इमोशनल एडिक्शन तो नहीं टॉक्सिक रिश्ते को झेलते रहने की वजह? जानिए इससे कैसे उबरना है

बहुत खराब रिश्ते से निकलना भी अगर आपको मुश्किल लगता है, तो यह आपके इमोशनल एडिक्शन की वजह से हो सकता है। जानिए इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।

emotional addiction se chutkara paen
इमोशनल एडिक्शन क्या है और इससे कैसे छुटकारा पाएं। चित्र : शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 27 August 2022, 14:00 pm IST
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कई बार हमें जीवन ऐसे दो राहे पर लाकर खड़ा कर देता है कि हम चाह कर भी सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। यह सब हमारी फीलिंग्स की वजह से होता है, जो कभी हमें टॉक्सिक रिश्तों के आगे तो कभी किसी व्यक्ति के प्यार में इतना मजबूर कर देती हैं कि हम इन सब से खुद को बाहर निकाल नहीं पाते हैं। जबकि अब्यूजिव लोगों और रिश्तों को जाने देना ही हमारी मेंटल हेल्थ के लिए सही है। मगर जब चाहकर भी हम इस रिश्ते से नहीं निकल पाते, और बार-बार उन्हीं बुरी स्थितियों का सामना करते रहते हैं, तो यह दर्शाता है कि हम इमाेशनल एडिक्शन के शिकार हो गए हैं। इससे जितना जल्दी हो सके उबर आना जरूरी है। आपकी मदद करने के लिए हम यहां कुछ टिप्स (how to stop emotional addiction) दे रहे हैं।

इमोशनल एडिक्शन तब होती है जब आप किसी के बिना रहने के बारे में नहीं सोच पाती, क्योंकि आप उन पर अपनी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों के लिए इतना निर्भर हो जाती हैं कि आप खुद मजबूर होने लगती हैं।

तो यदि आप भी अपने निजी जीवन में इस समस्या से जूझ रही हैं तो आप इमोशनल एडिक्शन का शिकार हैं। ऐसे में हम बता रहे हैं कुछ टिप्स जो आपको इससे निकलने में मदद कर सकती हैं

1 इंडिपेंडेंट बनें

इंडियन सोसाइटी में हम अक्सर अपनी छोटी – छोटी जरूरतों के लिए अपने पार्टनर पर निर्भर होते हैं। फिर चाहे वो फ़ाइनेंशियल जरूरतें हो या भावनात्मक। इसलिए सबसे पहले ज़रूरी है खुद को आर्थिक तौर पर इंडिपेंडेंट बनाना। भले ही आप छोटी सी नौकरी क्यों न करें, लेकिन इससे भी आपको बहुत हिम्मत मिलेगी और आगे चलकर यह आपको इमोशनली इंडिपेंडेंट बनने में मदद करेगा।

2 अपने दोस्तों और परिवार वालों से बात करें

जब हम किसी के प्रति इमोशनली एडिक्टिड होते हैं तो हमारा पूरा दिन उसके बारे में सोचते – समझते और चिंता करते गुज़र जाता है। हम अपना सारा ध्यान सिर्फ उस व्यक्ति पर केन्द्रित कर देते हैं, जो कि टॉक्सिक है। इसमें आपकी कोई गलती नहीं है, कभी – कभी परिसतिथियां भी ऐसी होती हैं। इसलिए अपने परिवार वालों से बात करें , दोस्तों से मेल जोल बढ़ाएं और उनके साथ बातें शेयर करें।

Domestic issues mental stress paida karte hai
घरेलू परेशनियां मानसिक तनाव पैदा करते हैं। चित्र:शटरस्टॉक

3 सेल्फ रेस्पेक्ट को महत्व दें

कभी-कभी जब आप उन चीजों के बारे में सोच रहे होते हैं जो आपको जीवन में असफल बना देती हैं या जिसके परिणामस्वरूप रिश्ते विफल हो जाते हैं, तो आप अपने स्वयं के मूल्य पर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं।

आप अपने आप को बेकार और भ्रम की भावनाओं से घेर लेते हैं। ऐसे समय में, आपको शक्तिशाली महसूस करने और उन चीजों की सराहना करने की आवश्यकता है जो आपमें हैं। इसलिए खुद को कम न समझें और अपनी सेल्फ रेस्पेक्ट में कमी न आने दें।

4 खुद को स्पेस दें

लोग इमोशनल एडिक्शन का शिकार हो जाते हैं और इससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है। आपको इस तथ्य को समझने की जरूरत है कि इस प्रक्रिया से बाहर आने के लिए बहुत प्रयास और सकारात्मकता की आवश्यकता होती है। इसलिए अपने आप को स्पेस दें। किसी और को खुद को कंज्यूम न करने दें। खुद पर ध्यान दें – खुद से प्यार करें।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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