आपकी रीढ़ की हड्डी में परेशानी आपके मानसिक स्वास्थ्य पर डाल सकती है प्रभाव

कमजोर स्वास्थ्य सबसे ज्यादा मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है। खासतौर से जब आपकी रीढ़ की हड्डी में परेशानी हो तो यह अवसाद का भी कारण बन सकता है।
लोअर बैक में हो रहा है दर्द तो ट्राई करें ये योगासन । चित्र : शटरस्टॉक
अक्षांश कुलश्रेष्ठ Published on: 18 February 2022, 12:30 pm IST
ऐप खोलें

मानसिक स्वास्थ्य खराब होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में शायद आपने सुना भी हो। लेकिन क्या आप यह बात जानती हैं कि आप की रीढ़ की हड्डी में परेशानी या कोई पुराना पीठ दर्द आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है? हाल ही में की गई एक रिसर्च में इस बात का दावा किया गया है, कि जिन वयस्कों की रीढ़ की हड्डी में चोट है उनमें अवसाद, चिंता जैसी मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य स्थितियों के विकास का जोखिम 80% तक है।

जानिए क्या कहता है यह अध्ययन 

यह अध्ययन मिशिगन मेडिसिन के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा किया गया जिसको स्पाइनल कॉर्ड पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन कर रहे शोधकर्ताओं की टीम ने रीढ़ की हड्डी की चोट वाले 9000 से अधिक वयस्कों और बिना रीढ़ की हड्डी के चोट वाले 1 मिलियन से अधिक वयस्कों के निजी बीमा दावों का विश्लेषण किया। 

आपके ब्रेन पर असर डालती है रीढ़ की हड्डी में परेशानी। चित्र : शटरस्टॉक

जिसमें रीढ़ की हड्डी के चोट वाले ग्रुप के डाटा में चिंता और मनोदशा संबंधी विकारों से लेकर अनिद्रा और मनोभ्रंश तक कई मनोवैज्ञानिक स्थितियों थी।

जानिए क्या रहा अध्ययन का निष्कर्ष

अध्ययन के नतीजे में पाया गया की रीढ़ की हड्डी की चोट के साथ रहने वाले लोगों को मानसिक स्वास्थ्य स्थिति उन लोगों की तुलना में अधिक थी जिनमें रीढ़ की हड्डी की समस्या नहीं थी।

जबकि अवसाद और प्रतिकूल मानसिक स्वास्थ्य प्रभाव हर दर्दनाक रीढ़ की हड्डी की चोट के अपरिहार्य परिणाम नहीं हैं, पिछले निष्कर्षों ने रीढ़ की हड्डी की चोटों के बिना सामान्य आबादी की तुलना में इस समूह के बीच मनोवैज्ञानिक रुग्णता के उच्च स्तर को लगातार प्रतिध्वनित किया है।

ऐसे में आपको क्या करना चाहिए 

शोधकर्ताओं का कहना है कि निष्कर्षों से चिकित्सकों को रीढ़ की हड्डी की चोटों वाले रोगियों को देखते समय मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों की पहचान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें इलाज के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास भेजना चाहिए।

रीढ़ की हड्डी का दिमाग से है गहरा नाता। चित्र : शटरस्टॉक

मार्क पीटरसन, पीएचडी, पेपर के मुख्य लेखक और मिशिगन में भौतिक चिकित्सा और प्रोफेसर कहते हैं,”इस उच्च जोखिम वाली आबादी में पुराने दर्द और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य दोनों के लिए स्क्रीनिंग और प्रारंभिक उपचार की सुविधा के लिए बेहतर नैदानिक ​​​​प्रयासों की आवश्यकता है।”

यह भी पढ़े : क्या अव्यवस्थित दिमाग रचनात्मकता को बढ़ावा देता है? जानिए इसकी सच्चाई

लेखक के बारे में
अक्षांश कुलश्रेष्ठ

सेहत, तंदुरुस्ती और सौंदर्य के लिए कुछ नई जानकारियों की खोज में

स्वास्थ्य राशिफल

स्वस्थ जीवनशैली के लिए ज्योतिष विशेषज्ञों से जानिए अपना स्वास्थ्य राशिफल

सब्स्क्राइब
Next Story