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गट-ब्रेन कनेक्शन : जानिए आपका पेट कैसे करता है आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित

Published on:17 May 2021, 15:20pm IST
आप जो खाते हैं उसका सीधा असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। जानकर आश्चर्य हुआ? इसके बारे में और जानने के लिए आगे पढ़ें।
Dr Ankita Dinesh Gupta
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गट हेल्‍थ आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को भी प्रभावित करती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

आज एक बहुत बड़ी आबादी है, जो मानसिक बीमारियों से पीड़ित हो रही है। 10 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी समस्या से पीड़ित हैं। चिंता मत करिये हम यहां समस्या के बारे में बात करने के लिए नहीं हैं, बल्कि समाधान के बारे में बात करने आये हैं। विभिन्न मानसिक बीमारियों से निपटने के लिए दुनिया भारत और आयुर्वेद की ओर देख रही है।

आपका माइक्रोबायोम – आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) पथ में रहने वाले जीव (सूक्ष्मजीव) आपकी गट हेल्थ में और आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए, त्वचा की गंभीर समस्याओं से लेकर मोटापे तक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

हम में से अधिकांश लोग अपने पेट में गड़बड़ महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपकी गट आपके मस्तिष्क से भावनात्मक संकेतों का जवाब देती है। इसे ही गट-ब्रेन संबंध के रूप में जाना जाता है।

अगर आपका पेट खराब है तो आप जल्‍दी तनाव में आ सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
अगर आपका पेट खराब है तो आप जल्‍दी तनाव में आ सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीके

अपने आप को महत्व दें

विचारशीलता और सम्मान के साथ खुद से व्यवहार करें, और आत्म-विश्लेषण से दूर रहें। अपने सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले कार्यों के लिए कुछ मिनट निर्धारित करें, या अपने दृष्टिकोण का विस्तार करें। प्रतिदिन एक पहेली सुलझाने में व्यस्त रहें, कोई कविता-गीत गाएं, नृत्य कक्षाएं लें, यह पता लगाएं कि कोई वाद्य यंत्र कैसे बजाया जाता है या किसी अन्य भाषा को सीखना शुरू करें।

अपने शरीर से निपटें

अपने शरीर के साथ व्यवहार करने से आपके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। यह सुनिश्चित कर लें:

पौष्टिक भोजन का सेवन करें। धूम्रपान से परहेज़ करें और पानी की भरपूर मात्रा पियें, व्यायाम करें, जिससे उदासी और तनाव में कमी आती है, और आपकी मानसिक स्थिति में सुधार होता है।

क्या दोष असंतुलन का कारण बनते हैं?

जीवनशैली में परिवर्तन वात दोष को कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, देर से सोना, बिगड़ा हुआ टाइमटेबल, ठंडी जलवायु, बहुत सारे काम और खाने का गलत रुटीन सभी वात दोष का कारण बनते हैं। यहां कुछ बुनियादी आयुर्वेदिक उपचार दिए गए हैं जो आपके दोषों को समायोजित करके आपकी बेचैनी को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है घी । चित्र: शटरस्‍टाॅॅक
पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है घी । चित्र: शटरस्‍टाॅॅक

महामारी में तनाव और चिंता को कैसे कम करें

पौष्टिक खाना

कोशिश करके ऐसे भोजन का सेवन करें जो जीवन काल को बढ़ाने में मदद करता है। च्यवनप्राश, सूखे मेवे, अखरोट, दूध, चावल, ज्वार, बाजरा और कोई भी अन्य स्वस्थ भोजन जिसमें सभी पोषक तत्व होते हैं।

संक्षेप में, आपके भोजन में तरल पदार्थ और दाल चावल, स्वादिष्ट करी शामिल होनी चाहिए। इसमें घी जैसी स्‍वस्‍थ वसा शामिल होनी चाहिए। विभिन्न सब्जियां, दूध, फल, खट्टे फल, गाय का दूध, घी, छाछ भी हृदय के लिए अच्छे होते हैं। इनका सेवन अवश्य करना चाहिए।

यहां कुछ उपचार दिए गए हैं जिन्हें आप आजमा सकते हैं:

1. पंचकर्म चिकित्सा

– शिरोधारा और नस्य जैसी पंचकर्म चिकित्सा मानसिक विकारों के प्रबंधन में मदद करती है।

– आयुर्वेद, अध्यात्म और योग प्रभावी हैं। वे न केवल मानसिक विकारों को ठीक करते हैं, बल्कि मानव मन के चमत्कारों में भी मदद कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप अपनी आत्मा को महसूस कर रहे हैं।

आयुर्वेद शरीर को हर तरह के बदलाव के लिए तैयार रखता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
आयुर्वेद शरीर को हर तरह के बदलाव के लिए तैयार रखता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. अरोमा थेरेपी

कुछ सुगंधों का वात दोष पर शांत प्रभाव पड़ता है। आप अपने डिफ्यूजर में तुलसी, संतरा, लौंग और लैवेंडर का तेल मिला सकते हैं। पानी में कुछ बूंदों को मिलाकर साफ कर सकते हैं और आराम कर सकते हैं।

आप ब्रीदिंग की कोशिश भी कर सकते हैं, प्राणायाम भी करें- यह घबराहट को शांत करता है और शरीर और मन को शांत करता है।

यह भी पढ़ें – एंग्जायटी से परेशान हैं, तो ये 5 ब्रीदिंग एक्सरसाइज हो सकती हैं आपके लिए मददगार

Dr Ankita Dinesh Gupta Dr Ankita Dinesh Gupta

Dr Ankita Dinesh Gupta is an ayurveda consultant with Birla Ayurveda.