5 कारण, कि आपको अपनी मानसून डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए एक चम्मच शहद

Updated on: 1 August 2022, 15:10 pm IST

पोषक तत्वों से भरपूर शहद को अपनी नियमित डाइट में शामिल कर सकती हैं। यह आपकी सेहत के साथ सौंदर्य को भी बनाए रखने में मदद करेगा।

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मानसून डाइट में जरूर शामिल करें एक चम्मच शहद. चित्र शटरस्टॉक।

शहद का इस्तेमाल प्राचीन समय से होता चला आ रहा है। इसके औषधीय गुणों को लेकर आयुर्वेद में इसे दवाइयों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही यदि बात घरेलू नुस्खे की करें, तो यह कई समस्याओं का रामबाण इलाज हो सकता है। परंतु अब विज्ञान भी शहद की खूबियों की पुष्टि कर चुका है।

मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से बनाए गए इस पदार्थ का प्रयोग तरह-तरह के व्यंजनों में मिठास लाने के लिए किया जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर शहद कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने में कारगर हो सकता है। परंतु इसे इस्तेमाल में लाने से पहले यह असली है या मिलावटी इस बात की जांच करना जरूरी है।

यदि यह प्राकृतिक शुद्ध शहद की जगह मिलावटी शहद हो, तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

अक्सर लोग शहद को नियमित डाइट में शामिल करने की बात करते हैं। परंतु क्या आपको मालूम है इसके पीछे का कारण? यदि नहीं, तो आज जानेंगे किस तरह शहद हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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शहद में एंटी बैक्टीरिया गुण होते हैं। चित्र-शटरस्टॉक।

यहां जानें किस तरह फायदेमंद होता है शहद

नेशनल मेडिसिन ऑफ लाइब्रेरी द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार शहद में विटामिन्स जैसे की एस्कॉर्बिक एसिड, पैंटोथेनिक एसिड, नियासिन और राइबोफ्लेविन के साथ कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, पोटेशियम और जिंक जैसे खास मिनरल्स भी पाए जाते हैं।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड्स भी पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में आरओएस (reactive oxygen species) को न्यूट्रल रखते हैं। क्योंकि आरओएस सेल्स डैमेज का कारण बन सकते हैं।

शुगर से बेहतर होता है शहद

यदि बात ब्लड शुगर लेवल की करें, तो शहद भी अन्य शुगर की तरह ब्लड ग्लूकोज लेवल को बढ़ाता है। परंतु इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मेटाबॉलिक सिंड्रोम से प्रोटेक्ट करता है, और डायबिटीज की समस्या में फायदेमंद हो सकता हैं।

पब मेड सेंट्रल द्वारा शहद को लेकर किए गए एक अध्ययन के अनुसार शहर इन्फ्लेमेशन रिड्यूस करने वाले एडिपोनेक्टिन नामक हार्मोन को रिलीज करता है, और ब्लड रेगुलेशन को भी संतुलित रखता है। ऐसे में डाइबिटीज के मरीज भी एक सिमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं।

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टैनिंग को कम करने के लिए अपनाएं प्राकृतिक घरेलू उपाय। चित्र- शटरस्टॉक

यहां जाने क्यों नियमित आहार में शहद को शामिल करना है जरूरी

1. एनर्जी बूस्टर

शहद में ग्लूकोज मौजूद होता है, जो शरीर में जाकर एनर्जी बूस्ट करने का काम करता है। इसलिए ज्यादातर होममेड एनर्जी ड्रिंक्स में शहद का इस्तेमाल किया जाता है। यह थकान और आलस को कम करने में मदद करता है।

2. जलन और घाव को हील करने में मददगार

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी एंड मेडिसिन द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि शहद में मौजूद प्रॉपर्टीज स्किन के जल जाने पर, इन्फेक्शन और सर्जरी से हुए घाव को हील करने में मदद करती है।

वहीं रिसर्च में बताया गया है कि शहद में हीलिंग पावर उसके एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी इफेक्ट के कारण होती हैं। शहद स्किन से जुड़ी कई अन्य समस्याओं में फायदेमंद हो सकता है।

3. वेट लॉस में मदद करे

कई डायटिशियन और फिटनेस एक्सपर्ट वजन कम करने के लिए नियमित रूप से सुबह गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि शहद में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में मदद करते हैं। यह वेट लॉस के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। हालांकि, एक सीमित मात्रा में ही शहद का सेवन करें अन्यथा यह वजन कम करने की जगह आपके वजन को बढ़ा सकता है।

Honey aapke skin ke liye best ingredient hai
शहद आपकी त्‍वचा के लिए बेहतरीन सामग्री है। चित्र: शटरस्‍टॉक

4. स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन हेल्थ के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। इसके साथ ही शहद डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है। वहीं यह आपकी ड्राई स्किन के लिए प्राकृतिक मॉइश्चराइजर का भी काम करती है।

5. खांसी की समस्या का रामबाण इलाज

आपने अक्सर सुना होगा कि लोग सर्दी खांसी में शहद का प्रयोग करते हैं। असल में शहद के अंदर मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण खांसी पैदा करने वाले संक्रमण से राहत पाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही कफ को पतला करके इसे शरीर से बाहर निकाल देता है।

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अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली में जर्नलिज़्म की छात्रा अंजलि फूड, ब्लॉगिंग, ट्रैवल और आध्यात्मिक किताबों में रुचि रखती हैं।