ज्यादातर रिश्तों में हो सकती हैं ये 5 तरह की एंग्जाइटी, परेशान होने की बजाए समाधान पर करें बात

एंग्जाइटी को वैसे तो सेहत के लिए खराब समझा जाता है लेकिन आज हम आपको रिलेशनशिप की ऐसा एंग्जाइटी के बारे में बताएंगे जो आपके रिश्ते के लिए अच्छी हो सकती है।
anxiety healthy for relationship
जिन विचारों से आपके एंग्जाइटी हो रही है उसके बारे में बताएं। चित्र- अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Updated: 11 Feb 2024, 11:53 pm IST
  • 134

अगर किसी भी रिलेशनशिप से आपको एंग्जाइटी हो रही है तो वो रिलेशनशिप आपके लिए अच्छा नहीं हो सकता है। लेकिन कुछ एंग्जाइटी रिलेशनशिप को लेकर ऐसी होती है जो आपके रिश्ते को हेल्दी बना सकती है। किसी भी रिश्ते को लेकर अगर आपको कोई चिंता है और अगर वो चिंता आपके रिश्ते को अच्छा बनाने के लिए है तो उन एंग्जाइटी को हेल्दी माना जा सकता है। जैसे हम उन परिस्थितियों के प्रति जिनसे हम डरते हैं या जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं।

लेकिन अगर आपकी एंग्जाइटी बहुत ही ज्यादा बढ़ जाए तो ये आपके रिश्ते के लिए नाकारात्मक हो सकती है। इसके लिए आपको अपने पार्टनर से बात करनी की जरूरत होती है। इसके लिए हमें अपनी चिंता पर नियंत्रण करना पड़ेगा और जड़ो पर ध्यान देना पड़ सकता है।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने बात की रिलेशनशिप एक्सपर्ट रुचि रूह से। उन्होने बताया कि एंग्जाइटी दुश्मन नहीं है, एंग्जाइटी एक सामान्य भावनात्मक प्रतिक्रिया है उन परिस्थितियों के प्रति जिनसे हम डरते हैं या जो हमारे नियंत्रण से बाहर हैं।

performance anxiety
परफॉर्मेंस एंग्जाइटी लोगों को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकती है। चित्र- अडोबी स्टॉक

किसी भी रिश्ते में महसूस हो सकती हैं ये 5 तरह की एंग्जाइटी

एक-दूसरे के काम का असर

सबसे पहली एंग्जाइटी ये है कि हमारे कार्य दूसरों को कैसे प्रभावित करते हैं ये चिंता शायद हम में से कई लोगों को होती है, क्योंकि सहानुभूति और विचार हेल्दी रिलेशन के कारक हैं। लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि हर काम का लगातार विश्लेषण करके अत्यधिक तनावग्रस्त न हों, हमारे व्यवहार के संभावित प्रभाव के प्रति सचेत रहना मूल्यवान हो सकता है।

संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हमें खुद पर अत्यधिक चिंता का बोझ नहीं डालना चाहिए, लेकिन साथ ही, इस बारे में जागरूकता पैदा करना कि हमारे काम दूसरों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, सहानुभूति को बढ़ावा देता है और सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा देता है। इस बात का ध्यान रखकर कि हमारे शब्द और कार्य हमारे आस-पास के लोगों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, इससे हम दूसरों के लिए एक अच्छा वातावरण बना सकते है।

अपनी हर बात पार्टनर के साथ करना

जिन विचारों से आपके एंग्जाइटी हो रही है उसके बारे में बताएं और असुरक्षित होना एक स्वस्थ रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। जब हम अपनी भावनाओं और डर के बारे में खुलकर बात करते हैं, तो यह पार्टनर के बीच गहरी समझ बढ़ाने का अवसर पैदा करता है।

किसी रिश्ते में असुरक्षित होना कठिन लग सकता है, लेकिन यह अक्सर अधिक विश्वास और प्यार की ओर ले जाने का तरीका है। इससे आपको लगता है आपका पार्टनर आपकी केयर करता है। जो उनके बीच के बंधन को मजबूत करता है।

एक हेल्दी रिलेशन में, दोनों पार्टनर को जजमेंट या अस्वीकृति के डर के बिना अपनी कमजोरियों को व्यक्त करने का स्पेस मिलना चाहिए।

पर्सनल ग्रोथ के बारे में सोचना

एक हेल्दी रिश्ते को विकसित करने के लिए पर्सनल ग्रोथ और आत्म-सुधार महत्वपूर्ण हैं। जब दोनों पार्टनर निरंतर खुद में सुधार के लिए प्रतिबद्ध होते हैं, तो यह एक सकारात्मक वातावरण बनाता है जहां विकास को मोटिविट और सपोर्ट किया जाता है।

खुद को सबसे बेहतर बना कर न केवल हमें व्यक्तिगत रूप से फायदा होता है बल्कि रिश्ते भी मजबूत होते हैं। जब हम व्यक्तिगत विकास पर काम करते हैं, तो हम अधिक जागरूक और भावनात्मक रूप से परिपक्व हो जाते हैं, जिससे प्रभावी ढंग से कम्युनिकेशन करने और परिप्कव रूप से संघर्षों को हल करने की हमारी क्षमता बढ़ जाती है।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें
Inn baaton se jaanein ki aap anxiety ka shikaar hain
जानते हैं, वो टिप्स जिनकी मदद से वर्कप्लेस एंग्जाइटी को किया जा सकता है दूर। चित्र : एडॉबीस्टॉक

अतीत से रिश्ता प्रभावित होने का डर

पिछले अनुभवों का प्रभाव, विशेष रूप से ट्रॉमा से जुड़े अनुभव, हमारे रिश्तों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। यह पहचानना आवश्यक है कि हमारे अतीत ने हमें कैसे आकार दिया है और किसी भी अनसुलझे मुद्दे पर बात करनी है ताकि उन्हें हमारे वर्तमान संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालने से रोका जा सके।

पास्ट के ट्रॉमा के प्रभाव को स्वीकार करना उपचार और विकास की दिशा में पहला कदम है। इन अनुभवों को संसाधित करने और काम करने के लिए चिकित्सक, से सहायता लेना महत्वपूर्ण है। पिछले अनुभव रिश्ते को कैसे प्रभावित करते हैं, यह जानने में बातचीत जरूरी है। अपने पार्टनर के साथ अपने पिछले संघर्षों और वे हमारे वर्तमान व्यवहार को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, इसके बारे में बात करें इससे अंडरस्टैंडिंग बढ़ती है।

रिश्ते को लेकर बेवजह की चिंताएं

रिश्ते की स्थिति और दिशा के बारे में स्पष्टता और खुल कर बात दोनों के लिए सुरक्षित महसूस करने के लिए आवश्यक है। अनिश्चितता या अस्पष्टता का डर चिंता और असुरक्षा का कारण बन सकता है, इसलिए रिश्ते की प्रकृति पर स्पष्ट समझ और आपसी सहमति होने से एक सुरक्षा का भाव मिल सकता है।

किसी रिश्ते में स्पष्टता विश्वास, स्थिरता और आपसी सम्मान को बढ़ा सकती है, जो एक स्वस्थ और एक दुसरे का साथ देने की नींव रखती है। ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने और एक-दूसरे की ज़रूरतों के प्रति सचेत रहकर, कपल्स आत्मविश्वास के साथ किसी भी परेशानी से निपट सकते हैं।

ये भी पढ़े- यदि आप बैठे हुए अधिक समय बिताते हैं तो लोअर बैक में दर्द को कम करने के 5 तरीके

  • 134
लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख