Obsessive love disorder : जानिए क्या है प्यार करने का ये तरीका, जो किसी भी रिश्ते के लिए घातक है

जुनूनी हद तक प्यार करने वाले लोगों के रिश्तों में अविश्वास, तनाव, चिंता और हिंसा का होना स्वाभाविक है। आइए जानते हैं ऑब्सेसिव लव डिसआर्डर क्या है और इसे कैसे हैंडल करें।

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अगर आप किसी व्यक्ति को प्यार तो करते हैं और उसे अपनी मुट्ठी में कैद करना चाहते है, तो ये ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर कहलाता है। चित्र- शटर स्टॉक।
ज्योति सोही Updated on: 2 Feb 2023, 12:34 pm IST
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प्यार एक ऐसी भावना है, जो हमें किसी दूसरे व्यक्ति के करीब लाती है। जब हमें किसी भी बातें, व्यवहार और दूसरों के प्रति उसका समर्पण भाव अच्छा लगने लगता है, तो हम धीरे धीरे उस शख्स के नज़दीक आ जाते हैं और उससे प्यार करने लगते हैं। कई बार ये महज एक आर्कषण (Attraction) भी होता है। अब प्यार करना सही है, मगर एक सीमा तक। अगर आप किसी व्यक्ति को प्यार तो करते हैं और उसे अपनी मुट्ठी में कैद करना चाहते है, तो ये ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर कहलाता (Obsessive love disorder) है। आइए जानते हैं, क्या है ऑब्सेसिव लव डिसआर्डर (Signs of Obsessive love disorder) ।

क्या है ऑब्सेसिव लव डिसआर्डर

इस बारे में बातचीत करते हुए डॉ आरती आनंद, साइकॉलोजिस्ट, सीनियर कंसलटेंट, गंगा राम हास्पिटल का कहना है कि ऑब्सेसिव लव (Obsessive love) यानि वन सायडिड लव (One sided love) । वो स्थिति जब आप अपने पार्टनर को लेकर आप अनसेफ फील करने लगते है। आपकी नज़र हर वक्त अपने साथी पर टिकी रहती है। आपको उसका अन्य लोगों से मिलना जुलना पसंद नहीं आता है। उसके कपड़ों से लेकर फाइनेशियल मैटर्स (Financial matters) तक हर चीज में आपका इंटरफियरेंस होने लगता है। उसके साथ आपका व्यवहार मनमाना होने लगता है और आप मन मुताबिक उसे मोल्ड करने लगते हैं।

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रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकती हैं आपकी अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन्स। चित्र : शटरस्टॉक

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के मुताबिक ओबसेसिव लव डिसआर्डर एक ऐसी स्थिति है, जब हम दूसरे के प्रति प्यार की भावना महसूस करने लगते हैं। ऐसी कंडीशन में अधिकतर ये वन सादडिड लव पाया जाता है। इसके अलावा किसी खास व्यक्ति की मौजूदगी हमें सुखद एहसास का अनुभव करवाती है।

इसमें हम समानता की भावना से परे अपने साथी पर अपना स्वामित्व यानि ओनरशिप समझने लगते है। वो पार्टनर को प्यार देने की बजाय जुनूनी प्रवृत्ति के कारण उन्हें अपने बस में करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अगर कोई और उन्हें प्यार करता है, तो वो जलन या जैलेसी का अनुभव करने लगते हैं। जुनूनी हद तक प्यार करने वाले लोगों के रिश्तों में अविश्वास, तनाव, चिंता और हिंसा का होना स्वाभाविक है।

ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर के साइन्स

बार बार इस बात को जताना कि आप उससे प्यार करते हैं।

किसी व्यक्ति की प्राइवेसी का ख्याल न रखना और पर्सनल बाउनडरीज़ को अनदेखा करना

जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं उसे हर समय कंट्रोल करना

जिसे आप प्यार करते हैं, उसके अन्य रिश्तों से अत्यधिक ईर्ष्या महसूस करना।

जानिए क्या हाे सकते हैं इस तरह के ऑब्सेसिव लव के कारण ?

