क्या नींद की कमी भी बन सकती है पाचन संबंधी समस्याओं का कारण? आइए चेक करते हैं 

Published on: 29 July 2022, 19:53 pm IST

जब आप देर से सोती हैं या रात भर जागती हैं, तो अगले दिन आपका पाचन गड़बड़ा सकता है। ये बताता है कि आपकी नींद और गट हेल्थ दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। 

गट हेल्थ का है आपकी नींद से सीधा संबंध, चित्र: शटरस्टॉक

“मस्तिष्क शरीर का कमांड सेंटर है। यह शरीर के हर हिस्से और सिस्टम से लगातार जानकारी भेज और प्राप्त कर रहा होता है। इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि आंत और मस्तिष्क के बीच संबंध बेहद मजबूत और जटिल है”, अपनी किताब द माइंड-गट कनेक्शन  में यह कहना है एमडी , लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मेडिसिन, फिजियोलॉजी और मनोचिकित्सा के प्रोफेसर एमरन मेयर का। 

डॉ मेयर का कहना है कि आंत के सूक्ष्मजीवों में कई सिग्नलिंग तंत्र होते हैं, जो उन्हें मस्तिष्क के साथ संवाद करने की अनुमति देते हैं। जो किसी व्यक्ति के मूड, भूख, तनाव के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। बैक्टीरिया मेटाबोलाइट्स का उत्पादन करते हैं, जो मस्तिष्क में वापस जाते हैं। (मेटाबोलाइट्स छोटे अणु होते हैं जो भोजन के टूटने के परिणामस्वरूप बनते हैं।) साथ ही वे कहते हैं, आंत बैक्टीरिया प्रतिरक्षा प्रणाली के रसायनों की रिसाव को ट्रिगर करता है, जिसका मस्तिष्क पता लगाता है और प्रतिक्रिया देता है।

 नींद की कमी से बढ़ता है तनाव, जिससे गट हेल्थ हो जाती है गड़बड़ 

डॉक्टर मेयर के अनुसार जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो आपके हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं और तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल बढ़ सकता है। “बढ़ता तनाव आंत संबंधी समस्याओं (intestinal permeability issues) का कारण बन सकता है। जिसे लीकिंग गट के तौर पर भी जाना जाता है – जहां भोजन और विषाक्त पदार्थ आंत (intestine) और ब्लड  में जाने में सक्षम होते हैं। यह सूजन, पेट दर्द, खाद्य संवेदनशीलता (food allergy)  और आंत माइक्रोबायम में परिवर्तन सहित कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।

हंगर हार्मोंन को भी बढ़ाती है नींद की कमी 

देर से उठना आपके डाइजेस्टिव सिस्टम । चित्र:शटरस्टॉक

 एनसीबीआई की एक रिसर्च के मुताबिक़ जब आप नींद से वंचित होते हैं, तो कुछ हार्मोन जो भूख को नियंत्रित करते हैं, वे असंतुलित हो सकते हैं, जिससे भूख बढ़ जाती है। जब आप थके हुए होते हैं, तो यह अधिक संभावना है कि आप त्वरित ऊर्जा बढ़ाने के लिए अस्वास्थ्यकर भोजन विकल्पों को चुनें। जैसे प्रसंस्कृत (processed carbs) कार्ब्स, चीनी और ट्रांस वसा।  ये खाद्य पदार्थ आपके पेट के स्वास्थ्य और आपके समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

नींद हार्मोन, मेलाटोनिन की कमी, जीईआरडी से संबंधित हो सकती है

मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिसे हमारा शरीर रात में अधिक बनाता हैं, क्योंकि यह हमें सो जाने में मदद करता है। सिर्फ इतना ही नहीं, मेलाटोनिन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल गतिशीलता को विनियमित करने में भी मदद करता है। जब मेलाटोनिन का स्तर कम हो जाता है, तो सोना मुश्किल हो सकता है और यह संभावित रूप से जीईआरडी या गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग का कारण बन सकता है। 

देर से सोना यानी देर से उठना और गट हेल्थ की बर्बादी 

यदि आप बहुत देर से उठते हैं, तो आपका पूरा रूटीन बिगड़ जाता है। देर से भोजन करना भी इसी में शामिल है, जिससे आपके पाचन पर नकारात्मक असर पड़ता है। 

सोने के तीन घंटे के अंदर आपको खाना नहीं खाना चाहिए। आप नहीं चाहते कि जब आप सो रहे हों तो शरीर पाचन और अवशोषण के बोझ तले दब जाए। ऐसा तब होता है जब आपका शरीर स्वस्थ हो रहा हो और हाउसकीपिंग का काम कर रहा हो। इसलिए खाने और सोने के बीच कम से कम तीन घंटे का गैप रखें। 

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय

स्वास्थ्य राशिफल

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