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पीरियड्स के दर्द में मम्‍मी देती हैं सिकाई करने की सलाह, साइंस भी करता है समर्थन

Published on:9 July 2020, 15:15pm IST
पीरियड्स में अगर आप भी असहनीय दर्द और क्रेम्प्स से गुज़रती हैं, तो मां की इस होम रेमेडी से बेहतर कुछ नहीं।
विदुषी शुक्‍ला
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पीरियड्स में सबसे ज्‍यादा मुश्किल होता है दर्द को बर्दाश्‍त करना। चित्र: शटरस्‍टॉक

मेंस्ट्रुअल क्रेम्प्स हर लड़की की लाइफ का हिस्सा है, हालांकि दर्द का स्तर सभी महिलाओं में अलग- अलग होता है। अक्सर पीरियड्स के पहले और दूसरे दिन दर्द ज्यादा होता है। कई बार यह दर्द इतना ज्या दा होता है कि मुझे पेन किलर लेनी पड़ती है। पर मम्मीध और डॉक्टुर दोनों ही पेन किलर से परहेज करने की सलाह देते हैं। ऐसे में क्याी किया जाए! मम्मीी कहती हैं, इसके लिए सिकाई करना बेस्ट है।

क्यों होते हैं मेंस्ट्रुअल क्रेम्प्स?

पीरियड्स शुरू होने से पहले हमारे यूटेरस में बनी एंडोमेट्रियल लेयर को तोड़ने के लिए इन्फ्लामेट्री प्रोस्टाग्लैंडीन रिलीज होते हैं। पीरियड्स के दौरान एंडोमेट्रियल लेयर टूट रही होती है, जिसके कारण क्रेम्प्स महसूस होते हैं। इसके अलावा प्रोस्टाग्लैंडीन हमारे ब्लड में मिल कर सर दर्द, उल्टियां और डायरिया जैसी समस्या पैदा करता है।

तो मम्मी का नुस्खा भी जान लें

मेंस्ट्रुअल क्रेम्प्स होने पर मम्मी गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने की सलाह ही नहीं देतीं, बल्कि‍ खुद ही मेरे लिए ये हॉट बॉटल तैयार कर लाती हैं। और सच कहूं आधे घण्टे में ही मुझे उसे दर्द से काफी राहत मिलती है। मम्मी को भले ही अपने इस नुस्ख़े के पीछे छुपी साइंस ना पता हो, मगर हमें पता है।

पीरियड्स के दर्द में सिकाई करना राहत देता है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक

और दर्द को चुटकी में गायब करने के लिये इस उपाय से बेहतर कुछ नहीं है। अब तो पानी गर्म करने का झंझट भी नहीं है, थैंक्स टू टेक्नोलॉजी गर्म सेंक के लिए अब इलेक्ट्रिक बोतल भी मार्केट में उपलब्ध है, या आप घर पर ही गर्म सेंक का इंतजाम कर सकती हैं। इसके लिए बस एक मोज़े में कच्चे चावल भर कर ऊपर गांठ या रबर बैंड बांध दें। इस मोज़े को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव में गर्म करें और आपका सिंकाई बैग तैयार है।

क्या है मम्मी के इस इलाज के पीछे का साइंस?

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की गायनोकॉलोजिस्ट डॉ रितिका समद्दार भी मम्मी् के इस नुस्खे को सबसे कारगर मानती हैं। डॉ रितिका बताती हैं, “गर्म सिंकाई से यूटेरस की कॉन्ट्रैक्टिंग मसल्स रिलैक्स होती हैं, जिसके कारण हमें तुरंत ही आराम महसूस होता है। इतना ही नहीं, हीट के कारण ब्लड फ्लो भी तेज होता है।

तेज़ ब्लड फ्लो का मतलब है कम समय में ज्यादा ब्लड निकलना। हीटिंग बैग का इस्तेमाल करने से पीरियड्स कम समय में ही खत्म ही जाते हैं, जिससे दर्द भी कम ही होता है। साथ ही हीटिंग बैग्स के कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते।”

पीरियड्स के दर्द की होम रेमेडीज में सिंकाई सबसे कारगर है। गर्म पानी पीना भी पीरियड्स के दौरान काफ़ी सहायक होता है। रिसर्चर्स भी हीटिंग को आइबूप्रोफेन और नप्रोसेन जैसी पेनकिलर से बेहतर उपाय मानते हैं।

तो गर्ल्‍स, अगली बार जब पीरियड्स में दर्द से परेशान हों, तो मम्‍मी की सलाह मानें और सिकाई करें। इसके साथ ही गर्म पानी पियें, व्यायाम करें और स्पाइसी खाने से बचें। कोई भी पेनकिलर गायनोकॉलोजिस्ट की सलाह के बिना ना लें। पीरियड्स में ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर से कंसल्ट ज़रूर करें।

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पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

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