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क्‍या आप भी तनाव और चिड़चिड़ेपन की शिकार हैं? तो फॉलो करें एक्‍सपर्ट के सुझाए ये कुछ उपाय

Published on:19 March 2021, 16:58pm IST
ओवर बर्डन, सही फैसला न ले पाना या कोई भी निजी-पारीवारिक तनाव आपकी मेंटल हेल्‍थ को प्रभावित कर सकता है। यहां इससे बचने के उपाय बताए गए हैं।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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जानिए एंग्जायटी को दूर करने के कुछ टिप्स. चित्र : शटरस्टॉक
जानिए एंग्जायटी को दूर करने के कुछ टिप्स. चित्र : शटरस्टॉक

कल क्या होगा इसकी चिंता शायद सभी को सताती है और यह सामान्य है क्योंकि भविष्य में क्या होगा यह कोई नहीं जान सकता। लेकिन, जब यह चिंता आने वाली हर घटना के बारे में आपको परेशान करने लगे और आप अपने आज पर ध्यान केन्द्रित न कर पाएं तो यह एंग्जायटी डिसऑर्डर का रूप ले लेती है।

लगभग 40 मिलियन अमेरिकी एंग्जायटी डिसऑर्डर के साथ जी रहें हैं, जो सामान्य चिंता या भय से काफी ज्यादा है। चिंता विकार से ग्रसित होने पर व्यक्ति पैनिक अटैक, अचानक डर लगना, हार्ट रेट बढ़ना और घबराहट जैसी परेशानियों से जूझता है। जो रोज़मर्रा के कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है।

अगर आपको भी लगातार इस तरह की भावनाएं घेरे रहती हैं और आप चिड़चिड़ापन महसूस करने लगती हैं, तो ये कुछ उपाय आपकी मदद कर सकते हैं।

जानिए कैसे एंग्‍जायटी और चिड़चिड़ेपन से बचना है

1 भविष्य की चिंता न करें

एंग्जायटी का मुख्य कारण है आने वाले कल के बारे में सोचना। अगर आप हमेशा अपने आने वाले कल के बारे में चिंतित रहेंगी तो, आप अपने आज को नहीं जी पाएंगी। एक मनोवैज्ञानिक और ‘Freeing Yourself from Anxiety’ के लेखक तामार चान्स्की का कहना है कि कल की चिंता करने के बजाय आज में जिएं और खुद से सवाल करें कि क्या चल रहा है? क्या मैं सुरक्षित हूं? क्या मुझे अभी कुछ काम करना है? ऐसा बार-बार खुद को याद दिलाने से आप ऑफ़ ट्रैक नही जाएंगी।

अगर आपको भी एंग्जायटी है तो कोशिश करें भविष्य की चिंता न करें. चित्र : शटरस्टॉक
अगर आपको भी एंग्जायटी है तो कोशिश करें भविष्य की चिंता न करें. चित्र : शटरस्टॉक

2 अपने मन-गढ़ंत विचारों पर ध्यान दें

एंग्जायटी से ग्रसित लोग अक्सर सबसे ख़राब स्थिति के बारे में ही सोचते हैं। ऐसे में इन चिंताओं से मुक्त होने के लिए यथार्थवादी सोच बेहद ज़रूरी है। उदाहरण के लिए आपकी कल प्रेजेंटेशन है और आप सोच रही हैं कि सब कुछ ख़राब हो जायेगा। लेकिन, बुरा सोचने की बजाय यह सोचें कि आप कितनी ज्यादा तैयार हैं और गलतियां होना स्वाभाविक है। अपने डर पर पुनर्विचार करने से मस्तिष्क को चिंताजनक विचारों से निपटने में मदद मिलती है।

3 किसी करीबी से बात करें

अपने पार्टनर, दोस्त या परिवार के किसी सदस्य से बात करने की कोशिश करें। उन्हें अपनी परेशानियां बताएं और अगर आपके मन में किसी बात को लेकर नकारात्मक विचार आ रहे हैं, तो उनकी राय लें। अपनी समस्याएं साझा करने से मन हल्का होता है और अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहीं हैं, तो किसी पेपर पर सब कुछ लिख लें।

अब जानिए कुछ ऐसे उपायों के बारे में जो मनोवैज्ञानिक द्वारा सुझाए गए हैं और आपको एंग्जायटी से तुरंत राहत दिलाने में मददगार होंगे:

1.गहरी और लंबी सांसें लें, कोशिश करें कि हर बार जब आप सांस लेते समय उस पर ध्यान केन्द्रित करें। ऐसा करने से आपको तुरंत राहत मिलेगी और आपके अनावश्‍यक विचार रुक जाएंगे।

एंग्जायटी से बचने के लिए गहरी और लंबी सांसें लें। चित्र: शटरस्टॉक
एंग्जायटी से बचने के लिए गहरी और लंबी सांसें लें। चित्र: शटरस्टॉक

2. जब आपको लगे कि आप कुछ ज्यादा ही सोच रही हैं तो 3-3-3 रूल को ज़रूर फ़ॉलो करें। सबसे पहले किन्हीं 3 चीजों का नाम लें, जो आप देख सकती हैं। फिर 3 चीजों के नाम जो आप सुन सकती हैं और अंत में अपने 3 बॉडी पार्ट्स हिलाएं जैसे- हाथ-पैरों की उंगलियां और कलाई।

3. नकारात्मक विचारों से अपने आप को डाइवर्ट करने का सबसे अच्छा तरीका है फनी वीडियो देखना।

4. एंग्जायटी अटैक आने पर खड़े होकर कुछ भी करने लग जाएं, दौड़ना या चलना शुरू करें। ऐसा करने से आपका मस्तिष्क तुरंत डाइवर्ट होगा।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।