इन 4 शिकाकाई हेयर मास्क के साथ पाएं सेहतमंद, घने, काले और लम्बे बाल

Updated on: 20 June 2022, 19:09 pm IST

कई विटामिन और पोषक तत्त्वों से भरपूर शिकाकाई का इस्तेमाल बरसों से बालों से जुड़ी हर समस्या के समाधान के तौर पर होता आ रहा है, जिसका ज़िक्र आयुर्वेद में भी साफ़ तौर पर मिलता है। 

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गिलोय से दूर होती हैं बालों की सभी समस्याएं। चित्र:शटरस्टॉक

शिकाकाई, जिसे तमिल में शिका, तेलुगु में सीकाया और अंग्रेजी में सोप पॉड (soap pod) भी कहा जाता है, स्वस्थ, लंबे बालों के लिए एक बढ़िया आयुर्वेदिक इलाज है। शिकाकाई के पेड़ की फली, पत्तियां और छाल विटामिन ए, सी, डी, ई और के से भरपूर होती हैं। इसका उपयोग बालों को साफ करने, बालों के लिए तेल बनाने यहां तक ​​कि बालों को पोषण देने के लिए हेयर मास्क बनाने में भी किया जा सकता है। शिकाकाई में विटामिन भी होते हैं, जो बालों के उगने में सहायता करते हैं। आइए क्यों है बरसों से हमारी नानी और दादी का शिकाकाई पर भरोसा (shikakai benefits for hair) और कैसे करना है इसका इस्तेमाल (How to use shikakai for hair)। 

बालों के लिए बरसों पुराना नुस्खा है शिकाकाई 

शिकाकाई बालों के विकास को बढ़ावा देता है, बालों के झड़ने और टूटने को कम करता है, और बालों में बाउंस और शाइन जोड़ता है। शिकाकाई का उपयोग कई आयुर्वेदिक शैंपू और साबुन में भी किया जाता है, और इसकी छाल में बहुत अधिक मात्रा में सैपोनिन होते हैं। जो कई शैंपू में फोमिंग घटक के रूप में कार्यरत होते हैं। सैपोनिन एक सौम्य सफाई एजेंट है जो एक साफ और स्वस्थ स्कैल्प के रखरखाव में सहायता करता है।

बालों के लिए कैसे तैयार किया जाता है शिकाकाई 

शिकाकाई की फलियों को धूप में सुखाकर पाउडर बनाया जाता है। शिकाकाई पाउडर को पानी और अन्य जड़ी-बूटियों जैसे आंवला और रीठा पाउडर के साथ मिलाकर बालों को धोने वाला पेस्ट बनाया जा सकता है। शिकाकाई पाउडर का उपयोग अक्सर बालों और खोपड़ी के विभिन्न विकारों के इलाज के लिए किया जाता है। शिकाकाई, जिसमें सफाई और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, बालों के झड़ने को नियंत्रित करने और रूसी को रोकने में मदद करने के लिए रीठा और आंवला के साथ मिलकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बालों में चमक लाता है और उन्हें सफेद होने से बचाता है।

आइए जानते हैं बालों के लिए शिकाकाई के फायदे और इस्तेमाल का तरीका 

इसके महत्वपूर्ण पोषक तत्व और प्राकृतिक घटक आपके बालों को मजबूत बनाने में अत्यधिक प्रभावी हैं, खासकर सर्दियों में। एक प्राकृतिक सर्फेक्टेंट के रूप में, यह बालों के रोम यानी जड़ों को धोता है, चिकनाई को कम करता है, और बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है। शिकाकाई में विटामिन भी होते हैं जो बालों के वापिस उगने में सहायता करते हैं।

1 मजबूत बालों के लिए 

शिकाकाई में ऐसे एक्टिव कॉम्पोनेन्ट होते हैं जो महत्वपूर्ण तेलों और विटामिनों के साथ स्कैल्प को पोषण देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्वस्थ बालों का विकास होता है। शिकाकाई पाउडर बालों की जड़ों को मजबूत बनाए रखता है और उन्हें दोमुंहे होने से, टूटने और बालों के झड़ने से बचाता है। शिकाकाई लंबे, स्वस्थ बाल पाने सहायता कर सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल 

शिकाकाई पाउडर और ताजा दही के मिश्रण को अपने बालों और स्कैल्प पर लगाएं। ठंडे पानी से धोने से पहले इसे 20-30 मिनट तक बैठने दें। नियमित उपयोग से आपके बाल मोटे और मजबूत होने लगते हैं। 

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बालों से जुड़ी हर समस्या का समाधान है शिकाकाई, चित्र: शटरस्टॉक

