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आपके हर दिन को प्‍लान करने और प्रोडक्टिव बनाने में मदद करेंगे ये 3 टिप्‍स, जानिए कैसे बढ़ानी है एकाग्रता

Published on:12 April 2021, 17:00pm IST
हमारा मस्तिष्क हमारे जीवन को और भी ज्‍यादा सुखी और संपन्‍न बनाने में मदद कर सकता है, अगर हम इसे बेहतर तरीके से इस्‍तेमाल करना सीख जाएं। पर इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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अपने दिन को ज्‍यादा प्रोडक्टिव बनाने के लिए इन टिप्‍स को ट्राय कर सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

सारे संसाधन होने के बावजूद अगर आपका मस्तिष्‍क सही फैसला नहीं लेता है, तो आप दिन के अंत में मायूस महसूस कर सकती हैं। जबकि फोकस्‍ड माइंड न्‍यूनतम संसाधन और समय में भी बेहतर रिजल्‍ट दे सकता है। पर मस्तिष्‍क को फोकस कैसे किया जाए? अगर आपका सवाल भी यही है, तो हम आपके लिए कुछ जरूरी और एक्‍सपर्ट अप्रूव्‍ड टिप्‍स लेकर आए हैं। जोे आपके दिन को और भी ज्‍यादा प्रोडक्टिव और सुकूनभरा बनाने में मदद करेंगे।

पहले समझि कैसे काम करता है दिमाग

असल में हमारा मस्तिष्‍क हमारी दिनचर्या को फॉलो करता है। अगर हमारी दिनचर्या निश्चित होती है, तो हमारा दिमाग ज्‍यादा फोकस होकर काम करता है, हम लक्ष्‍यों के प्रति ज्‍यादा समर्पित रहते हैं और हमारी ऊर्जा का स्तर भी बना रहता है।

ग्रोथ माइंडसेट हैकर (Growth mindset hacker) के लेखक और सिलिकॉन वैली इंटरप्रिन्योर ‘नेला कैनेविक’ के अनुसार, यदि हम अपने जीवन की संरचना दिनचर्या के साथ नहीं करते हैं, तो चीजें जल्दी से नियंत्रण से बाहर हो जाएंगी। इसका मतलब है कि हमें अपने हर दिन का विश्‍लेषण करना होगा।

अपने मस्तिष्‍क को अपनी प्राथमिकताएं समझने में मदद कीजिए। चित्र: शटरस्‍टॉक
अपने मस्तिष्‍क को अपनी प्राथमिकताएं समझने में मदद कीजिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

हम पहले क्या करते हैं, और उसके बाद क्या करते हैं? हमें अपनी ऊर्जा कहां केंद्रित करनी चाहिए? सर्वोच्च प्राथमिकता क्या है? हम कहां जा रहे हैं? हमें यह क्यों चुनना चाहिए?

अगर हम यह कर पाते हैं, तो हमारा मस्तिष्क जल्दी अपने लक्ष्‍यों को समझ पाएगा। और तब हमारे पास अपने लक्ष्‍यों से संबंधित कई प्रश्‍न, उनके कई संभावित उत्‍तर और उनमें गुणात्‍मक बढ़ोतरी करने के कई आइडिया भी होंगे।

‘नेला कैनेविक’ कहती हैं, दिनचर्या जितनी सरल होगी, अभ्यास करने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी और इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क को अधिक लाभ होगा।

यहां सुबह की दिनचर्या के तीन उदाहरण हैं, जो हमारे मस्तिष्क को लाभ पहुंचा सकते हैं- 

1. वह क्या चीज है जिसे मैं आज पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं?

