सस्ता है पर सेहत के लिए अच्छा नहीं है वनस्पति घी, जानिए इसके स्वास्थ्य जोखिम

एक समय तक हलवा-पूड़ी और अन्य मिठाइयां बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वनस्पति घी सेहत के लिए कई जोखिम बढ़ा देता है। इसलिए मेरी मम्मी ने भी अब इसका इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया है।

vegetable-ghee-health-hazards
वनस्पति घी में एनिमल फैट नहीं होता। चित्र शटरस्टॉक
निशा कपूर Updated on: 8 October 2022, 12:12 pm IST
  • 149

आपने अपने घरों में कभी न कभी वनस्पति घी देखा ही होगा। इसे डालडा घी के नाम से भी जाना जाता है। डालडा लम्बे समय तक सस्ते घी की तरह प्रयोग किया जाता रहा है। यहां तक की घरों में बनने वाली सब्जी-दाल से लेकर मिठाई बनाने के लिए भी इसी घी का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ सेहत के प्रति जागरुकता बढ़ने लगी और इसका उपभोग में लगातार गिरावट आने लगी। मेरी मम्मी ने तो पिछले कुछ सालों में इसका इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया। मैं जब हलवा या मिठाई बनाने के लिए इसे खरीदने लगी, तो उन्होंने मुझे इसके ढेर सारे स्वास्थ्य जोखिम (vegetable ghee health hazards) गिनवा दिए। क्या वाकई ये सब सच है? मैंने इस पर खंगाली कुछ जरूरी जानकारियां।

Ghee khana new moms ke liye behad faydemand
घी खाना न्यू मॉम्स के लिए बेहद फायदेमंद है। चित्र: शटरस्‍टॉक

हेल्दी ऑप्शन की तरह ही किया जाता था प्रमोट

वनस्पति घी पाम ऑयल से बनता है। इसलिए इसके डिब्बे पर भी ताड़ के झाड़ की तस्वीर नज़र आती है। इस घी में एनिमल फैट नहीं होता है। यही कारण था वनस्पति घी को हेल्दी ऑप्शन की तरह ही प्रमोट किया जाने लगा था। एक वक़्त ऐसा था जब लोग कुकिंग ऑयल के नाम पर घरों में सिर्फ वनस्पति घी (vegetable ghee) ही लाया करते थे, लेकिन क्या आप जानते है कि यह बनता कैसे है।

पाम ऑयल से बनता है वनस्पति घी-

वनस्पति घी बनाने के लिए सबसे पहले ताड़ के झाड़ के बीजों को एकत्रित कर इन्हें हाई प्रेशर वाली मशीन पर क्रश किया जाता है जिससे इन बीजों में से तेल निकलने लगता है। फिर इस तेल को फिल्टर किया जाता है और इसमें विटामिन-ए, ई जैसे तत्वों के साथ कई प्रकार के केमिकल कम्पाउंड को मिलाया जाता है जिससे यह घी इस्तेमाल करने लायक बनता है। फिर इस घी में वेजिटेबल ऑयल को मिक्स किया जाता है। फिर इसे हाइड्रोजन बॉन्ड, जिसमें हाई टेम्प्रेचर में मशीनों में इसे प्रोसेस करते है और फिर यह वेजिटेबल ऑयल वनस्पति घी के रूप में बदल जाता है।

heart-attack.jpg
इमोशनल स्ट्रेस भी बन सकता है हार्ट अटैक का कारण। चित्र : शटस्टॉक

क्या वनस्पति घी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, व्यक्ति को अपनी डाइट का सिर्फ 1 फीसदी हिस्सा ही ट्रांस फैट के रूप में लेना चाहिए क्योंकि इससे अधिक ट्रांस फैट लेना कार्डियोवस्कुलर परेशानियों की वजह बन सकता है। आस्ट्रेलिया के नेशनल हार्ट फाउंडेशन ( National Heart Foundation of Australia) के एक शोध के मुताबिक, बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की मुख्य वजह ट्रांस फैट हो सकता है।

यह भी पढ़े- सेहत के लिए फायदेमंद है मूंगफली का तेल, जानिए आपके लिए कौन सा पीनट ऑयल है बेस्ट

जानिए क्यों सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता वनस्पति घी

1 बढ़ाता है कॉलेस्ट्रॉल लेवल

वनस्पति घी में ट्रांस फैट पाया जाता है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं यह कॉलेस्ट्रॉल के लेवल में तो इजाफा करता ही है, साथ ही गुड कॉलेस्ट्रॉल को भी घटा देता है।

2 तेजी से बढ़ता है वजन

इसमें शामिल ट्रांस फैट से मोटापे तेजी से बढ़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ट्रांस फैट से अन्य फूड्स की तुलना में मोटापे का खतरा ज्यादा होने लगता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि एक चम्मच वनस्पति घी में 122.4 कैलोरी शामिल होती है और अधिक कैलोरी का सेवन आपकी बॉडी में फैट का बड़ा कारण बनता है।

3 मधुमेह का जोखिम

ट्रांस फैट का ज्यादा सेवन कई बीमारियों का खतरा बड़ा देती हैं जिसमें से डायबिटीज़ भी है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फैट बॉडी में बनने वाले इंसुलिन को कम कर देता है और इससे मधुमेह का जोखिम बढ़ जाता है।

यह भी पढ़े- घर के अंदर मौजूद प्रदूषण है आपकी सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन, जानिए कैसे करना है इसका सफाया

  • 149
लेखक के बारे में
निशा कपूर निशा कपूर

देसी फूड, देसी स्टाइल, प्रोग्रेसिव सोच, खूब घूमना और सफर में कुछ अच्छी किताबें पढ़ना, यही है निशा का स्वैग।

हेल्थशॉट्स कम्युनिटी

हेल्थशॉट्स कम्युनिटी का हिस्सा बनें

ज्वॉइन करें
nextstory