अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर पातीं? तो ये 10 कारण हैं इसके लिए जिम्मेदार

जब आपकी ग्रूमिंग एक टॉक्सिक माहौल में हुई होती है या आपकी भावनाओं को लगातार दबाया जाता है, तब एक स्थिति ऐसी आती है जब आप खुद को अभिव्यक्त करने में भी झिझक महसूस करने लगती हैं।

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जानिए आप क्यों नहीं कर पातीं अपनी भावनाओं को व्यक्त। चित्र शटरस्टॉक।
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published on: 22 December 2022, 20:00 pm IST
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बहुत से लोग हैं जो अपनी जरूरतों को लेकर खुलकर बात करते हैं। यह जरूरतें कुछ भी हो सकती हैं जैसे कि भोजन, कपड़े, भावनात्मक, अंदरूनी विचार। बहुत से लोग यह जानते हैं कि कब और कैसे अपनी बातों को साझा करना है। लेकिन कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं जो सिर्फ अपने पार्टनर की बात सुनती हैं और अपनी जरूरतों के बारे में बात तक नहीं करतीं। ऐसे में कभी-कभी स्थिति ऐसी आ जाती है कि शब्द गले में फंसते हुए से महसूस होते हैं। पर क्या आप जानती हैं कि ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं उन कारणों के बारे में जो आपको अपने इमोशन्स एक्सप्रेस (Express your needs) करने से रोकते हैं।

अपनी आवश्यकताओं को लोगों के सामने व्यक्त करने में कठिनाई होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार इसका कारण आपका बचपन और परवरिश हो सकती है। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही 10 कारण जो आपको रिश्ते में अपनी जरूरतों को व्यक्त करने से रोकती हैं।

भावनाओं को समझना भी है जरूरी

हेल्थ शॉट्स ने इस विषय पर थेरेपिस्ट और रिलेशनशिप विशेषज्ञ डॉ. एलिजाबेथ फेड्रिक की एक इंस्टाग्राम पोस्ट देखी। जो काफी ज्यादा इम्प्रेसिव थी। बचपन से ही हमें सेल्फ प्रोटेक्शन टिप्स दी जाती हैं। साथ ही हमें आत्मनिर्भर बनने को कहा जाता है। ये सभी चीजें एक बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक रूप से असर डाल सकती हैं।

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इमोशनली अनअवैलब्ल पार्टनर हो सकता है कारण। चित्र : शटरस्टॉक।

इस दौरान हमने यदि कोई चीज सीखी है, तो वह है स्वतंत्र रहना। यह जितना अच्छा है उतना नुक्सानदायक भी हो सकता है। फेड्रिक के अनुसार “हर किसी की खुद की ज़रूरतें मायने रखती हैं और हर व्यक्ति इन ज़रूरतों को पूरा करने के योग्य है।”

यहां जानें आखिर रिश्ते में अपनी जरूरतों को व्यक्त करने में आपको क्यों हो रही है कठिनाई

1. यदि आपकी ख्वाहिशों को बचपन में ही खारिज कर दिया गया हो

बचपन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सालो बाद आने वाले समय पर इसका प्रभाव पड़ता है। यदि बचपन मे आपकी जरूरतों को पूरा न किया गया हो, तो बड़े होकर अपनी इच्छाओं को दूसरों के सामने व्यक्त कर पाना मुश्किल हो जाता है।

2. आप बहस में पड़ने और सामने वाले व्यक्ति को परेशान करने के डर से अपनी जरूरतों को प्रकट करने से बचती हैं

हर किसी की अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतें होती हैं। यदि आपका पार्टनर उनकी जरूरतों को आपके साथ साझा कर सकता है, तो आपको भी पूरा हक है अपनी बातों को उनके सामने रखने का। केवल बहस और साथी की परेशानी के बारे में सोच कर अपनी ज़रूरतों को बताने से कतराना पूरी तरह से नासमझी है।

3. यह सोचना कि ज़रूरतें आपको कमज़ोर बनाती हैं

यदि कोई अपनी जरूरतों को आपके सामने रख रहा है, इसका मतलब बिल्कुल भी यह नहीं है कि वे कमजोर या जरूरतमंद हैं। इसलिए, केवल दुसरो की नही अपनी जरूरतों का भी ध्यान रखें और स्वतंत्र रूप से अपनी जरूरतों को व्यक्त करें।

4. जब आपको अपनी ज़रूरतों को सही तरीके से व्यक्त करना न सिखाया गया हो

बचपन की चीजें आपके आगामी जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। यदि बचपन मे आपको अपनी आवश्यकताओं को व्यक्त करना न सिखाया गया हो तो आगे चलकर आप इसे लोगो के सामने प्रकट करने में कतराती हैं।

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अपनी जरूरतों को दुसरो के सामने रखना सीखें। चित्र शटरस्टॉक।

5. समय के साथ खुद को समझा लेना कि हमें किसी और की जरूरत नहीं है

किसी पर निर्भर न रहना बहुत अच्छी बात है। लेकिन खुद को यह यकीन दिला लेना कि आपको किसी और की ज़रूरत नहीं है, आगे चलकर यह दूसरों के सामने अपनी ज़रूरतों को व्यक्त करने में कठिनाइयां पैदा करता है।

6. अपनी जरूरतों को लेकर भ्रमित रहना

कभी-कभी हमे खुद अपनी जरूरतों को समझने में परेशानी होती है। इसलिए इसे व्यक्त करने में खुद व खुद कठिनाइयां आने लगती है।

7. निराशा और अस्वीकृति का डर

आपको पता होता है की आपको क्या चाहती परंतु कइ बार आप इसे व्यक्त नहीं कर पातीं। क्योंकि आपके मन मे यह डर बना रहता है कि आपकी चाहतों को अस्वीकार कर दिया जाएगा। आप अस्वीकृति या निराशा का अनुभव करने के डर से अपनी बात रखने से संकोच महसूस करती हैं।

8. दूसरों के लिए खुद को बोझ समझना

सभी को लगता है कि वे अपना काम खुद कर सकते हैं। और आप अपनी आवश्यकताओं को दूसरों को बता कर उनपर बोझ नहीं बनना चाहतीं।

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खुदको दुसरो बोझ समझना पड़ सकता है भारी। चित्र-शटरस्टॉक।

9. अपनी जरूरतों को लेकर नकारात्मक पक्ष रखना

कई बार हम अपने मन में नकारात्मक विश्वास बिठा लेते हैं की हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के योग्य नहीं हैं। परंतु फेड्रिक के अनुसार, हर कोई अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है, साथ ही उसे अन्य लोगो के सामने भी प्रकट कर सकता है। इसलिए आपको अपनी जरूरतों को लेकर नकारात्मक विचार नहीं रखने चाहिए।

10. पार्टनर की ओर से सही रिस्पॉन्स न मिलने के कारण

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ते में हैं जो आपकी आवश्यकताओं को लेकर गंभीर नहीं रहता या हर बार इसे नजरअंदाज कर देता है, तो ऐसे में आपको अपनी जरूरतों को व्यक्त करने में डर लग सकता है।

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