एक्‍सरसाइज दिला सकती है अवसाद से छुटकारा, जानिए यह कैसी करती है आपकी मदद

डिप्रेशन या एंग्जायटी से घिरे होने पर आपको एक्सरसाइज के बारे में सोचना भी असंभव लग सकता है, पर यकीन कीजिए यह फायदेमंद है। तो देखिये ! एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं।
एक्‍सरसाइज सिर्फ आपके शरीर ही नहीं, फेफड़ों को स्‍वस्‍थ बना सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 11 Oct 2023, 16:45 pm IST
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यदि आपका शरीर एक्टिव रहे, तो काफी सारी बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ऐसा तो हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा है। अब तो डॉक्टर  और मनोचिकित्सक भी यह मान रहे हें कि एक्टिव रहने से अवसाद और एंग्जायटी जैसी बीमारियों से भी बचा जा सकता है। तो अब आपको तुरंत व्यायाम करना शुरू कर देना चाहिए।

आपके शरीर से यदि आपका मन ज्याददा भारी होगा, तो आप के लिए मुश्किल हो सकती है। इसका कारण है कि यदि आप एंग्जायटी या डिप्रेशन जैसी बीमारियों से पहले से ही जूझ रहें हैं। तब तो एक्सरसाइज करने का ख्याल ही आपको असंभव सा लग सकता है। पर यकीन कीजिए ज्याोदा मुश्किल नहीं है।

पर बहुत फायदेमंद है। तो देखिये ! एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं। रोज़ थोड़ा-थोड़ा व्यायाम आप पर होने वाले डिप्रेशन के लक्षणों को हल्का कर देता है। अर्थात डिप्रेशन पर व्यायाम का पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिलता है।

लेकिन फिर भी अगर आप संतुष्ट नहीं, तो हम आपको कई सारे वैज्ञानिक शोधों का उदाहरण देकर समझा सकतें हैं। जिनमें यह बात खुल कर सामने आती है कि यदि आप उदास और उखड़ा हुआ महसूस करती हैं तो एक्सरसाइज जैसा छोटा सा प्रयास कैसे आपको बेहतर महसूस करवा सकता है।

व्‍यायाम आपको तनाव और एंग्‍जायटी से बचाने में मददगार है। चित्र : शटरस्‍टॉक

टेक्सास विश्वविद्यालय में हाल ही में एक शोध हुआ। जिसमें कहा गया कि 30 मिनट तक मध्यम तीव्र गति से किया गया व्यायाम डिप्रेशन के प्रभावों को लगभग आधा कर देता है। पर शर्त यह है कि इसे हफ्ते में पांच दिन करना होगा।

निश्चित रूप से नियमित व्यायाम दवाइयों का मुकाबला तो नहीं कर सकता। दवाइयों को तो आपको जारी रखना ही होगा और डॉक्टर द्वारा कही गई हर बात को मानना भी होगा। पर नियमित एक्सरसाइज आपके डिप्रेशन पर क्या असर डाल सकती है ? इसके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे :

1. व्यायाम से मूड अच्छा होगा

क्या आप जानतें है कि एक्सरसाइज द्वारा जो हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं उन्हें फील गुड हॉर्मोन कहा जाता है। इन हॉर्मोन का नाम है एंड्रोफिन्स, यह आपके तनाव को कम करके आपको खुश महसूस करवाते हैं। यह काम एंड्रोफिन्स हॉर्मोन का है। लेकिन आपका क्या काम है ?

यक़ीनन नियमित एक्सरसाइज करना। क्या आपने कभी महसूस किया है कि दौड़ लगाने के बाद आप ख़ुशी का अनुभव क्यों करती है? यह रिसर्च में साबित हुआ है कि एक्सरसाइज आपके मूड को हलका बनाने में बड़ा महत्वपूर्ण रोल निभाती है।

इस पर जर्नल साइकोसोमैटिक मेडिसिन ने भी एक रिसर्च की, जिसमें उन्होंने पाया, जिन्हें डिप्रेशन है और वह एंटी डिप्रेशेंट लेने के साथ-साथ व्यायाम भी कर रहे हैं। उनके उपचार की दर तेज़ी से बढ़ती है।

एक्‍सरसाइज करके आप ज्‍यादा तनावमुक्‍त और खुश रह सकती हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक

2 . व्यायाम डर को कम करता है

जब भी कही भगदड़ की स्थिति या ऐसी कोई भी स्थिति बन जाती है। ऐसे लोग घबरा जाते हैं जो एंग्जायटी या डिप्रेशन के मरीज़ होते हैं। इस समय उनके सभी एंग्जायटी के लक्षण सामने आ जाते हैं। वे घबरा जातें हैं, उन्हें पसीने आने लगते हैं, दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है और जी मितलाने लगता है।

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इसमें उनका कोई दोष नहीं, यह सभी एक्शन और रिएक्शन जो उनके द्वारा किये जाते हैं। यह एंग्जायटी में नार्मल लक्षण समझे जाते हैं।

यहां हम 2008 में “डिप्रेशन एंड एंग्जायटी” नामक जर्नल में छपे एक शोध को आपके साथ सांझा करते हैं। यह शोध कहता है कि डिप्रेशन और एंग्जायटी की संवेदनशीलता को व्ययाम कम करता है। व्ययाम लोगो को खतरे की स्थिति में संभलने में भी मदद करता है।

3. थोड़ी सी एक्सरसाइज आपका साथ दूर तक देगी

आपको घंटों इसे करने की ज़रूरत नहीं है। दिन भर में दिया गया कुछ समय ही काफी है। अमेरिकन जर्नल साइकाइट्री में प्रकाशित एक और शोध हमारी इस बात की भी पुष्टि कर देता है। ये शोध कहता है कि हफ्ते भर में एक घंटा भी यदि आप एक्सरसाइज करते हैं तो वह डिप्रेशन और एंग्जायटी से बचाव के लिए काफी होगा।

तो देखा आपने सिर्फ और सिर्फ दिन भर में 15 मिनट काफी हैं। आप किस तरह का व्ययाम करना चाहते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। चाहे आप दौड़ लगाए, सैर करें, ट्रेडमिल पर दौड़े या फिर अपने पसंदीदा गाने पर नाचें, इसे आपको ही चुनना होगा। पर यदि आप किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर हैं। तब हम कहेंगे की एक बार उनसे सलाह ज़रूर कर लें।

4. व्यायाम आत्मविश्वास भी बढ़ाता है:

यह सिर्फ वजन कम को करने में ही नहीं बल्कि आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को निखारने में भी आपकी मदद करेगा। भले आप हल्का फुल्का ही क्यों न करतें हो पर लगातार किया गया व्यायाम आपके आत्मविश्वास को पोलिश करता जायेगा। समय के साथ जब इसके नतीजे आपके सामने आएंगे तो निश्चित तौर पर आप इसे कभी भी छोड़ने के बारे में नहीं सोचेंगी।

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