वैलनेस
स्टोर

तनाव से छुटकारा चाहिए तो घर के आसपास रखें हरियाली, जानिए कैसे करता है ये मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित

Published on:21 February 2021, 12:00pm IST
कोविड महामारी ने मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए गंभीर खतरे उत्‍पन्‍न कर दिए हैं। पर आपके आसपास की हरियाली आपको तनाव और अवसाद से बचा सकती है। एक्‍सपर्ट बता रहे हैं कैसे।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
  • 82 Likes
हरा भरा वातावरण आपके मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. चित्र : शटरस्टॉक

कोरोना महामारी ने हमारे शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ को बुरी तरह प्रभावित किया है। लॉकडाउन, चिंता, नौकरी में छटनी, स्वास्थ्य और अस्थिर वातावरण के साथ, तनाव का साया सभी पर है। ऐसा देखने को मिला है कि परिजनों से अलगाव, स्वतंत्रता की कुलबुलाहट, ऊब और अनिश्चितता, व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए, हमें ऐसे तरीके खोजने होंगे जो बजट फ्रेंडली होने के साथ-साथ एनवायरनमेंट फ्रेंडली भी हों।

पाएं अपनी तंदुरुस्‍ती की दैनिक खुराकन्‍यूजलैटर को सब्‍स्‍क्राइब करें

अगर हम आपको बताएं कि इस समस्या से निकलने में आपके आसपास के पेड़-पौधे आपकी मदद कर सकते हैं तो?

शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने से लेकर पृथ्वी से जुड़ने में मदद करने तक, हरे-भरे वातावरण के कई सारे स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन क्या ये आपके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकता है?

आइये जानते हैं इसके बारे में क्या कहता है विज्ञान

जर्नल नेचर में प्रकाशित नए शोध के अनुसार, हरा-भरा वातावरण आपके शारीरिक स्वास्थ्य को तो सुधरता ही है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्‍य को भी बढ़ावा देता है। यूरोपीय शोधकर्ताओं ने जर्मनी में किये, एक अध्ययन में पाया कि- ‘आपके आसपास जितने ज्यादा हरे पेड़ हैं, वहां के लोगों को उतनी ही कम एंटी-डिप्रेस्सेंट्स देने की ज़रुरत पड़ी।’

प्रकृति आपको तनाव से बचाने में मदद कर सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
प्रकृति आपको तनाव से बचाने में मदद कर सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

शहरी हरित स्थान का अध्ययन

अनुसंधान के लिए, टीम दिए गए क्षेत्र में पेड़ो की संख्या और निर्धारित एंटीडिपेंटेंट्स की संख्या के बीच सह संबंधों की तलाश करती थी। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या “हर रोज” हरा रंग, मानसिक स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है या नहीं।

शोधकर्ताओं ने जर्मनी के लगभग 10,000 निवासियों पर अध्ययन किया। उन्हें दी जाने वाली एंटी- डिप्रेसेंट्स और आस-पास पेड़ों की संख्या को कम्पेयर किया। निश्चित रूप से, जिनके घरों के 100 मीटर के दायरे में अधिक पेड़ थे, उन्हें एक एंटीडिप्रेसेंट निर्धारित किए जाने की संभावना कम थी।

महत्वपूर्ण रूप से ये शोध उन लोगों पर सटीक बैठता है जो मार्जिनलाइज्ड है और आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं। इस शोध से हमें यह भी पता लगता है कि अपने आस-पास के वातावरण में ग्रीनरी बढ़ाने से पब्लिक हेल्थ को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के मानसिक तनाव में भी कमी आएगी।

हरे भरे वातावरण के हैं ढ़ेरों स्वास्थ्य लाभ । चित्र: शटरस्‍टॉक
हरे भरे वातावरण के हैं ढ़ेरों स्वास्थ्य लाभ । चित्र: शटरस्‍टॉक

मानसिक स्वास्थ्य के लिए हरा भरा वातावरण क्यों फायदेमंद है

पर्यावरण मनोवैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखक और Ph.D. मेलिसा मारसेल के अनुसार: शहरी क्षेत्रों में अधिक पेड़ लगाना निवासियों के तनाव को कम करने के लिए एक सरल और आसान तरीका हो सकता है। “विभिन्न आर्थिक समूहों के बीच स्वास्थ्य असमानताओं रोकने में मदद कर सकते हैं।”

मार्सेले कहती हैं, “पेड़ लगाना निश्चित रूप से, धरती के लिए भी अच्छा है। दुनिया अभी भी COVID-19 महामारी से लड़ रही है। इसलिए मेंटल हेल्थ को बरक़रार रखने के लिए पेड़ लगाने से अच्‍छा तरीका और कोई नहीं है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस शोध से पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा और लोग अपने-अपने घरों के आस-पास ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएंगे। जिससे आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों की भी मदद हो पाएगी।”

यह भी पढ़ें : जी हां तनाव से छुटकारा दिलाने में भी मददगार है पान, जानिए क्‍या कहते हैं अध्‍ययन

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।