2 बालों को असमय सफ़ेद होने से बचाने के लिए 

सफेद बाल उम्र बढ़ने का एक स्वाभाविक हिस्सा है और इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है, पर अगर सही उम्र में शिकाकाई को अपनाया जाए तो असमय बाल सफ़ेद होने की समस्या से काफी हद छुटकारा मिल सकता है, समय से पहले सफेद बाल कई कारणों से हो सकते हैं जिनमें मुख्य रूप से तनाव एक बड़ा कारण है। शिकाकाई पाउडर बालों में आसानी से प्रवेश कर जाता है, जिससे बाल प्राकृतिक, गहरे, घने और अधिक चमकदार दिखाई देते हैं।

कैसे करें प्रयोग: 

रात को शिकाकाई को लोहे के जार में पानी में भिगो दें। सुबह पानी को उबालें और इससे अपने बालों को धो लें। इसे एक आदत बना लेना भी फायदेमंद रहेगा।

3 जूंओं से निजात पाने के लिए 

बालों में रेंगने वाले गंदे जूं न सिर्फ आपका खून चूसते हैं बल्कि स्कैल्प पर खुजली की वजह बन कर आपको सबके आगे शर्मिन्दा भी महसूस कराते हैं। शिकाकाई का पीएच कम होता है, जिससे सिर पर  जुओं का रहना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, शिकाकाई में जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुण होते हैं जो सिर पर जुएँ पैदा होने से रोकते भी हैं।

कैसे करें प्रयोग: 

लगभग आधा कप कपूर का तेल लें। 2 चम्मच नीम की पत्ती का पाउडर, 1 चम्मच तिल का तेल और 1 चम्मच शिकाकाई पाउडर सभी को एक साथ मिलाएं, और अगर यह बहुत गाढ़ा है, तो तिल के तेल की एक दो बूंदें और डालें। बालों की जड़ों पर विशेष ध्यान देते हुए इसे स्कैल्प पर लगाएं। जूं वाली कंघी का उपयोग करके मृत जूं और निट्स को हटाएं। उसके बाद अपने बालों को ठंडे पानी और एक हल्के शैम्पू से धो लें। जुओं के चले जाने तक इस प्रक्रिया को दो या तीन बार और दोहराएं।

scalp itching men faaydemand hai shikaakaai
स्कैल्प इचिंग में फायदेमंद है शिकाकाई

4 स्कैल्प इचिंग को दूर भगाने के लिए 

अपनी एंटी इन्फ्लेमेट्री और एंटी-बैक्टीरियल विशेषताओं के साथ शिकाकाई इचिंग और जलन वाले स्कैल्प को राहत देता है।

कैसे करें प्रयोग:

2-3 टेबल-स्पून जैतून का तेल और 1 टेबल-स्पून ताज़ा सादा दही मिलाएं। इसमें दो बड़े चम्मच शिकाकाई पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं। इसे अपने बालों और स्कैल्प पर लगाकर कुछ मिनट तक धीरे धीरे से मसाज करें। शावर कैप लगाएं और मास्क को अपने बालों पर 40 मिनट से एक घंटे तक लगा रहने दें। सप्ताह में कम से कम एक या दो बार सौम्य धुलाई के साथ दोहराएं।

यहां जानिए शिकाकाई पाउडर बनाने का तरीका 

आपको किस चीज़ की ज़रूरत पड़ेगी:

शिकाकाई – 500 ग्राम।

रीठा (साबुन अखरोट) – 100 ग्राम।

मेथी (मेथी के बीज) – 250 ग्राम।

ताजी तुलसी (Holy basil) के पत्ते – 1 गुच्छा

मूंग दाल (या चने की दाल) – 250 ग्राम।

ताजा कड़ी पत्ता – 1 गुच्छा

इस तरह करें तैयार 

शिकाकाई पाउडर गर्मियों में बनाना सबसे अच्छा है, क्योंकि हर चीज़ को धो कर सुखाने के लिए 6 घंटे की अच्छी धूप की ज़रूरत है। दो दिनों में सारी सामग्री पूरी तरह सूख के कड़क हो जाएंगी। अब इन सबको साथ में मिला कर एक महीन पाउडर बना लें। इस हेयर वॉश पाउडर को साफ, सूखे कंटेनर में रखें। इस पाउडर की शेल्फ लाइफ बहुत लंबी होती है, तो आप इसे महीनों तक स्टोर कर सकती हैं।

शिकाकाई आपके बालों पर बहुत कोमल होती है और यह आपके बालों में उनका प्राकृतिक तेल बनाए रखती है। शिकाकाई के बने इस पाउडर से बालों को शैम्पू करने पर वे बेहद खूबसूरत और हेल्दी हो जाते हैं।

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय