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आखिर क्यों थोक के भाव झूठ बोलते हैं कुछ लोग? हमने ढूंढे इसके वैज्ञानिक कारण

Published on:26 January 2021, 09:00am IST
कुछ लोग मजबूरी में या किसी के दबाव में आकर झूठ बोलते हैं। पर कुछ लोग इस कला में बहुत माहिर होते हैं और झूठ बोलते वक़्त उनके माथे पर एक शिकन भी नही आती।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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जानिए क्‍यों कुछ लोग हमेशा झूठ बोलते हैं। चित्र शटरस्‍टॉक

सालों पुराने संबंध सिर्फ एक झूठ से ख़त्म हो जाते हैं! आलम यह है कि झूठ सुनना किसी को पसंद नही, परंतु झूठ बोलते सब हैं। जी हां, आपने बिल्‍कुल ठीक पढ़ा। इस दुनिया में रहने वाले सभी लोग झूठ बोलते हैंं। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि लोग आखिर क्‍यों झूठ बोलते हैं।
झूठ बोलने के पीछे वैज्ञानिक कारण।

मशहूर मनोवैज्ञानिक और चिकित्सक, ब्रूनो वेरस्‍युरे (Bruno Verschuere) का मानना है कि “झूठ बोलना इंसानी फितरत है और ये चलने या बोलने जितनी ही आम प्रक्रिया है। एक बच्चा अपने विकास पथ में 2 से 3 साल के बीच ही झूठ बोलना सीख लेता है। साथ ही ऐसा देखने को मिला है कि 13 से 17 साल के बच्चे सबसे ज्यादा झूठ का सहारा लेते हैं।”

तो आखिर लोग झूठ क्यों बोलते है और इसके पीछे की सही वजह क्या है? ऐसा माना जाता है कि लोग खुद को या दूसरों को नुकसान से बचाने, गोपनीयता बनाए रखने और शर्मिंदगी से बचने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं। आइये विस्तार से जानते हैं:

सज़ा से बचना:

किसी भी तरह की सजा से बचना झूठ बोलने के सबसे मुख्य कारणों में से एक है। चाहें बच्चे हो या वयस्क, झूठ बोलने की सबसे आम वजह है सजा से बचना। कई बच्चे ऐसे होते हैं जो टीचर की डांट से बचने के लिए झूठ बोल देते हैं।

जानें कैसे पता लगाएं कि आपका पार्टर झूठ बोल रहा है। चित्र : शटरस्‍टॉक
जानें कैसे पता लगाएं कि आपका पार्टर झूठ बोल रहा है। चित्र : शटरस्‍टॉक

साथ ही वयस्क भी अक्सर झूठ का सहारा लेते हैं जब उन्हें लगता है कि उन्हें किसी भी वजह के लिए बेइज्‍जत होना पड़ सकता है। जैसे शराब पीने की आदत को छुपाना, एक गुनहगार अपने अपराध को छुपाने के लिए तब तक झूठ बोलता है, जब तक वह पकड़ा न जाए।

किसी को निराश न करने की चाहत

कई बार हमारे जीवन में इतने प्यारे लोग सामने आते हैं कि हम सच बोल कर उनका दिल नहीं दुखाना चाहते। इसलिए हम अक्सर झूठ बोलकर उन्हें ख़ुशी देने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही, यह डर भी छुपा होता है कि कहीं सच बोलने से हम उन्हें खो न दें। वहीं कई बार लोग दूसरों को छोटा और खुद को बड़ा साबित करने के लिए भी झूठ का सहारा लेते हैं।

खुद को बचाने के चक्कर में झूठ बोलना

खुद को किसी मुसीबत की घड़ी से निकालने के लिए या नियमों का पालन न करने की वजह से लोग कई बार झूठ का सहारा लेते हैं। एक बच्चा अक्सर तब झूठ बोलता है जब उसे डर होता है कि, उसकी शैतानी पकड़ी जाएगी। खुद को सही साबित करने के लिए, अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए लोग अक्सर झूठ का सहारा लेते हैं।

झूठ बोलना भी एक आदत की तरह है। चित्र-शटर्सटॉक
झूठ बोलना भी एक आदत की तरह है। चित्र-शटर्सटॉक

गोपनीयता बरकरार रखने के लिए

कई लोग अपनी पर्सनल लाइफ को मां-बाप के सामने गोपनीय रखने की वजह से झूठ बोलते हैं। अंडर कवर एजेंट्स अपने देश की सुरक्षा के लिए अन्य देशों के सामने अक्सर झूठ बोलते हैं।
झूठ बोलने से हमारे चरित्र का पतन होता है और नैतिकता के लिहाज़ से यह सर्वथा अनुचित है।

झूठ की शुरुआत बचपन से ही होती है। झूठ केवल तभी उचित ठहराया जा सकता है, जब तक सामने वाले के दिल को ठेस न पहुंचे।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।