प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग को कंट्रोल करने में मदद कर सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स, जानिए कैसे करती हैं काम

बालों का सफेद होना एक नेचुरल प्रोसेस है, मगर कुछ लोग उम्र से पहले ही बालों के सफेद होने का सामना करते हैं। अगर आप भी प्रीमेच्योर हेयर ग्रेइंग का सामना कर रहे हैं, तो आयुर्वेद आपकी मदद कर सकता है।
Jaanein kaise badhti hai safed baalon ki samasya
जानेंगे बालों के लिए कुछ खास टिप्स। चित्र:शटरस्टॉक
अंजलि कुमारी Updated: 29 Feb 2024, 05:48 pm IST
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एक उम्र के बाद बालों का सफेद होना बिल्कुल नॉर्मल है। 30 से 40 की उम्र के बीच बाल सफेद होना शुरू हो जाते हैं। किसी को पहले तो किसी को देर से पर इसका सामना सभी को करना पड़ता है। हालांकि, कई ऐसे अन्य कारण भी हैं, जिससे कि बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं। जेनेटिक्स, हार्मोंस, पोषक तत्वों की कमी, अत्यधिक तनाव, दवाइयों के साइड इफेक्ट्स, आदि कुछ ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं। हालांकि, आप चाहें तो अपने बालों को सफेद होने से बचा सकती हैं। ऐसे कुछ खास आयुर्वेदिक हर्ब्स (Herbs to control premature hair graying) हैं, जो आपके बालों को समय से पहले सफेद नहीं होने देते। तो चलिए जानते हैं, इन खास हर्ब्स के बारे में।

यहां हैं आपके बालों के लिए कुछ खास हर्ब्स (Herbs to control premature hair graying)

1. कड़ी पत्ता (curry patta)

कड़ी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन बी के एक बेहतरीन स्रोत है। यह मेलानिन के प्रोडक्शन को बढ़ा देते हैं और हेयर फॉलिकल्स में नेचुरल हेयर पिगमेंट को रिस्टोर करते हैं। इसके अलावा कड़ी पत्ता सेलेनियम, आयरन, आयोडिन और जिंक जैसे महत्वपूर्ण मिनरल से भरपूर होते हैं, जो बालों को समय से पहले सफेद नहीं होने देते। इसके पोषक तत्वों की गुणवत्ता को प्राप्त करने के लिए आप इन्हे अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। साथ-साथ इनका पेस्ट बनाकर अपने बालों पर भी अप्लाई करें।

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आपके बालों के लिए अच्छा है नीम का फूल। चित्र : शटरस्टॉक

2. नीम (neem)

नीम की पत्तियां एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो इसे बालों की सेहत के लिए बेहद खास बनाते हैं। नीम ऑयल और नीम हेयर मास्क ये दोनों आपके बालों को समय से पहले सफेद नहीं होने देते। यदि आपके पास नीम के पत्ते नहीं हैं, तो आप नियमित रूप से नीम के तेल को अपने बालों पर अप्लाई कर सकती हैं। इससे आपके बाल जड़ से मजबूत होते हैं, साथ ही स्कैल्प संबंधी समस्याएं भी आपको परेशान नहीं करती हैं।

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3. आंवला (gooseberry)

आंवला का निम्नलिखित इस्तेमाल बालों के नेचुरल पिगमेंटेशन को रिस्टोर करता है और बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है। ये एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी का एक बेहतरीन स्रोत है, ये दोनों पोषक तत्व बालों की सेहत के लिए बेहद जरूरी होते हैं। आंवला को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें और इसे क्रश करें, अब कोकोनट ऑयल में क्रश किए हुए आंवला को डाल दें। इन्हे अच्छी तरह बॉयल होने दें, आखिर में कोकोनट ऑयल को छानकर अलग निकाल लें और इससे अपने बालों को नियमित रूप से मसाज दें। इसके अलावा आप चाहे तो आंवला को पीसकर कर इसका जूस निकाल कर इसे अपने बालों पर अप्लाई कर सकती हैं।

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आंवले में पौष्टिक गुण भी होते हैं। एक आंवले में 80 प्रतिशत तक नमी होती है। चित्र : शटरस्टॉक

4. त्रिफला (triphala)

त्रिफला को तीन खास हर्ब्स के कांबिनेशन से तैयार किया जाता है, जिसमे आंवला, बिभीतकी, हरीतकी शामिल हैं। यह बाल एवं त्वचा सहित सामग्र सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसमें कई खास पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा पाई जाती है, हो इसे बालों को स्वस्थ रखने के लिए खास बनाते हैं। इसके नियमित सेवन से बाल समय से पहले सफेद नहीं होते हैं, और बाल जड़ से मजबूत होते हैं। साथ ही साथ बालों की चमक भी बरकरार रहती है।

5. भृंगराज (eclipta alba)

भृंगराज बालों को समय से पहले सफेद नहीं होने देते। ये एक खास हर्ब है, वहीं इसमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व और प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। भृंगराज ऑयल को गुनगुना कर लें और इससे अपने स्कैल्प को अच्छी तरह से मसाज करें। ये हेयर फॉलिकल्स को स्वस्थ रखता है और हेल्दी हेयर ग्रोथ में मदद करता है। इतना ही नहीं यह बालों के नेचुरल कलर को बरकरार रखता है और बालों को समय से पहले सफेद नहीं होने देता।

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लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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