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पोस्‍ट कोविड कमजोरी और तनाव से निपटना है, तो फॉलो करें आयुर्वेद के ये 5 जरूरी नियम

Updated on: 16 December 2020, 15:14pm IST
कोरोना वायरस संक्रमण होना आपके जीवन में तनाव का कारण बन सकता है। लेकिन घबराएं नहीं, एक विशेषज्ञ तनाव को मैनेज करने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलावों का सुझाव दे रहे हैं।
Dr. Arati Soman
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ज्‍यादा तनाव कमजोर इम्‍युनिटी का भी लक्षण है। चित्र: शटरस्‍टॉक।

महामारी के परिणामस्वरूप विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हुई हैं, जो हमें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से प्रभावित कर रही हैं। जब हमारे मानसिक स्वास्थ्य की बात आती है, तो तनाव वास्तव में वह समस्या है जो दुनिया भर में अधिकांश लोगों को परेशान कर रहा है।

तनाव हमारे नर्वस सिस्‍टम के संतुलन को बिगाड़ता है और शरीर में विभिन्न प्रणालियों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अगर आप हाल ही में कोरोनावायरस से रिकवर हुईं हैं, तो तनाव के बढ़ने के को जोखिम और भी ज्‍यादा बढ़ जाता है।

कुछ स्थितियों में एंग्जायटी, या डर की वजह से व्यक्ति में चिंता, घबराहट और आवेग पैदा होता है। इसलिए, हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करने से पहले इसे मैनेज करना महत्वपूर्ण है।

यहां आयुर्वेद के अनुसार 5 बहुत सरल, लेकिन उपयोगी टिप्स दिए गए हैं जो आपको तनाव के इन लक्षणों से लड़ने में मदद करेंगे:

1. अपनी दिनचर्या की योजना बनाएं

शरीर, मन और चेतना में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए एक सुनियोजित दिनचर्या आवश्यक है। यह पाचन, अवशोषण और मल त्याग की किसी व्यक्ति की बायो क्लॉक को नियमित करने में मदद करता है। मानसिक स्तर पर, यह आत्मविश्वास, अनुशासन और शांति को बढ़ाने में मदद करता है। सूरज उगने से पहले जागना अच्छा है क्योंकि प्रकृति मन की शांति और इंद्रियों में ताजगी लाती है।

सुबह जल्‍दी उठना आपकी सेहत के लिए अच्‍छा है। चित्र: शटरस्‍टॉक
सुबह जल्‍दी उठना आपकी सेहत के लिए अच्‍छा है। चित्र: शटरस्‍टॉक

बिस्तर से बाहर निकलने के ठीक बाद, अपनी हथेलियों को कुछ सेकंड के लिए देखें और धीरे से उन्हें अपने चेहरे, छाती और कमर पर लगाएं। यह आपके ऑरा को साफ करता है, बुरे विचारों को कम करने में मदद करता है और मन में सकारात्मकता लाता है।

2. प्राणायाम और ध्यान

गहरी सांस लेना, ध्यान और प्राणायाम जैसी तकनीकों में खुद को शामिल करके अपने सिस्टम को संतुलित करें। ध्यान एकाग्रता में सुधार करने में मदद करता है और एक स्वस्थ मन का विकास करता है। कम से कम 15 मिनट के लिए सुबह और शाम को ध्यान करना बहुत महत्वपूर्ण है।

योग और प्राणायाम दोनों कोविड-19 से आपकी सुरक्षा करते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

शांत वातावरण में बैठकर ध्यान लगाने से आपका ध्यान और जागरूकता पैदा होती है। यह मानसिक रूप से स्पष्ट और भावनात्मक रूप से शांत मन को प्राप्त करने में मदद करता है। विभिन्न प्राणायाम तकनीकें हमारी श्वास पर नियंत्रण पाने में मदद करती हैं। इस प्रकार, यह चिंता और घबराहट को कम करता है। प्राणायाम करने से दिमाग भी तेज होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। इतना ही नहीं, यह संज्ञानात्मक प्रदर्शन को भी बढ़ाता है।

3. स्वस्थ खाने की आदत

जब पर्याप्त मात्रा में और उचित तरीके से सेवन किया जाता है, तो भोजन हमारे शरीर के लिए एक दवा की तरह काम करता है। तो, आपको हमेशा इस तरीके से भोजन करना चाहिए जो आपको सबसे अधिक लाभ प्रदान करे। अपने शरीर की जरूरत के अनुसार खाद्य पदार्थों का चयन करना, जो भी खाया जा रहा है उस पर ध्यान देना और केवल जरूरत भर ही खाना आवश्यक है।