सुबह इस सवाल के साथ उठें और जवाब तलाशने की कोशिश करें।

क्या हैं इसके फायदे

किसी “एक बात” पर ध्यान केंद्रित करने से चीजें सरल रहती हैं। यह आपके मस्तिष्क को बेहतर तरीके से केंद्रित करने में मदद करता है, यह आपको अपने लक्ष्यों (काम या अध्ययन के लिए) को प्राथमिकता देता है। साथ ही यह आपके काम को सुव्यवस्थित करता है। ताकि आप बहुत सी चीजों को एक ही दिन में पूरा करने के बारे में सोचकर परेशान न हों।

यह तय करें कि आज आपको क्‍या करना है। चित्र: शटरस्‍टॉक
यह तय करें कि आज आपको क्‍या करना है। चित्र: शटरस्‍टॉक

आप इसे कैसे कर सकते हैं

कागज की एक शीट पर प्रश्न को लिखें और इसे अपने बेडरूम या बाथरूम की दीवार पर लटका दें। फिर, इसे जोर से पढ़ें। जैसा कि आप प्रत्येक दिन की शुरुआत करते हैं, (उदाहरण के लिए, अपने दांत ब्रश करते समय या कपड़े पहनते हुए) और जो जवाब हो, उसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल करें। इस पर आपको सबसे ज्‍यादा ध्‍यान देना है।

2. खुद को और अपने मस्तिष्‍क को ऊर्जा देने के लिए पौष्टिक नाश्ता तैयार करें

क्या हैं इसका फायदे

नाश्ता करना वास्तव में आपके पूरे सिस्टम को जगाने में मदद करता है। इसके अलावा, यदि आप नाश्ते में कुछ स्वस्थ और स्वादिष्ट लेते हैं, तो संभावना अधिक है कि आप इस आदत को बना लेंगे। इसके अलावा यदि आप कुछ ऐसा तैयार करना चाहते हैं, जो देखने में भी अच्छा है- तो आप अपनी दिनचर्या को ज्‍यादा अनुशासित रख पाएंगी।

नाश्‍ते में कुछ ऐसा खाएं जो पौष्टिक भी हो और आपको पसंंद भी। चित्र : शटरस्‍टॉक
नाश्‍ते में कुछ ऐसा खाएं जो पौष्टिक भी हो और आपको पसंंद भी। चित्र : शटरस्‍टॉक

नाश्ते के आसान विकल्प क्या हैं?

नेला कैनेविक’ कहती हैं, मेरे नाश्ते के कुछ पसंदीदा फ्लेक्स सीड्स और चिया बीज के साथ दलिया का एक कटोरा शामिल है, जिसमें पीनट बटर भी है, या ग्रैनोला के साथ ग्रीक योगर्ट। वह कहती हैं, मौसम के आधार पर नाश्ते में ताजे फल जैसे स्ट्रॉबेरी, अंजीर, केला, अंगूर, ग्रेपफ्रूट, सेब, खुबानी, आम, आड़ू, या पपीता भी शामिल करें। मुझे अखरोट और बादाम पसंद है, क्योंकि वे मस्तिष्क के लिए बेहतरीन फूड हैं।

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3. डीप वर्क (deep work) सुबह के शुरुआती घंटों में करें

डीप वर्क क्या है?

यह ध्यान केंद्रित, निरंतर, विश्लेषणात्मक सोच है जिसके लिए आपको “फ्लो” (flow) में होना चाहिए। ताकि आप उस पर ध्यान केंद्रित करें, जो आपके सामने है, किसी और चीज पर नहीं। डीप वर्क के कुछ उदाहरणों में पढ़ना, लिखना, जटिल सामग्री को रूपरेखा और नोट्स में बदलना, कोडिंग, विश्लेषण करना, महत्वपूर्ण सोच और समस्या को हल करना हो सकता है।

वर्क फ्रॉम होम के लिए भी एक ऑफिस रूटीन मेन्टेन करें। चित्र: शटरस्‍टॉक
डीप वर्क को दिन के शुरुआती घंटों में निपटाएं। चित्र: शटरस्‍टॉक

यह क्यों जरूरी है?

वैज्ञानिकों का सुझाव है कि हमारे जागने के 2 से 4 घंटे के दरमियान मस्तिष्क का प्रदर्शन अपने चरम पर होता है। दूसरे शब्दों में, जब आप अपने शरीर की जैविक घड़ी (biological clock) में गहराई से काम करते हैं, तो जटिल समस्याओं को हल करने के लिए अपने ध्यान का लाभ उठाते हैं।

इसके अलावा, जब आपको उस कठिन संज्ञानात्मक कार्य से छुटकारा मिल जाता है, तो आप अधिक निपुण महसूस करेंगे और दिन के बाद में आपके पास आराम करने के लिए समय होगा।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।