हॉर्मोनल असंतुलन को संभालना है, तो दवाओं से पहले इन आजमाए हुए तरीकों पर करें भरोसा

Published on: 20 May 2022, 08:00 am IST

हॉर्मोनल परिवर्तन एक समस्या है, जो कई समस्याओं को जन्म दे सकती है। आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगा है। इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान अवश्य रखें।

hormonal imbalance ko control karein
आप प्राकृतिक रूप से हार्मोन असंतुलन को कैसे नियंत्रित कर सकती हैं। चित्र : शटरस्टॉक

हार्मोन, केमिकल सिगनल्स हैं जो हमारे वजन, मनोदशा, उपस्थिति, ऊर्जा, चिंता के स्तर और यहां तक कि प्रजनन क्षमता के लिए जिम्मेदार हैं। हमारे हार्मोन में थोड़ा सा भी असंतुलन हमारे स्वास्थ्य को खराब कर सकता है और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि यह संतुलित रहें। अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह, हार्मोन असंतुलन का इलाज स्वस्थ खान-पान और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर किया जा सकता है।

कुछ लोग अपने हॉर्मोन में असंतुलन के लिए डॉक्टर को दिखाना सही समझते हैं। हालांकि, यही सबसे सही तरीका है, लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि हॉर्मोन्स को प्राकृतिक रूप से भी संतुलित किया जा सकता है।

डॉक्टर की सलाह के साथ – साथ आप कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी अपने हॉर्मोनल इमबैलेन्स को ठीक कर सकती हैं। तो चलिये जानते हैं हॉर्मोन्स को संतुलित करने के कुछ घरेलू उपाय। मगर उससे पहले इनका समझना भी ज़रूरी है।

मसीना अस्पताल, मुंबई के सलाहकार मनोचिकित्सक डॉ मिलन बालकृष्णन ने बताए हैं हॉर्मोनल इम्बैलेन्स के कुछ कारण –

उदासी, निराशा या चिड़चिड़ापन की लगातार भावना
कम भूख लगना या ज्यादा खाना
अधिक सोना या अनिद्रा
अत्यधिक थकान और प्रेरणा की कमी
पहले आनंद से की गई गतिविधियों में रुचि खोना
निर्णय लेने और जानकारी को समझने में कठिनाई

जानिए हॉर्मोनल इमबैलेन्स को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय

1 फैटी एसिड

अपने हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने के लिए, आपको ऐसे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए जो आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर हों। नट्स, साबुत अनाज, जैतून का तेल और ओमेगा -3 मछली जैसे खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में फैटी एसिड होते हैं। इसलिए इन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

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ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन करें। चित्र : शटरस्टॉक

2 एक्सरसाइज़ करें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार शारीरिक गतिविधि हार्मोनल स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। आपकी मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह में सुधार के अलावा, व्यायाम हार्मोन रिसेप्टर संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जिसका अर्थ है कि यह पोषक तत्वों और हार्मोन संकेतों को बढ़ाता है।

 

3 हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां न केवल कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती हैं बल्कि हार्मोन को बनाए रखने में भी मदद करती हैं। अपने आहार में पालक, केल और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें और अपने हार्मोन को संतुलित रहने दें।

 

4 वज़न बनाए रखें

हार्मोन के स्वास्थ्य के लिए एक सही वजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोटापा हार्मोनल असंतुलन से संबंधित है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता और प्रजनन क्षमता को कम कर सकता है। ज़्यादा वज़न मधुमेह और हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है।

अंत में ….

डॉ मिलन के अनुसार एक बार जब हार्मोन व्यवस्थित हो जाते हैं, तो महिलाओं में मूड में उतार-चढ़ाव होना बंद हो जाता है। लेकिन अगर इन उपायों के बावजूद यह समस्या ठीक नहीं हो रही है, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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