नीम और हल्दी की बॉल्स कर सकती हैं पाचन संबंधी समस्याओं का उपचार, जानिए कैसे बनानी हैं और कैसे खानी हैं

नीम और हल्दी बॉल्स का नियमित सेवन करने से पेट की लाइनिंग में बढ़ने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। इससे पाचन रस उत्तेजित होने लगते हैं, जिससे शरीर में एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत मिलती है।
Neem and haldi balls ke fayde
नीम और हल्दी बॉल्स का नियमित सेवन करने से पेट की लाइनिंग में बढ़ने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। चित्र- अडोबी स्टॉक
Published On: 27 Jan 2025, 08:00 am IST

अधिकतर लोग दिन की शुरूआत करने के लिए चाय और कॉफी को ही बेहतर विकल्प मानते है। वो इन कैफिनेटिड पेय पदार्थो को एनर्जी से भरपूर मानते है। इसके चलते उन्हें दिनभर एसिडिटी की भी समस्या झेलनी पड़ती है। मगर एक थीं मेरी दादी, जिनकी हर सुबह कड़वी नीम और तीखी हल्दी की गोलियों के साथ होती थी। पानी के साथ निगली जाने वाली गालियों से न केवल पाचन संस्थान को मज़बूती मिलती है बल्कि चेहरे का ग्लो भी बढ़ने लगता है।

अगर आप भी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी विकल्प की खोज में हैं, तो रसोई से कच्ची हल्दी और आंगन में मौजूद नीम की पत्तियां आपकी मदद कर सकती है। देर किस बात की, पहले जानते है इन हेल्दी और डिटॉक्स नीम हल्दी से तैयार नीम और हल्दी की बॉल्स के फायदे और फिर इसे बनाने से लेकर खाने का तरीका भी (Neem and haldi balls)

इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ अंकुर तंवर बताते हैं कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व सूजन, दर्द और किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। वहीं नीम की मदद से स्किन संबधी समस्याएं हल होने लगती हैं, ब्लड प्यूरिफाई होता है और इम्यून सिस्टम भी बूस्ट होता है। इन गोलियों को अलग अलग भी लिया जाता है और नीम व हल्दी को मिलाकर भी तैयार किया जा सकता है। खाली पेट सुबह उठकर पानी के साथ ली जाने वाली नीम और हल्दी की बॉल्स (Neem and haldi balls) शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाती है।

Haldi ke fayde
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व सूजन, दर्द और किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।

नीम और हल्दी क्यों है खास (Neem and haldi balls)

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हल्दी में करक्यूमिन तत्व पाया जाता है। इस एंटीऑक्सीडेंट से शरीर में रक्त का संचार बढ़ने लगता है। साथ ही इम्यून सिस्टम, त्वचा संबधी रोग, दर्द, सूजन व न्यूरोलॉजिकल हेल्थ को उससे फायदा मिलता है। इसमें पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउड के चलते इसे शरीर में आसानी से एबजॉर्ब करने में मदद मिलती है। ये पूरी तरह से फैट सॉल्यूबल है।

वहीं नीम को अरिष्ठा भी कहा जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार इससे न केवल ओरल हाइजीन मेंटेन रहती है बल्कि एंटीमाइक्रोबियल, एंटीपैरासिटिक, एंटी.इंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक और घाव भरने वाले गुण प्रदान करते हैं। इसे लगाने और सेवन करने से एग्ज़िमा और सोरायसिस की समस्या हल होने लगती है।

twacha sankraman mein Neem ki pattiyon
नीम की पत्तियां त्वचा संक्रमण से बचाती हैं, और रैशेज से डील करने में मदद करती हैं. चित्र :अडॉबीस्टॉक

जानें कैसे नीम और हल्दी बॉल्स है स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

1. स्किन के लिए फायदेमंद

नीम में एंटीऑक्सीडेंट्स के अलावा फैटी एसिड पाए जाते है। इससे पेस्ट या ऑयल की फॉर्म में लगाने से स्किन पर रैशेज़ और एजिंग की समस्या हल होती है। इसमें ओलिक, स्टीयरिक, पामिटिक और लिनोलिक एसिड पाए जाते हैं। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुणों के चलते एक्ने की समस्या भी हल होने लगती है। वहीं हल्दी से शरीर में ब्लड प्यूरिफाई होता है, जो स्किन के ग्लो को बढ़ाता है।

2. सूजन और दर्द को करे कम

हल्दी में सूजनरोधी गुण पाए जाते है, जिससे सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाली बॉडी स्टिफनेस कम होने लगती है। साथ ही पैरों और उंगलियों में रहने वाली सूजन को भी कम किया जा सकता है। वहीं नीम में भी एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ पाई जाती है, जिससे शरीर एक्टिव रहता है और एनर्जी का उचित स्तर बना रहता है।

3. डाइजेशन को करे बूस्ट

डॉ अंकुर तंवर के अनुसार नीम और हल्दी बॉल्स (Neem and haldi balls) का नियमित सेवन करने से पेट की लाइनिंग में बढ़ने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। इससे पाचन रस उत्तेजित होने लगते हैं, जिससे शरीर में एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत मिलती है। एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुणों से भरपूर हल्दी और नीम से बॉवल मूवमेंट नियमित बना रहता है, जिससे इनडाइजेशन से राहत मिलने लगती है।

gut health ko kaise rakhein healthy
नीम और हल्दी बॉल्स (Neem and haldi balls) का नियमित सेवन करने से पेट की लाइनिंग में बढ़ने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

4. ओरल हाइजीन के लिए फायदेमंद

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार नीम की पत्ती, दातुन या फिर उसे गोली के रूप में खाने से मुंह की दुर्गंध को कम किया जा सकता है और दांतों का स्वास्थ्य उचित बना रहता है। वहीं हल्दी का सेवन करने से मसूढ़ों में बढ़ने वाली सूजन और दर्द से राहत मिलती है और मुंह में बढ़ने वाले रूखेपन को कम करके स्लाइवा का स्तर नियमित बना रहता है।

कैसे खाएं हेल्दी नीम और हल्दी की गोलियां

इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले नीम और हल्दी का पेस्ट लें। ख्याल रखें कि पेस्ट एक ताज़ा होना चाहिए, ताकि उससे शरीर को फायदा मिल सके। पेस्ट की गोलियां तैयार कर लें और उन्हें दिन में एक वक्त खाएं। खाली पेट खाने से अधिक फायदा मिलता है। दिनभर में 1 ग्राम कच्ची हल्दी और 1 ग्राम नीम का ही सेवन करें। इससे अधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

नीम और हल्दी की गोलिया तैयार करने का तरीका

1. पहला तरीका

अगर आप इन्हें अलग अलग तैयार करना चाहती है, तो 1 चम्मच हल्दी के पाउडर में कुछ बूंद पानी डालकर मिलाएं और उसे गूंथ कर गोलियां तैयार कर लें। ठीक इसी तरह से नीम के पाउडर से तैयार करें। इसके अलावा नीम का पेस्ट और हल्दी का पेस्ट बनाकर भी तैयार कर सकते है। उसके लिए पहले नीम और तुलसी को पीसने की अवश्यकता होती है।

2. दूसरा तरीका

इसके लिए मुट्ठी भर नीम और 1 चम्मच हल्दी लेकर इन्हें एकसाथ पीस लें। उसके बाद इनकी बॉल्स तैयार कर लें। अब आप चाहें, तो इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए कसा हुआ नारियल, पिसे हुए बादाम और क्रशड डेट्स एड कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
ज्योति सोही
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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