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Will you be my quarantine : प्‍यार के साथ सुख-दुख में साझेदारी को भी मजबूत करेंगे ये 3 टिप्‍स

Updated on: 12 February 2021, 18:16pm IST
कोरोनावायरस और लॉकडाउन ने काफी कुछ बदल दिया है। पर शुक्र है कि इसने लॉन्‍ग टर्म रिलेशनशिप के महत्‍व को भी समझाया। तो इस बार वैलेंटाइन नहीं, बनिए एक-दूसरे के क्‍वारंटाइन।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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: शटरस्टॉक

विल यू बी माय वैलेंटाइन! सुनने में कितना अच्छा लगता है न? यकीनन हर किसी की यही चाहत होती है कि उसका होने वाला पार्टनर उससे यह पूछे और एक अच्छे रिश्ते की शुरुआत करे। लेकिन कोरोनाकाल और लॉकडाउन ने रिश्तों की डोर को कमज़ोर कर दिया है। बीते साल आई तमाम परेशानियों ने लोगो को मानसिक और शारीरिक रूप से गहरा घाव दिया है।

ऐसे वक़्त में हम सभी किसी ऐसे व्यक्ति का साथ चाहतें हैं जो, मुश्किल समय में हमारा हाथ थामे न कि डर कर भाग जाए या और ज्यादा मानसिक तनाव दे।

नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी (NCBI) के अनुसार क्वारंटाइन ने लोगों को तनाव ग्रस्त किया जिसकी वजह से उनके रिश्तों पर भी गहरा असर पड़ा है। इसका सबसे ज्‍यादा बुरा असर अस्‍थायी रिश्‍तों पर पड़ा। वहीं इसके उलट पारंपरिक लंबे समय से साथ रहकर बने रिश्‍तों पर इसका सकारात्‍मक असर देखने में आया।

क्वारंटाइन में स्थाई रिश्तों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। चित्र: शटरस्‍टॉक
क्वारंटाइन में स्थाई रिश्तों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। चित्र: शटरस्‍टॉक

तो फ़र्ज़ कीजिए, अगर इस वैलेंटाइन डे पर कोई आपसे पूछे कि ‘विल यू बी माय क्वारंटाइन?’ तो यह ख़ुशी की बात है क्योंकि वह आपसे आपके सुख- दुःख में साझेदारी चाहता है और एक लम्बी पार्टनरशिप के लिए आज्ञा चाहता है।

वैलेंटाइन से बेहतर है क्‍वारंटाइन, पर कैसे रखना है सामंजस्‍य

1 हर बात की वजह उन्हें न बनाएं

आपने यह कई बार सुना होगा, लेकिन अब इस पर अमल करने का समय आ गया है। हर बात के लिए अपने पार्टनर को दोषी न ठहराएं। यदि आपको ऐसा लग रहा है कि गलती उनकी हो सकती है तब भी, उन पर इल्ज़ाम न लगाएं क्योंकि ऐसा करना उन्हें बुरा महसूस करवा सकता है और रिश्ते में तनाव बढ़ा सकता है। कभी-कभी खुद माफी मांग लेने से, बात बिगड़ने से बच जाती है।

2 डीप कन्वर्सेशन करें

यहां-वहां की बातें तो रोज़ ही हो जाती हैं, लेकिन पार्टनर के मन की गहराइयों में उतरने के लिए उनके बारे में पूछे- कि वे कैसा महसूस कर रहें हैं। उन्हें क्या चीज़ तकलीफ देती हैं- यानी बातचीत में उथलापन न हो, गइराई हो। इससे आप एक-दूसरे को और अच्छी तरह से समझ पाएंगी।

किसी भी रिश्‍ते में संवाद बहुत जरूरी है। चित्र : शटरस्टॉक।
किसी भी रिश्‍ते में संवाद बहुत जरूरी है। चित्र : शटरस्टॉक।

3 वर्क फ्रॉम होम में काम की साझेदारी

लॉकडाउन में कुछ जोड़े‍ बिखर गए, तो कुछ की बॉन्डिंग और भी मजबूत हो गई। वर्क फ्रॉम होम के दौरान एक-दूसरे की घर के कामों में मदद करें। अगर घर के काम का भार सिर्फ एक ही व्यक्ति पर आ जायेगा तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। इसलिए, आपस में घर के काम बांट लें। ऐसा करने से काम भी जल्दी हो जायेगा और किसी दिक्कत का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।