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प्री डायबिटिक हैं, तो आज से शुरू कर दें बेल की पत्तियों का सेवन, यहां हैं 4 तरीके 

यदि आप प्री डायबिटिक हैं, तो नियमित तौर पर बेल की पत्तियों का सेवन शुरू कर सकती हैं। मां कहती है कि यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है।
Published On: 6 Sep 2022, 03:42 pm IST
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bael leaves hai faydemand
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे. चित्र: अडोबी स्टॉक

आयुर्वेदिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है बेल का पेड़। बेल के पेड़ की न सिर्फ जड़, बल्कि छाल, फल, बीज और पत्तों का भी प्रयोग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में सबसे पहले बेल और बेल के पत्तों यानी बिल्व पत्र का ही नाम आता है। इससे स्किन डिजीज, टाइफाइड, पेट दर्द, अल्सर के साथ-साथ डायबिटीज का भी उपचार किया जाता है। उपयोगिता को देखते हुए इन दिनों मेट्रो सिटीज में भी आवासीय सोसायटीज में बेल के पेड़ खूब लगाए जा रहे हैं। मां कहती है कि यदि नियमित रूप से बेल की पत्तियाें का सेवन किया जाए, तो यह ब्लड शुगर कंट्रोल कर (Bael leaves for diabetes) डायबिटीज से बचाव भी करती है

पहले समझिए क्या है प्री डायबिटिक होना 

यदि ब्लड में ग्लूकोज लेवल सामान्य से अधिक है, लेकिन डायबिटीज की सीमा (80-120 mg/DL) तक नहीं पहुंचा है, तो इसे प्री डायबिटीज कहा जाता है। यदि खानपान की आदतों में सुधार और नियमित एक्सरसाइज न की जाए, तो प्री डायबिटिक 1-2 वर्षों के भीतर डायबिटिक हो जाते हैं।

बेल के पत्तों के बारे में क्या कहती है रिसर्च

वर्ष 2021 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदा एंड फार्मेसी में शैलजा चौधरी की स्टडी प्रकाशित हुई। इसमें बताया गया है कि बेल और बेल की पत्तियाें में औषधीय गुण बहुत अधिक होते हैं। विटामिन, मिनरल्स और कई एंटीऑक्सीडेंट की उपस्थिति के कारण यह एंटी डायबिटिक, एंटीहिस्टामिन, रेडियो प्रोटेक्टिव, एंटी कैंसर, कार्डियो प्रोटेक्टिव, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीवायरल भी है।

बेल की पत्तियों में मौजूद पोषक तत्व

विशेषज्ञ मानते हैं कि बेल की पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन बी-1, विटामिन बी-2, विटामिन सी, बीटा कैरोटीन, एमिनो एसिड, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस भी मौजूद होते हैं। इसलिए यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने के साथ-साथ पाचन तंत्र की समस्याओं और आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी खाया जाता है।

एंटी डायबिटिक है बेल का पत्ता

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदा एंड फार्मेसी की स्टडी के अनुसार बेल के पत्ते इंसुलिन प्रोडक्शन में मदद कर सकते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं। इसमें स्ट्रांग फाइटोकेमिकल्स भी पाए जाते हैं। यह लिपिड, कोलेस्ट्रॉल और ऑक्सीडेटिव टेंशन लेवल को भी कम कर देता है। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। 

बेल के पत्तों का एंटी ऑक्सीडेटिव एलिमेंट सेल डैमेज से भी बचाव करता है। यह फ्री रेडिकल्स को भी खत्म करता है। आयरन से भरपूर होने के कारण बेल के पत्तों के रोजाना सेवन से खून की कमी की समस्या भी दूर होती है और आप एनर्जेटिक फील करती हैं।

 अब जानिए कैसे करना है प्रयोग 

1 खाली पेट पत्तियों को चबाना

नियमित रूप से लंबे समय तक खाली पेट बेल के पत्तों का सेवन करना चाहिए।

3-4 बेल के पत्ते चबाकर खाया जा सकता है।

2 पीसकर खाएं

बेल की पत्तियों को पानी के साथ मिक्सी में पीस लें।

इस पेस्ट को 1 कप पानी मे घोलकर खाली पेट पी जाएं।

3 तुलसी के साथ करें सेवन

बेल की  2-3  पत्तियों को तुलसी  की  कुछ पत्तियों  के साथ खाली पेट चबा लें।

इससे ब्लड शुगर और कॉलेस्ट्रॉल दोनों कंट्रोल होंगे।

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बेल की पत्तियों के साथ तुलसी की पत्तियां लेने से यह अधिक फायदा करता है। चित्र: शटरस्टॉक

4 काली मिर्च के साथ सेवन

बेल की पत्तियों को काली मिर्च के साथ मिलाकर पीस लें।

इसे 1 कप पानी के साथ पी जाएं।

5 पत्तियों का पाउडर

बेल की पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लिया जाता है।

इसका भी सेवन खाली पेट किया जा सकता है।

बरतें सावधानियां

यदि आप डायबिटिक हैं, तो एलोपैथ दवा लेने के साथ-साथ बेल की पत्तियों का भी सेवन कर सकती हैं। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

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प्रेगनेंसी में बेल की पत्तियाें का उपयोग न करें। चित्र: शटरस्टॉक

यदि आप प्रेगनेंट हैं या प्रेगनेंसी की योजना बना रही हैं, तो बेल पत्र का सेवन न करें।

यह भी पढ़ें:-यहां हैं वो 5 सीफूड, जो डायबिटीज कंट्रोल करने में कर सकते हैं आपकी मदद 

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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