अपना एक बेहतर वर्ज़न चाहती हैं, तो आपके लिए मददगार हो सकती है जापानी काइज़ेन तकनीक

Updated on: 23 February 2022, 13:36 pm IST

हम सभी के कुछ न कुछ कमजोर पहलू होते हैं और हम उन पर काम करना चाहते हैं। अगर आप भी अपने व्यक्तित्व में सुधार करना चाहती हैं, तो ये जापानी तकनीक आपकी मदद कर सकती है।

laziness ko door karne ke liye kaizen technique
आलस को दूर भागने के लिए काईज़ेन तकनीक। चित्र : शटरस्टॉक

जीवन में ठहराव किसी को पसंद नहीं! हर किसी को कुछ न कुछ नया ट्राइ करना है और आगे बढ़ना है। मगर इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है और मेहनत करने के लिए आलस्य त्यागना पड़ता है। अक्सर, हम विलंब करते हैं, आलसी हो जाते हैं और अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं करते हैं, कम से कम समय पर तो नहीं।

यही वजह है कि हम जो चाहते हैं उसे पूरा नहीं कर पाते और अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाते हैं। कभी – कभी तो हम अपने लेज़ी एटीट्यूड की वजह से काम को बीच में ही छोड़ देते हैं और एक बार छोड़ने के बाद दोबारा शुरू करने की कभी नौबत ही नहीं आती है।

मगर आप चिंता न करें, क्योंकि आपकी हर समस्या का हल हमारे पास है। हमारे पास आपके लिए एक ऐसी तकनीक है जो आपकी लेजीनेस को चुटकियों में भागा देगी – काइजेन।

जानिए क्या है ये जापानी तकनीक काइजेन (Kaizen)?

यह तकनीक आपकी लेजिनेस भगाने के लिए एक दम सही है। काइजेन – खुद को सुधारने और आलस्य को हराने और काम पूरा करने के लिए एक महान जापानी तकनीक है। इसके कई प्रकार होते हैं और आप इसे अपने हिसाब से चुन सकती हैं। अलग – अलग समस्याओं से निजात पाने के लिए अलग काइज़ेन तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इस अभ्यास के पीछे विचार या अवधारणा यह है कि लोगों को हर दिन एक ही समय में कम से कम एक मिनट के लिए एक गतिविधि के लिए खुद को प्रतिबद्ध करना चाहिए।

‘काई’ शब्द का अर्थ ‘परिवर्तन’ है और ‘ज़ेन’ का मतलब है ज्ञान। इसका आविष्कार जापानी संगठनात्मक सिद्धांतकार और प्रबंधन सलाहकार मासाकी इमाई ने किया था, जो क्वालिटी मैनेजमेंट पर अपने काम के लिए लोकप्रिय थे।

काइज़ेन रणनीति का संदेश यह है कि एक दिन भी ऐसा नहीं जाना चाहिए, जिसमें कहीं कोई सुधार न किया गया हो।”

kaizen technique
काइज़ेन तकनीक के साथ आलस को दूर भगाएं। चित्र : शटरस्टॉक

कैसे काम करती है काइज़ेन तकनीक

काइज़ेन एक सरल तकनीक है जो आपके जीवन का केवल एक मिनट प्रतिदिन मांगती है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक किताब पढ़ना चाहती हैं, तो आपको अपना एक मिनट हर रोज एक ही समय पर समर्पित करना चाहिए। कार्य को पूरा करने के लिए आप कितने भी आलसी क्यों न हों, आप इसे थोड़े समय के लिए उठने और खुद को इसके लिए प्रतिबद्ध करने के लिए सक्षम बानाएंगे।

अक्सर, हम कुछ गतिविधियों को यह कहकर टाल देते हैं कि यह समय की बर्बादी है। हालांकि, इस तकनीक के काम करने के लिए आपको केवल एक मिनट की आवश्यकता है।

जल्दबाज़ी न करें, धीरे – धीरे शुरुआत करें

जब काइज़ेन की बात आती है, तो आपको जल्दी करने की ज़रूरत नहीं है। बस अपना एक मिनट का समय दें। एक बार जब आप इस अभ्यास में महारत हासिल कर लेते हैं, तो आप धीरे-धीरे खुद को समय सीमा बढ़ाते हुए पाएंगी, कभी-कभी इसे एक घंटे तक बढ़ा सकते हैं।

यह एक ऐसी तकनीक है जिसे कोई भी जीवन के किसी भी मोड़ पर अपनाया जा सकता है। आपको बस यह समझना है कि आप क्या हासिल करना चाहती हैं और आपके उद्देश्य क्या हैं।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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