता है और फिर यह 3-7 दिनों के बाद अपने आप ठीक हो जाता है।” जब आप एक बार किसी डेंगू वायरस के संपर्क में आ जाते हैं, तो आपका शरीर जीवन भर उस वायरस के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है।

dengoo ke haddee tod bukhaar kee shuruaat phej 1 se shuroo hotee haiडेंगू के हड्डी तोड़ बुखार की शुरुआत फेज 1 से शुरू होती है और फेज 3 पर ख़त्म होता है। चित्र : शटरस्टॉक

हालांकि एक वायरस कि एंटीबॉडी बनने के बाद आप अन्य तीन वायरस के संपर्क में आने से आप संक्रमित हो सकते हैं। सेंटर ऑफ़ डिजीज कंट्रोल के डाटा के अनुसार दुनिया भर में हर साल डेंगू के करीब 400 मिलियन मामले सामने आते हैं। जिसमें अधिकांश मामले ट्रॉपिकल रीजन के होते हैं। भारत भी इन देशों की सूची में शामिल है।

क्या होते हैं डेंगू के लक्षण 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार जब आप डेंगू वायरस के संपर्क में आते हैं तो प्रारंभिक लक्षण दिखने में 4 से 10 दिन का वक्त लग सकता है। कई मामलों में लक्षण हल्के होते हैं और कई मामलों में प्लेटलेट्स काफी डाउन हो जाती है। हल्के लक्षणों को फ्लू समझने की गलती भारी पड़ सकती है। CDC के अनुसार डेंगू में कुछ समान्य और भयानक लक्षण :

  1. अचानक, तेज बुखार
  2. गंभीर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
  3. सरदर्द
  4. सूजी हुई ग्रंथियां
  5. त्वचा पर लाल चकत्ते
  6. पेट दर्द
  7. उल्टियां
  8. नाक से खून आना
  9. थकान, बेचैनी, या चिड़चिड़ापन शामिल हैं।

यहां हैं डेंगू से रिकवर होने के लिए घरेलू नुस्खे 

  1. गिलोय का जूस

कोरोना वायरस महामारी के दौरान हम सभी गिलोय से अच्छी तरह परिचित हो चुके हैं। यह है डेंगू के इलाज में भी काफी ज्यादा उपयोगी है। आयुर्वेद में गिलोय को एक अहम स्थान दिया गया है दरअसल गिलोय चयापचय में सुधार करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। डेंगू के मरीजों की अक्सर प्लेटलेट्स गिरने लगती है हालांकि गिलोय का रस इसमें तेजी से सुधार करने में सहायता दे सकता है।

Giloy ke fayadeआपकी इम्युनिटी बूस्ट करता है गिलोय। चित्र : शटरस्टॉक

कैसे करना है सेवन 

गिलोय की डंडियों को पानी में उबाल लें और इसे रोगी को घुट घुट पिलाते रहें। इसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए यह मरीज की प्लेटलेट पर निर्भर करता है। कोशिश करें कि दिन में 3 से 4 बार इसे मरीज को दें।

  1. पपीते का पत्ता

प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने और डेंगू के अन्य लक्षणों को काबू करने में पपीते के पत्ते का रस भी बहुत उपयोगी है। यह आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है जो डेंगू के वायरस से लड़ने में आपको सक्षम बनाता है।

कैसे करना है सेवन 

पपीते के कुछ पत्ते लें और उन्हें पीसकर उनका रस अलग कर ले। शुरू में थोड़ी ही मात्रा मरीज को दें और यदि परिणाम अच्छे देखने को मिल रहे हो तो मात्रा बढ़ा दे। आप इसके लिए अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं।

  1. मैथी दाना

मेथी का दाना कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो आपको डेंगू के बुखार को नियंत्रित करने में आपकी सहायता दे सकता है। हालांकि इसका सेवन सावधानी से और एक्सपर्ट की राय लेने के बाद ही करना चाहिए। डेंगू में इसका उपयोग गर्म पानी में भिगोकर किया जाता है।

Methi ke daane aapke balo ke liye accheमेथी के बीज फोलिक एसिड, विटामिन ए, के, और सी से भरपूर होते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

कैसे करें तैयार

सबसे पहले मेथी के दानों को पानी में डालकर पानी गर्म कर ले। अब उस पानी को रूम टेंपरेचर पर ठंडा होने वाले और दिन में 2 बार पिए। यह विटामिन सी, के और फाइबर से भरपूर होता है।  मेथी का पानी बुखार को कम करेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा।

सावधानियां भी है जरूरी

डॉ नेहा मिश्रा कहती है कि डेंगू से बचाव और सावधानियां बहुत जरूरी है। हमें खुश चीजों को सावधानियों के तौर पर देखना चाहिए जैसे घर में मच्छर पनपने से रोकना, किसी भी प्रकार के जलभराव से बचना, घर को साफ रखना बहुत जरूरी है। 

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अक्षांश कुलश्रेष्ठ अक्षांश कुलश्रेष्ठ

सेहत, तंदुरुस्ती और सौंदर्य के लिए कुछ नई जानकारियों की खोज में