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मेमोरी बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक हर्ब है जटामांसी, जानिए मेंटल हेल्थ के लिए इसके फायदे

जटामांसी जड़ी बूटी का इस्तेमाल कॉग्नीटिव हेल्थ को बूस्ट करने और याददाश्त को बढ़ाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर जड़ी बूटी को मेध्य रसायन यानि मन को शांत रखने वाला नुस्खा माना जाता है।
Published On: 15 Nov 2024, 12:00 pm IST
मेडिकली रिव्यूड
जटामांसी तनाव और एंग्ज़इटी को दूर करने में मदद करती है, जो अनिद्रा को बढ़ाते हैं। चित्र : अडॉबीस्टॉक

दिनों दिन बढ़ने वाली चिंताओं से राहत पाने के लिए लोग दवाओं का सेवन करते है। मगर हर बार दवा का सेवन करने से शरीर में कई समस्याओं को जोखिम बढ़ने लगता है। ऐसे में तनाव को दूर करने के लिए अगर आप किसी जड़ी बूटी की तलाश में है, तो जटामांसी का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे एकाग्रता की कमी और अनिद्रा की समस्या भी हल हो सकती है। जानते हैं जटामांसी के फायदे (Jatamansi benefits for mental health) और सेवन करने का तरीका भी।

सबसे पहले जानते हैं जटामांसी किसे कहते हैं (What is jatamansi)

इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ अंकुर तंवर बताते हैं कि जटामांसी को नार्दोस्ताचिस जटामांसी भी कहा जाता है। जड़ी बूटी का इस्तेमाल कॉग्नीटिव हेल्थ को बूस्ट करने और याददाश्त को बढ़ाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर जड़ी बूटी को मेध्य रसायन कहा जाता है यानि मन को शांत रखने वाला नुस्खा माना जाता है। इसमें मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण नींद न आने की समस्या को हल कर देते है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखा जाता है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार दुनिया भर में 10 से 30 फीसदी आबादी में अनिद्रा की समस्या पाई जाती है और भारत में ये आंकड़ा 33 फीसदी है। मनोरोगों के कारण अनिद्रा
की समस्या बढ़ती है। क्रोनिक नींद संबंधी विकार कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनने लगते है। इसके चलते खराब याददाश्त, भावनात्मक अस्थिरता, मानसिक स्वास्थ्य विकार और कमज़ोर इम्यून सिस्टम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वेलेरियनसी परिवार से संबधित नार्डोस्टैचिस जटामांसी तनाव और एंग्ज़ाइटी को दूर करने में मदद करती है, जो अनिद्रा को बढ़ाते हैं। सके सेवन से हृदय रोगों, आंत की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर का भी सामना करना पड़ता है।

जटामांसी में एक्टिनिडीन, नार्डोल, एंजेलिविन, कूमारिन जैसे कई जरूरी रसायन शामिल होते हैं। यह मस्तिष्क के लिए टॉनिक के रूप में कार्य करता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

जानते हैं जटामांसी मेंटल हेल्थ को कैसे करता है बूस्ट (Jatamansi benefits for mental health)

1. याददाश्त में लाए सुधार

इस न्यूरॉन सूदिंग हर्ब से नर्डोल, एलेमोल और ओरोसेलोल जैसे तत्वों की प्राप्ति होती है। इससे ब्रेन फंक्शनिंग को मज़बूती मिलती है और मेमोरी लॉस से बचा जा सकता है। जटामांसी का सेवन करने से एंटीऑक्सीडेंटस की प्राप्ति होती है, जिससे चीजों पर फोकस करने की क्षमता में भी सुधार आने लगता है।

2. नींद की गुणवत्ता को बढ़ाए

इस जड़ी बूटी का सेवन करने से दिमाग शांत रहता है, जिससे अनिद्रा से राहत मिलती है। जटामांसी की जड़ से लेकर बीज तक सभी चीजें गुणकारी होती है। इसमें मौजूद कैरोटीन और डायहाइड्रोएजुलीन जैसे कंपाउड शरीर की रिदम को उचित बनाकर नींद न आने की समस्या को हल करते है।

इस जड़ी बूटी का सेवन करने से दिमाग शांत रहता है, जिससे अनिद्रा से राहत मिलती है। चित्र : अडॉबीस्टॉक

3. नर्वस सिस्टम को करे बूस्ट

इससे नर्वस सिस्टम की फंक्शनिंग में सुधार आने लगता है और कॉग्नीटिव हेल्थ बूस्ट होती है। जटामांसी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंटस की मात्रा शरीर को एक्टिव बनाए रखता है और फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाता है। इससे एनर्जी और स्टेमिना में बढ़ोतरी होती है।

4. मूड बूस्टिंग गुणों से भरपूर

जटामांसी को पाउडर या सप्लीमेंट के रूप में खाने से सेरोटोनिन, डोपामाइन और गामा एमिनोब्यूट्रिक एसिड जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को शरीर में नियंत्रित मात्रा में रखा जा सकता है। इससे मूड को संतुलित रखने में मदद मिलती है और तनाव से बढ़ने वाला गुस्सा व चिड़चिड़ापन दूर होने लगता है।

मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने के लिए जटामांसी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है।

5. डिप्रेशन से राहत

मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने के लिए जटामांसी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। इसके सेवन से ब्रेन में न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को नियंत्रित किया जाता है, जिससे डिप्रेशन से राहत मिल जाती है। इसमें मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव ब्रेन को ऑक्सीडेटिव तनाव से दूर रखता है, जिससे चिंता से बचा जा सकता है।

कैसे करें जटामांसी का सेवन (How to consume Jatamansi)

जटांमासी का सेवन पाउडर और सप्लीमेंट दोनों तरीके से किया जा सकता है। इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। एक्सपर्ट के अनुसार दिन में दो बार इसका सेवन किया जा सकता है। इसे खाने के लिए एक चम्मच यानि 3 ग्राम पाउडर लेकर उसे गुनगुने पानी के साथ लें। दिन में दो बार इसका सेवन करने से थकान, परेशानी और चिंता से मुक्ति मिल जाती है। इसका स्वाद कसैला होता है, ऐसे में पानी के साथ ही इसका सेवन करें।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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