1 इरोटोमेनिया (Erotomania)

मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक इरोटोमेनिया एक ऐसा मनोरोग स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति को भ्रमपूर्ण विश्वास हो जाता है कि कोई अन्य व्यक्ति उनसे प्यार करता है। आमतौर पर कोई ऐसा शख्स जो आपसे हाइयर स्टेटस वाला हो। प्राइमरी इरोटोमेनिया एक प्रकार की मानसिक स्थिति है। इसमें आप किसी तरह के अन्य रोग से ग्रस्त नहीं होते है। वहीं सेकेण्डरी इरोटोमेनिया में कुछ अन्य मनोवैज्ञानिक स्थितियों को भी जोड़ा जा सकता है यानि सिज़ोफ्रेनिया या मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर। इरोटोमेनिया को सिर के आघात, गर्भावस्था, शराब के दुरुपयोग, या एम्फ़ैटेमिन जैसी कुछ दवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।

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शादीशुदा ज़िंदगी में रोमांच बनाए रखना जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक

2 बार्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसआर्डर (Borderline Personality disorder)

बार्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसआर्डर यानि बीपीडी वाले लोग अपनी भावनाओं को काबू नहीं कर पाते हैं। वे न केवल जल्दी से किसी भी रिलेशन में इनवाल्व हो जाते है बल्कि अन्य लोगों से स्टरांग बॉंड भी शेयर करते हैं।

बीपीडी वाले लोग तीव्र मूड स्विंग के साथ इम्पल्सिव होकर कोई भी काम करते हैं। इस स्थिति का किसी व्यक्ति के रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे लोग अपने पार्टन्र के साथ ज्यादा क्लोज रहना पसंद करते हैं, जो कई बार आपके साथी को बंधन लगने लगता है।

3 अटैचमेंट डिसऑर्डर (Attachment disorders)

दूसरों से लगाव की क्षमता का विकास बचपन से ही हो जाता है। अगर नन्ही उम्र में हमें सही तरबियत और देखभाल मिलती है, तो हम लोग खुद को आसानी से संभालने में समर्थ होते हैं। मगर जो बच्चे बचपन में माता पिता के प्यार से किसी कारण से महरूम रह जाते हैं। उनका मानसिक विकास अलग तरह से होता है। इसी कारण वे कई प्रकार के डिसऑर्डर से घिर जाते है।

इस स्थिति को कैसे डील कर सकते हैं

साइकोथैरेपी है ज़रूरी

अगर आप इस तरह के डिसआर्डर से गुज़र रहे हैं या आपका पार्टनर इससे ग्रस्त है, तो थैरेपी का सहारा लें। इससे मन में उठने वाले भावों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही हमारे अंदर की नकारात्कमा पाज़िटीविटी में बदलने लगती है। इन सबके बाद आप मनोचिकित्सक की मदद से धीरे धीरे अपने आचरण में बदलाव महसूस करने लगते हैं।

पार्टनर के साथ वक्त गुज़ारे

कपल जितना समय एक साथ बिताते है, उतना ज्यादा एक दूसरे को समझ पाते हैं। दूरियां ही बहुत सी समस्याओं का कारण बन जाती है। अगर आप महसूस करने लगे है कि आपका पार्टनर थोड़ा पोजे़सिव हो रहा है और आप पर शक कर रहा है या आपको नियंत्रित करना चाहता है, तो उसे समय दें। बातें करें, वक्त बिताएं। उसे विश्वास दिलाएं कि उसके अलावा आपके जीवन में और कोई नहीं है।

पार्टनर के प्रति मधुर व्यवहार रखें

अपने साथी के साथ मधुर वाणी और व्यवहार का प्रयोग करें। उसे इस बात का विश्वास दिलाएं कि उनके सिवा आपके जीवन में तीसरा कोई नहीं है। साथ ही उन्हें हर काम में इम्पाफरटेंस दें, ताकि उन्हें खुशी का एहसास हो और आपका रिश्तो मज़बूत हो।

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लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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