Black Turmeric for Joint Pain : जोड़ों के दर्द से राहत दिला सकती है काली हल्दी, जानिये इस्तेमाल का सही तरीका

नारंगी कलर की हल्दी की अपेक्षा काली हल्दी में औषधीय गुण अधिक होते हैं। औषधीय गुणों के कारण यह महंगी भी अधिक होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि एंटी इन्फ्लेमेटरी काली हल्दी का प्रयोग जोड़ों के दर्द को कम करने में किया जा सकता है।
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काली हल्दी के सूजन-रोधी गुण दर्द को कम करने और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार करने में भूमिका निभाते हैं। चित्र : इन्स्टाग्राम
स्मिता सिंह Published: 18 Dec 2023, 06:05 pm IST
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मेडिकली रिव्यूड

हल्दी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होती है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूती देती है। इसलिए यह किचन के मसालों के साथ-साथ औषधि के रूप में भी इस्तेमाल की जाती रही है। पर क्या आप जानते हैं कि हल्दी की एक नहीं, कई किस्में होती हैं। इन दिनों अम्बा हल्दी या कस्तूरी हल्दी के बारे में भी लोग जानने लगे हैं। जबकि एक और तरह की हल्दी है, जो न केवल इन सभी से महंगी है, बल्कि औषधीय गुणों का भी खजाना है। हम बात कर रहे हैं ब्लैक टर्मरिक (Black turmeric) या काली हल्दी (Kali haldi) के बारे में। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब काली हल्दी की पूरी जड़ का उपयोग किया जाता है, तो इसके स्वास्थ्य लाभ बढ़ जाते हैं। खासकर जोड़ों के दर्द (black turmeric for joint pain) को दूर करता है।

क्या है काली हल्दी (Black Turmeric)

काली हल्दी बहुत दुर्लभ जड़ी बूटी (Black Turmeric Herb) है। यह आम नारंगी हल्दी से काफी अलग दिखती है। इसका गूदा नीला-बैंगनी रंग का होता है। यह पूरी तरह से डार्क ब्लू या हल्के और गहरे गोलों के रूप में दिखाई दे सकता है। कभी-कभी बीच में या त्वचा के पास हल्का ब्लू दिखाई देता है। काली हल्दी में तीखी कपूर जैसी गंध होती है। यह सुपरफ़ूड रेयर मिल पाती है। इसलिए काफी महंगी मिलती है काली हल्दी। काली हल्दी में किसी भी पौधे की प्रजाति की तुलना में करक्यूमिन की मात्रा सबसे अधिक होती है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजन रोधी है। इसकी जड़ का उपयोग सदियों से औषधीय रूप में किया जाता रहा है।

सामान्य हल्दी से अलग काली हल्दी (Black Turmeric and orange Turmeric)

हल्दी अदरक परिवार से संबंधित फूल वाला पौधा है। हल्दी में करक्यूमिन सक्रिय यौगिक होता है, जो इसके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जिम्मेदार है।

सामान्य हल्दी (Curcuma longa)

यह हल्दी का सबसे व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त और आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला प्रकार है। इसका रंग चमकीला पीला-नारंगी होता है। इसे अक्सर खाना पकाने में मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है। सामान्य हल्दी में लगभग 2-5% करक्यूमिन होता है, जो इसके रंग और संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए जिम्मेदार है।

काली हल्दी (Curcuma caesia)

काली हल्दी का नाम इसके गहरे नीले-काले राइजोम (underground stems) के कारण रखा गया है। इसका उपयोग आमतौर पर खाना पकाने में नहीं किया जाता है। विभिन्न संस्कृतियों में इसका पारंपरिक औषधीय उपयोग होता है। काली हल्दी में सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। दवा में बहुत अधिक उपयोग होने के कारण यह बहुत महंगी होती है।

कई रोगों से बचाव कर सकती है काली हल्दी (Black Turmeric for diseases)

काली हल्दी में कार्मिनेटिव गुण होते हैं, जो पाचन संबंधी परेशानी और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। यह पाचन एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करके स्वस्थ पाचन को भी बढ़ावा दे सकता है। काली हल्दी के अर्क में रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया, फंगस और वायरस के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं। काली हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने और शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने में मदद कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव (Anti Oxidant) पुरानी बीमारियों और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया की रोकथाम में मदद कर सकते हैं। सूजनरोधी और रोगाणुरोधी गुण के कारण पारंपरिक चिकित्सा में मुंहासे, एक्जिमा और घावों जैसी विभिन्न त्वचा स्थितियों के इलाज के लिए काली हल्दी को कभी-कभी त्वचा पर लगाया जाता है।

जोड़ों के दर्द में काम कर सकती है काली हल्दी (black turmeric for joint pain )

पीली हल्दी की तरह काली हल्दी में करक्यूमिनोइड्स होते हैं, जो सूजन रोधी गुणों (Anti Inflammatory) के लिए जाने जाते हैं। इन यौगिकों में शरीर में सूजन को कम करने में मदद करने की क्षमता होती है। यह गठिया, सूजन आंत्र रोग और हृदय संबंधी विकारों को दूर करने में मदद करती है। पारंपरिक चिकित्सक अक्सर दर्द को कम करने के लिए काली हल्दी का उपयोग करते हैं, खासकर जोड़ों के दर्द और गठिया के मामलों में। इसके सूजन-रोधी गुण दर्द को कम करने और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार करने में भूमिका निभा सकते हैं।

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काली हल्दी  केकरक्यूमिनोइड्स यौगिक शरीर में सूजन को कम करने में मदद करने की क्षमता होती है। चित्र : अडोबी स्टॉक

सूजन-रोधी गुण (Anti Inflammatory Properties)

हल्दी के सूजन-रोधी गुण गठिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक हो सकते हैं। इसमें डीजेनरेटीव अर्थराइटिस (Osteoarthritis) और सूजन संबंधी गठिया (rheumatoid arthritis, psoriatic arthritis, gout) दोनों शामिल हैं।

कैसे प्रयोग करें (How to use Black Turmeric)

काली हल्दी का उपयोग आम हल्दी की तरह खाना पकाने में नहीं किया जाता है, लेकिन इसका पारंपरिक औषधीय उपयोग होता है।

1 पाउडर के रूप में (Black Turmeric Powder) 

काली हल्दी का उपयोग करने का सबसे सुविधाजनक तरीका पाउडर के रूप में है।

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2 स्मूदी (Black Turmeric powder in Smoothie) 

स्मूदी में 1/4 से 1/2 चम्मच पिसी हुई काली हल्दी मिलाया जा सकता है।

3 चाय (Black Turmeric Tea) 

चाय बनाने के लिए काली हल्दी पाउडर को गर्म पानी में मिलाएं। स्वाद को संतुलित करने के लिए शहद और नींबू मिलाया जा सकता है।

4 सूप और स्ट्यू (Black Turmeric in soup and stew) 

काली हल्दी का उपयोग रंग भरने वाले एजेंट के रूप में स्वास्थ्य लाभों के लिए सूप और स्ट्यू में थोड़ी मात्रा मिलाकर किया जा सकता है।

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काली हल्दी का उपयोग सूप और स्ट्यू में थोड़ी मात्रा मिलाकर किया जा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

ध्यान दें

काली हल्दी का स्वाद आम हल्दी से काफी अलग होता है। इसलिए शुरुआत में इसका इस्तेमाल कम से कम करें। इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर करें।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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