मम्मी कहती हैं, “खराब पेट का उपचार है सौंफ” और साइंस ने भी किया समर्थन

दस्त और पेट दर्द की समस्या का रामबाण इलाज है सौंफ। मां के इस नुस्खे को साइंस भी दे रहा है अपनी मंजूरी।
अंट-शंट खाकर अगर आपका पेट गड़बड़ हो गया है, तो अब बस सौंफ ही इलाज है। चित्र : शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published: 4 Jul 2020, 17:30 pm IST
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लॉकडाउन में हम सभी किचन में कुछ न कुछ एक्सपेरीमेंट तो करते ही रहते हैं। इसका क्रेडिट जाता है यू-ट्यूब की उन रेसि‍पीज को, जो एकदम आसान और यमी लगती हैं। पर यही स्वादिष्ट व्यंजन जब हमारे हाज़मे को रास नहीं आते, तब परिणाम वही जो आप सब जानती ही हैं। पेट फूलना, गैस, दस्त और बस पेट गड़बड़।

आपके कमजोर हाजमे का हर्जाना आपको पूरे दिन चुकाना पड़ता है। जबरदस्त पेट दर्द और दस्त आपको बिस्तर से उठने नहीं देते, तो मां का यह नुस्ख़ा ख़ास आपके लिए ही है।

मम्मी का किचन किसी साइंस लैब से कम नहीं होता, यह तो मानना पड़ेगा। हमारी हर समस्या का हल होता है मम्मी के किचन में। इसी मैजिकल किचन से दस्त का अचूक इलाज लाए हैं हम।

सौंफ एट रेस्क्यू

अक्सर मम्मी अपनी चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें कुछ दाने सौंफ़ के डालती हैं। लेकिन किसे पता था कि इस मीठी-मीठी खुशबू वाली सौंफ में इतने गुण हैं।

सौंफ डालकर पीने के पानी को कुछ देर खौलाएं और हल्का ठंडा करने के बाद उसे पी जाएं। दिन भर की हर मील के बाद इस पानी को पियें और देखें कमाल। दिन भर में ही आपके दस्त रुक जाएंगे और आपको पेट के दर्द में भी राहत मिलेगी। आप चाहें तो सौंफ़ के बीजों को चबा भी सकती हैं।

बस मां के इस आसान से नुस्ख़े को अपनाकर आप अपना पेट और दिन दोनों की हालत सुधार सकती हैं।

मम्मी की इस मेजिकल रेमेडी पर साइंस क्या कहता है

BMC कॉम्पलीमेंट्री एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन में प्रकाशित एक लेख की मानें, तो सौंफ़ पाचनतंत्र को दुरुस्त कर दस्त रोकने का सबसे भरोसेमंद उपाय है। इसका कारण है सौंफ़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट।

खाना खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से हाजमा दुरुस्‍त रहता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

यही नहीं अरेबियन जर्नल ऑफ केमिस्ट्री में प्रकाशित एक लेख के अनुसार सौंफ में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, शरीर से खतरनाक टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं और पेट की समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।

दिल्ली बेस्ड एक डायटीशियन रश्मि मल्होत्रा भी मम्मी के इस नुस्ख़े को 100 में से 100 नंबर देती हैं। रश्मि बताती हैं,”सौंफ़ में फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जो दस्त को रोकने का काम करता है, और उसमें मौजूद स्पेशल ऑयल्स में एंटीइंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज होती हैं, जो पाचन को सुचारू बनाती हैं”।

बैंगलूरु के अपोलो क्लीनिक में कार्यरत डिसीज़ एडुकेटर डॉ गॉसिया के अनुसार सौंफ़ के एंटीबैक्टीरियल, एन्टीफंगल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण फ़ूड पॉइज़निंग में राहत मिलती है।

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यही नहीं, न्यूट्री ऐक्टिवानिया की फाउंडर और वेलनेस कोच अवनि कौल भी मम्मीा के इस नुस्ख़े को सपोर्ट करती हैं। अवनि के अनुसार दस्त को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है कि 2-3 चम्मच सौंफ़ को भून कर, हल्का ठंडा करके चीनी के साथ चबाएं और ऊपर से गुनगुने पानी को पियें।

कुछ ही घण्टों में इसका रिजल्ट दिख जाता है। इसको आप हर घण्टे पर रिपीट भी कर सकते हैं।
तो अब आप जानती हैं कि मम्मी के हर नुस्ख़े पर आंख मूंद कर भरोसा करना है, मगर समस्या अगर ज्यादा बढ़े तो तुरन्त डॉक्टर के पास जाएं।

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