पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

Neem hair mask: डैंड्रफ से छुटकारा पाने का बेहतरीन उपाय है नीम हेयर मास्क, जानिए इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका

नीम में एज़ाडिरेक्टिन कंपाउड पाया जाता है। इससे मेलेसिया फंगस को दूर करके नेचुरल आयल के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे स्कैल्प पर बढ़ने वाली डैंड्रफ की समस्या हल हो जाती है।
Published On: 26 Nov 2024, 06:22 pm IST
जब शरीर में पित्त का प्रभाव बढ़ने लगता है, तो ड्राइनेस का सामना करना पड़ता है। इसके चलते डैंड्रफ की समस्या बढ़ने लगती है। चित्र : अडोबी स्टॉक

सर्दी के मौसम में बालों का टूटना और झड़ना सामान्य है। मगर साथ ही एक समस्या ऐसी भी है, जो स्कैल्प पर खुजली और रैशेज का कारण बनती है। वो है स्कैल्प का रूखापन, जिससे डैंड्रफ का सामना करना पड़ता है। दरअसल, सीबम सिक्रीशन की कमी डैंड्रफ की समस्या को बढ़ा देती है। इससे बालों में व्हाइट फ्लेक्स दिखने लगते है। इस समस्या से राहत पाने के लिए कई तरह के शैम्पू और लोशन का इस्तेमाल किया जाता है। मगर समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। ऐसे में एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर नीम बालों की सेहत के लिए बेहद कारगर उपाय है। जानते हैं किस तरह नीम का इस्तेमाल करके बालों में बढ़ने वाली डैंड्रफ की समस्या (Neem hair mask for dandruff) को कम किया जा सकता है।

क्यों बार–बार लौट आती है डैंड्रफ (Why dandruff comes back again)

इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ अंकुर तंवर बताते हैं कि जब शरीर में पित्त का प्रभाव बढ़ने लगता है, तो ड्राइनेस का सामना करना पड़ता है। इसके चलते डैंड्रफ की समस्या बढ़ने लगती है, जो एक परत के समान स्कैल्प को कवर कर लेती है। स्कैल्प पर जमने वाली डेड स्किन सेल्स की परत डैंड्रफ झड़कर कंधों पर भी गिरने लगता है। इससे बचने के लिए नीम की कड़वाहट फायदेमंद साबित होती है।

इसके चलते डैंड्रफ को दूर करने के लिए नीम का पत्तियों का पेस्ट, तेल और पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। एनआईउच के अनुसार रूसी आमतौर पर सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस से संबंधित एक समस्या है, जो खोपड़ी पर खुजली और परतदार त्वचा का कारण बनता है।

डैंड्रफ को दूर करने के लिए नीम का पत्तियों का पेस्ट, तेल और पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

ये हैं डैंड्रफ के सामान्य कारण (Causes of dandruff)

  • त्वचा पर फंगल इंफेक्शन का बढ़ना, मलसेज़िया से ग्रस्त होने पर त्वचा कोशिका में वृद्धि होती है
  • बालों में अच्छी तरह से शैम्पू न करना, जिससे त्वचा की कोशिकाएँ जमा हो सकती हैं
  • बालों को बहुत ज़्यादा या बहुत ज़ोर से ब्रश करना
  • केमिकल युक्त शैम्पू का अत्यधिक इस्तेमाल करना
  • सूरज की क्षति का सामना करना
  • बार बार धूल या गंदगी के संपर्क में आना

डैंड्रफ या रूसी पर कैसे काम करता है नीम (How neem is beneficial to remove dandruff)

एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ से भरपूर नीम में एज़ाडिरेक्टिन कंपाउड पाया जाता है। इससे मेलेसिया फंगस को दूर करके नेचुरल आयरन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ से स्कैल्प पर बढ़ने वाली खुजली की समस्या हल हो जाती है। इससे स्कैल्प पर ठंडक महसूस होती है। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर स्प्रे के रूप में अप्लाई करने से रूसी से राहत मिलती है। इसके अलावा नीम की पत्तियों का तेल भी बालों के लिए फायदेमंद साबित होता है।

इससे मेलेसिया फंगस को दूर करके नेचुरल आयरन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है।

डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए 5 नीम हेयर मास्क (Neem hair mask to remove dandruff)

1. नीम की पत्तियां और शहद

इसके लिए मुट्ठी भर नीम की पत्तियों को धोकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। अब उसमें शहद को मिलाकर हेयर मास्क बना लें। तैयार पेस्ट को स्कैल्प पर लगाकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे डैंड्रफकम करने के अलावा इचिंग से भी राहत मिल जाती है।

2. दही में मिलाएं नीम की पत्तियां

हेयर कंडीशनिंग के लिए कारगर दही में नीम की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर लागने से बालों का रूखापन कम होने लगता है। इससे हेयर डैंड्रफ से राहत मिल जाती है। 20 से 25 मिनट तक बालों में लगाकर छोड़ दें और फिर माइल्ड शैम्पू से बालों को धो लें।

हेयर कंडीशनिंग के लिए कारगर दही में नीम की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर लागने से बालों का रूखापन कम होने लगता है।

3. मुल्तानी मिट्टी में नीम का पेस्ट करें एड

नीम के पेस्ट को पतला कर लें और उसे मुल्तानी मिट्टी में मिला ले। इसमें आवश्यकतानुसार पानी डालकर हिलाएं और स्कैल्प पर लगाएं। इससे बालों का रूखापन कम होता है और बालों की मज़बूती बढ़ जाती है। सप्ताह में दो बार इसका इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है।

4. आंवला पाउडर को नीम के पानी में मिलाकर लगाएं

इसके लिए नीम को पानी में उबालकर छान लें। अब पानी ठंडा होने के बाद उसमें आंवला का पाउडर एड कर दें। तैयार पेस्ट का बालों की जड़ों से लेकर लेंथ तक लगाएं। इससे हेयर डेंसिटी में सुधार आने लगता है और हेयर थिननेस कम हो जाती है।

नीम की पत्तियों का तेल भी बालों के लिए फायदेमंद साबित होता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

5. नीम और मेथीदाना पेस्ट है फायदेमंद

सबसे पहले 1 चम्मच मेथीदाना को ओवरनाईट सोक करने के लिए रख दें। अब उसका पेस्ट तैयार कर लें और उसमें आधा कप नीम को लेकर पेस्ट बनाएं। दोनों चीजों से तैयार मिश्रण को बालों की जड़ों में लगाएं और कुछ देर तक मसाज करें। इसके बाद बालों को धो लें।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

अगला लेख