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लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम करते हो गईं हैं बोर? तो इन 4 तरीकों से तोड़ें क्रिएटिव ब्‍लॉक

Updated on: 7 October 2020, 10:55am IST
लैपटॉप लेकर लगातार बैठे रहने के बाद भी अगर ये समझ नहीं आ रहा कि क्‍या करना है और कैसे करना है, तो आप क्रिएटिव ब्‍लॉक से गुजर रहीं हैं। लॉकडाउन में यह सामान्‍य है, हम बताते हैं इससे बाहर आने के चार तरीके।
विदुषी शुक्‍ला
अगर लगे कि लॉकडाउन आपके क्रिएटिव मन को हानि पहुंचा रहा है तो तुरंत ब्रेक लें। चित्र- शटरस्टॉक

इस महामारी के कारण अगर सबसे अधिक कुछ प्रभावित हुआ है, तो वह है हमारा मानसिक स्वास्थ्य और शांति। जीवन बोरियत भरा महसूस हो रहा है, 10X12 के कमरा ही अब हमारी दुनिया हो गई है। लोगों से मिलते-जुलते, घूमते-फि‍रते हम जिस ताजगी और एनर्जी का अनुभव करते थे, उसकी कमी खल रही है।

महीनों इसी कमी को महसूस करते, एक वक्‍त ऐसा आता है जब आइडियाज खत्‍म होने लगते हैं, एनर्जी डाउन होने लगती है और यह आत्‍मविश्‍वास भी कमजोर पड़ने लगता है कि हम पहले जैसा कभी कर भी पाएंगे या नहीं? इसी को क्रिएटिव ब्‍लॉक कहते हैं। आइए जानें इससे कैसे बाहर आना है।

काम करने का मन नहीं करता तो यह करें। चित्र- शटरस्टॉक

कोविड-19 और क्रिएटिव ब्‍लॉक

कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दे दी थी कि घर पर बन्द रहने से हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत असर पड़ने वाला है। घरों में अकेले रहने से लेकर नौकरी जाने और आर्थिक दबाव के कारण हम तनाव से गुजर रहे हैं। अगर यह काफी नहीं था वो हर दिन एक जैसा रूटीन पालन कर के हम इतना ऊब चुके हैं कि अपनी प्रोडक्टिविटी पर भी इसका असर देख सकते हैं।

हर दिन वही एक रूटीन फॉलो करने से जीवन नीरस लगने लगा है, तो हम आपको ऐसे 4 काम बताएंगे जिनसे आप अपने दिन में एक बदलाव ला सकती हैं।

1. ऑफिस जाने के लिए तैयार हों

जी हां, हम मजाक नहीं कर रहे। हम जानते हैं कि आपका वर्क फ्रॉम होम ही चल रहा है और आप अपने नाईट सूट में ही ऑफिस का काम करना पसंद करती हैं। हम यह भी जानते हैं कि आपने कई महीनों से ना जीन्स अलमारी से बाहर निकाली है, न कोई हेयर स्टाइल बनाया है।

घर पर रहने से दिनचर्या में आ गयी है एकरसता? इन 4 कदमों से मानसिक नीरसता को करें खत्म। चित्र- शटरस्टॉक

और यही कारण है कि आपको यह करना है। हफ्ते में एक दिन ऑफिस का काम अच्छे से तैयार होकर करें। सुबह नहाकर ऐसा कोई भी कपड़ा पहनें जो आप ऑफिस पहनकर जाती हों। मेकअप करना पसंद है तो वह भी जरूर करें। जब आप अच्छी दिखेंगी, तो आप अच्छा महसूस करेंगी। यह आपके एक समान रूटीन में कुछ बदलाव लाएगा।
तैयार होकर कुछ सुंदर सी सेल्फी लेना बिल्कुल न भूलें।

2. अपने टेस्ट से अलग एक मूवी देखें

आखिरी बार आपने कोई फिल्म कब देखी थी? चाहें आप नियमित रूप से नेटफ्लिक्स देखती हों या कभी महीनों में एक मूवी देखने की आदत रखती हों, जिस दिन आपको नीरस महसूस हो एक नई मूवी देख डालें। कोशिश करें कि यह आपके टेस्ट से कुछ अलग हो ताकि यह एकदम नया अनुभव हो।

3. हर दिन के बारे में 5 अच्छी बातें अपनी डायरी में लिखें

अगर डायरी लिखती हैं, तो आपके मानसिक स्वास्थ्य की आधी समस्या तो यहीं हल हो जाएंगी। अगर डायरी लिखने की आदत नहीं भी है, तो दिन में दो मिनट का समय निकालें और दिन भर में जो भी अच्छा हुआ, उसे नोट करें। कम से कम 5 अच्छी बातें लिखें। यह एक खूबसूरत सनसेट से लेकर आपके बच्चे द्वारा बनाई पेंटिंग भी हो सकती है। बस जो भी बात आपको खुशी दे उसे लिख डालें।

ये तरीके वाकई आपका तनाव छूमंतर कर देंगे। चित्र: शटरस्‍टॉक

जब भी आपको लगे कि आप दिन भर में कुछ प्रोडक्टिव नहीं कर रहीं हैं तो उस डायरी को पढ़ें। आपको एहसास होगा कि हर दिन कितना खूबसूरत बीत रहा है और आपकी नकारात्मक ऊर्जा कम होगी।

4. यादों का सहारा लें

हमारी यादें हमारे दिल के बहुत करीब होती हैं। अच्छी-बुरी कोई भी याद हो, हमारे दिमाग पर एक असर छोड़ जाती है। ऐसे में जब आपको हर दिन एक जैसा और बोरिंग लग रहा है, जरूरी है कि आप अपनी यादों का सहारा लें।

इसके लिये आप बचपन का एलबम देख सकती हैं, फेसबुक पर दो साल पहले लिखे अपने किसी पोस्ट को पढ़ सकती हैं या बस पुराने दोस्तों से बात कर सकती हैं। कुछ ना हो तो मां को फोन करके अपने बचपन की शरारतें याद करें। यह यादें आपके मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और साथ ही आपको महसूस कराती हैं कि जीवन कितना सुंदर है।

इन चार कदमों का सहारा लें और खुश रहें। अगर लगे कि बात नहीं बन रही तो प्रोफेशनल मदद लेने में घबराएं नहीं। आपकी खुशी सबसे महत्वपूर्ण है।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।