कुछ ऐसे आयुर्वेदिक अभ्यास हैं, जो आपके संपूर्ण कल्याण को बढ़ा सकते हैं। ऐसे भोजन को खाने की कोशिश करें जो ताजा पकाया गया हो, गर्म हो और उसमें मौसमी तत्व हों। कभी भी अति न करें।

इम्‍युनिटी को मजबू बनाए रखने के लिए अपने आहार पर ध्‍यान दें। चित्र: शटरस्टॉक।
अपने आहार पर ध्‍यान दें। चित्र: शटरस्टॉक।

इसी तरह, भूख के बिना भोजन का सेवन करने से बचें। आवश्यक मात्रा में हल्का, सात्विक भोजन चुनें। मौसमी खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, नट्स, बीज और तेल पर ध्यान दें। उन खाद्य पदार्थों से बचें जो बहुत मसालेदार हैं, तैलीय हैं या जिनमें प्रीजर्वेटिव हैं।

चीनी और नमक का सेवन कम करने की कोशिश करें। जंक फूड और चीनी पोषण मूल्य में कम और कैलोरी में उच्च होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप सुस्ती पैदा होती है। अदरक, हल्दी और काली मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन निश्चित रूप से समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने और तनाव के स्तर को कम करने में मदद करेगा।

4. तनाव से बचने के लिए प्रॉपर नींद लें

सोने से पहले कुछ देर शांत बैठने की आदत आपको चिंताओं से दूर कर देती है। सोने से पहले आराम करने के लिए समय निकालना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको अच्छी नींद देता है और तनाव को कम करता है। सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करना बहुत आराम दे सकता है।

सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करने से तनाव दूर करने में मदद मिलती है। सोने से आधा घंटा पहले उत्तेजक या तनावपूर्ण कुछ भी करने से बचें। अपनी मांसपेशियों और दिमाग को आराम देने में मदद करने के लिए शरीर की हल्की मालिश करें।

एक अच्छी नींद के लिए तकिया लेकर सोना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। चित्र:शटरस्टॉ

यह निश्चित रूप से अच्छी नींद को प्रेरित करने और चिंता को कम करने में मदद करेगा। रात में अश्वगंधा, ब्राह्मी, और इलायची जैसी जड़ी-बूटियों के सेवन से नींद अच्छी होगी और तनाव को कम करने में मदद मिलेगी।

5. विचार प्रबंधन का अभ्यास करें

आप तनाव पैदा करने वाले विचार पैटर्न को नियंत्रित करना और बदलना सीख सकते हैं। हम खुद को जो बताते हैं वह अक्सर निर्धारित करता है कि हम कैसा महसूस करते हैं और किस तरह से हम बढ़ते तनाव के स्तर को प्रबंधित करते हैं। नकारात्मक विचारों को लाने से बचने की कोशिश करें और सकारात्मक होने पर ध्यान केंद्रित करें।

अपनी सीमाएं जानें और उन पर टिके रहें। अपेक्षाओं के साथ खुद को बोझ न दें। ‘नहीं कहना सीखें’ और ‘करना चाहिए’ व ‘करना होगा’ के बीच अंतर करें। आपको निश्चित रूप से न कहना चाहिए अगर कुछ भी संभालना आपके लिए बहुत अधिक है।

अध्‍यात्‍म आको संतुष्‍ट रहना सिखाता है। चित्र : शटरस्टॉक
अध्‍यात्‍म आको संतुष्‍ट रहना सिखाता है। चित्र : शटरस्टॉक

कुछ ऐसा करने की अपेक्षा स्वेच्छा से करना बेहतर है जिससे हम खुश न हों। यह परिणामों में परिलक्षित होता है।

आपको तनाव का मुकाबला करने के लिए दैनिक रूप से इन चीजों का अभ्यास करना होगा। याद रखें, वे केवल महामारी के दौरान आपकी मदद नहीं करते, बल्कि जीवन भर आपकी दिनचर्या में सकारात्मक योगदान करते हैं।

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Dr. Arati Soman Dr. Arati Soman

Dr. Arati Soman is the Ayurvedic Expert at Nisarga Biotech Pvt Ltd. With a Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (BAMS) and a Professional Diploma in Clinical Research. Dr. Arati Soman aims to do clinical research of Ayurvedic theories and give treatment to prove efficacy of the methods.