इन संकेतों से जानिए कि क्या आप सचमुच उनके प्यार में हैं या यह सिर्फ लगाव है

रोज किसी से बात करते हुए क्या आप भी उसकी ओर खींची चली जा रही है और नहीं समझ पा रही कि अटैचमेंट है या प्यार? तो एक्सपर्ट की ये टिप्स आपके लिए मददगार हो सकती हैं।

diffrence between love vs attachment
जानिए क्या आप सचमुच प्यार में हैं या यह सिर्फ लगाव है। चित्र:अडोबी स्टॉक
ईशा गुप्ता Published on: 4 January 2023, 12:30 pm IST
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किसी को देखकर या मिलकर उससे प्रभावित होना आकर्षण का कारण हो सकता है, लेकिन ऑनलाइन डेटिंग के जमाने में यह और भी कंफ्यूजिंग हो सकता है, क्योंकि ऐसे में दोनों सिर्फ अपना सकारात्मक पहलू ही दिखा रहे होते हैं। साथ ही रोज बात करना एक दूसरे भी आदत बन जाता है।

जहां एक ओर ऑनलाइन डेटिंग लोगों को अपना सही पार्टनर चुनने में मदद करती है। वही दूसरी ओर कई लोगों के लिए यह कंफ्यूजन का कारण भी बन सकता है। क्योंकि वो समझ नही पाते कि उन्हें सामने वाले व्यक्ति के लिए अटैचमेंट है या प्यार। ऐसी समस्या में लोग अकेले होने के डर से टोक्सिक पार्टनर को झेलते रहते हैं। इस विषय पर फर्क जाननें के लिए हमनें बात कि गुरुग्राम हॉस्पिटल की सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, डॉ. आरती आनंद से। जिन्होंने हमें इस विषय पर गहनता से समझाते हुए विशेष जानकारी दी।

एक्सपर्ट कुछ संकेत बता रहीं हैं, जो आपको प्यार और लगाव में फर्क करने में मदद करेंगे

अटैचमेंट में व्यक्ति चाहता है कि उसका पार्टनर उसके अनुसार व्यहवार करें। चित्र : शटरस्टॉक

1. आपको बदलने की कोशिश करना

डॉ. आरती आनंद के मुताबिक प्यार में व्यक्ति अपने पार्टनर को अपने फायदे के लिए बदलने की कोशिश नहीं करता, जबकि अटैचमेंट में व्यक्ति चाहता है कि उसका पार्टनर उसके अनुसार व्यहवार करें।

अगर किसी व्यक्ति को आपसे प्यार है, तो वह आपकी खुशियों का ख्याल रखेगा। आपको किस चीज से बुरा लगता है या नहीं इसका भी ख्याल रखेगा। जबकि अटैचमेंट में व्यक्ति चाहता है कि उसका पार्टनर उसके मुताबिक रहे, ऐसे व्यक्ति ज्यादातर अपने पार्टनर की खुशियों और इच्चाओं को नजरअंदाज कर देते हैं।

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2. ईगो को रिश्ते से ज्यादा महत्व देना

जब आपको सच में किसी से प्यार होता है, तो आप लड़ाई सुलझाने से पीछे नहीं हटते। आप इंतेजार नहीं करते कि सामने वाला व्यक्ति आपको समझे बल्कि अपनी इगो को भूलकर खुद आगे बढ़ते हैं। एक्सपर्ट बताती हैं कि अटैचमेंट में आप अपनी इगो को सबसे पहले रखते हैं, और लड़ाई को सुलझाने की जगह अपने पार्टनर में ही गलतियां निकालने लगते है।

3. इमोशनल बॉन्डिंग

एक स्ट्रांग रिलेशनशिप में इमोशनल बॉन्ड होना बेहद आवश्यक है। साइकोलॉजिस्ट डॉ. आरती आनंद का कहना है कि अगर आप और आपका पार्टनर एक दूसरे को इमोशनली समझ पाते हैं और एक दूसरे को इमोशनल समस्या से बाहर लाना जानते हैं, तो आपका रिश्ता जिंदगी भर स्ट्रांग रहेगा।

लेकिन अगर पार्टनर को आपकी भावनाओं से फर्क नहीं पड़ता या आप दोनों इमोशनली एक दूसरे को नहीं समझ पाते हैं, तो इसका कारण आपकी इमोशनल अटैचमेंट ही हो सकती है।

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अटैचमेंट में व्यक्ति अपने पार्टनर को कंट्रोल करने की कोशिश करता है। । चित्र: शटरस्टॉक

4. अपने रिश्ते पर भरोसा होना

प्यार में व्यक्ति अपने रिश्ते पर बहुत ज्यादा भरोसा रखता है कि कैसी भी समस्या हो, दोनों एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ेगे। डॉ. आरती आनंद बताती है कि अटैचमेंट में व्यक्ति अपने पार्टनर को कंट्रोल करने की कोशिश करता है। उसे हमेशा डर रहता है कि उसका पार्टनर उस धोखा दे सकता है। जबकि प्यार में व्यक्ति अपने पार्टनर को स्पेस देना पसंद करता है।

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लेखक के बारे में
ईशा गुप्ता ईशा गुप्ता

यंग कंटेंट राइटर ईशा ब्यूटी, लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े लेख लिखती हैं। ये काम करते हुए तनावमुक्त रहने का उनका अपना अंदाज है।

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