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शोध बता रहा है कि क्‍यों आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा नहीं है अकेलापन

Published on:21 December 2020, 15:00pm IST
अलग-अलग कारणों से अब हर उम्र के लोगों में अकेलापन बढ़ रहा है। पर वैज्ञानिक इसे हमारे संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदायक मानते हैं।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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अकेलापन हमारी मेमोरी और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
अकेलापन हमारी मेमोरी और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अकेलापन उन दर्द भरे गानों से कहीं अधिक है, जिन्हें आप ब्रेकअप के बाद सुनते हैं। सच्चाई यह है कि अकेलापन, विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों में, बड़ी स्वास्थ्य समस्‍याओं को पैदा कर सकता हैं। मैक गिल यूनिवर्सिटी का एक नया अध्ययन मस्तिष्क में अकेलेपन के प्रभावों को दर्शाता है। इस अध्ययन में पाया गया कि सामाजिक अलगाव की भावनाओं के प्रति हमारी प्रतिक्रिया कैसे प्रतिबिंबित हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने अकेले रह रहे लोगों के दिमाग में एक तरह के लक्षण की खोज की, जो उन्हें विभिन्न तरीकों से अलग बनाते हैं। ये लक्षण विभिन्न मस्तिष्क क्षेत्रों में अलग-अलग मात्रा के आधार पर और साथ ही उन क्षेत्रों के आधार पर कैसे मस्तिष्क नेटवर्क में संचार करते हैं।

एक टीम ने लगभग 40,000 मध्यम आयु वर्ग और पुराने वयस्कों के मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) डेटा, जेनेटिक्स और मनोवैज्ञानिक असेसमेंट की जांच की। ये डेटा ब्रिटेन के बायोबैंक में जानकारी शामिल करने के लिए स्वेच्छा से वैज्ञानिकों के लिए उपलब्ध है। फिर उन्होंने अकेलापन महसूस कर रहे प्रतिभागियों के आंकड़ों की तुलना दूसरे प्रतिभागियों से की।

शोधकर्ताओं ने एकाकी लोगों के दिमाग में कई अंतर पाए

ये डिफ़ॉल्ट नेटवर्क कहे जाने वाले मस्तिष्क अभिव्यक्ति पर केंद्रित थे। ये मस्तिष्क के क्षेत्रों का एक सेट है, जिसमें आंतरिक विचार शामिल होते हैं- जैसे कि याद रखना, भविष्य की योजना बनाना, कल्पना करना और दूसरों के बारे में सोचना।

पुरानी नकारात्‍मक बातों को सोचकर भावुक होना ठीक नहीं। चित्र: शटरस्‍टॉक

शोधकर्ताओं ने पाया कि एकाकी लोगों के डिफ़ॉल्ट नेटवर्क अधिक मजबूती से एक साथ और आश्चर्यजनक रूप से वायर्ड होते हैं। डिफ़ॉल्ट नेटवर्क के क्षेत्रों में उनकी ग्रे मैटर मात्रा अधिक होती है।

मैकगिल विश्वविद्यालय के द न्यूरो (मॉन्ट्रियल न्यूरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट-हॉस्पिटल) और अध्ययन के प्रमुख लेखक नैथन स्प्रेन्ग कहते हैं, “वांछित सामाजिक अनुभवों के अभाव में, अकेला व्यक्ति आंतरिक रूप से निर्देशित विचारों जैसे कि सामाजिक अनुभवों को याद रखने या कल्पना करने के लिए बायस्ड हो सकता है। इन संज्ञानात्मक क्षमताओं को डिफ़ॉल्ट नेटवर्क मस्तिष्क क्षेत्रों द्वारा मध्यस्थ किया जाता है।”

अकेलापन एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है

अतीत में कई अध्ययनों से पता चला है कि अकेलेपन का अनुभव करने वाले वृद्ध लोगों में संज्ञानात्मक गिरावट और यादाश्त कम होने का खतरा अधिक होता है।

अकेलापन बुजुर्गों में एक भयंकर समस्‍या बनता जा रहा है। चित्र: शटरस्‍टॉक
अकेलापन बुजुर्गों में एक भयंकर समस्‍या बनता जा रहा है। चित्र: शटरस्‍टॉक

जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार यह समझना जरूरी है कि अकेलापन मस्तिष्क में कैसे प्रकट होता है, न्यूरोलॉजिकल बीमारी को रोकने और बेहतर उपचार विकसित करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

द नीलो और क्यूबेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डैनिलो बजदोक ने कहा, “हम मस्तिष्क पर अकेलेपन के प्रभाव को समझने के लिए शुरुआत कर रहे हैं। इस क्षेत्र में हमारे ज्ञान का विस्तार करने से हमें आज के समाज में अकेलेपन को कम करने की तात्कालिक आवश्यकता पर जोर देने करने में मदद मिलेगी।”

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।