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घर से काम कर रहीं हैं, तो जानिए आप कैसे पीसीओएस को कंट्रोल कर सकती हैं

Published on:3 July 2021, 15:35pm IST
घर से काम करना कई मायनों में एक वरदान है, लेकिन पीसीओएस (PCOS) से पीड़ित लोगों पर इसका बड़ा असर पड़ा है। लेकिन आप चिंता न करें, हमारे पास कुछ सुझाव हैं, जिनका पालन करके आप बिना किसी परेशानी के इस समय को पार कर सकती हैं।
Dr Radhika Sheth
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वर्क फ्रॉम होम का इस्तेमाल अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए करें। चित्र: शटरस्टॉक
वर्क फ्रॉम होम का इस्तेमाल अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए करें। चित्र: शटरस्टॉक

हम सभी को अब न्यू नॉर्मल और वर्किंग फ्रॉम होम की आदत पड़ने लगी है। वर्क फ्रॉम होम के अपने फायदे हैं, जैसे ट्रैवलिंग टाइम में समय की खपत को कम करना। पर इससे शारीरिक गतिविधि भी कम हुईं हैं। जो पीसीओएस के लक्षणों को बढ़ा भी सकता है।

क्या है वर्क फ्रॉम और पीसीओएस का कनैक्शन

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में एक आम विकार है, और ये 5-10 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। ये हार्मोन असंतुलन और चयापचय संबंधी समस्याओं से भी जुड़ा है। इस स्थिति से पीड़ित महिलाओं को प्रजनन क्षमता या संबंधित मुद्दों का भी सामना करना पड़ता है।

महामारी के दौरान पीसीओएस कैसे और खराब स्थिति में जा सकता है?

1. शारीरिक गतिशीलता की कमी के कारण महामारी के दौरान अनियमित मासिक धर्म चक्र की शिकायतों में वृद्धि हुई है। जबकि पीसीओएस के सटीक कारण अज्ञात हैं, कुछ कारक जो भूमिका निभा सकते हैं, उनमें अतिरिक्त इंसुलिन, निम्न-श्रेणी की सूजन, आनुवंशिकता के मुद्दे और अतिरिक्त एण्ड्रोजन शामिल हैं।

प्राकृतिक तरीके से करें PCOS का इलाज. चित्र : शटरस्टॉक
प्राकृतिक तरीके से करें PCOS का इलाज. चित्र : शटरस्टॉक

2. घर से काम करते समय, आहार, जीवन शैली और कुछ पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से भी प्रतिकूल रूप से पीसीओएस प्रभावित होता है। हम सभी अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों, तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं और इसका सीधा प्रभाव पीसीओएस पर पड़ता है।

3. इंसुलिन अग्न्याशय में निर्मित एक हार्मोन है, और ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलने और कोशिका वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। कार्बोहाइड्रेट, लिपिड और प्रोटीन के चयापचय (Metabolism) में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लेकिन दुर्भाग्य से, इन दिनों इंसुलिन प्रतिरोध के मामले बढ़ गए हैं।

4. निम्न-श्रेणी की सूजन: श्वेत रक्त कोशिकाएं एक इंफ्लामेटरी रिएक्शन उत्पन्न करती हैं और संक्रमण से लड़ने के लिए एक पदार्थ उत्पन्न करती हैं। कुछ महिलाओं में, कुछ खाद्य पदार्थ खाने या कुछ पर्यावरणीय कारकों के संपर्क में आने से यह प्रतिक्रिया हो सकती है।

इस प्रतिक्रिया के शुरू होने के साथ ही श्वेत रक्त कोशिकाएं मध्यस्थों का स्राव करती हैं, जो इंसुलिन प्रतिरोध और एथेरोस्क्लेरोसिस को जन्म दे सकती हैं।

अब जानिए कि सेहत पर क्या होता है इन सभी प्रभाव :

  1. अनियमित मासिक धर्म
  2. भारी मासिक स्राव
  3. अत्यधिक चेहरे और शरीर के बाल
  4. वजन बढ़ना और मोटापा
  5. मोटी, काली त्वचा के धब्बे (एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स), विशेष रूप से गर्दन, कमर या स्तनों के नीचे
  6. तैलीय त्वचा और/या मुंहासे
  7. इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप 2 मधुमेह
  8. अनियमित या अनुपस्थित ओव्यूलेशन के कारण बांझपन
लॉकडाउन के दौरान पीसीओएस के लक्षण बिगड़ भी सकते हैं। चित्र: शटरस्टॉक
लॉकडाउन के दौरान पीसीओएस के लक्षण बिगड़ भी सकते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

यहां जानिए कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान आप इन्हें कैसे मैनेज कर सकती हैं

अक्सर, जीवनशैली में साधारण बदलाव पीसीओएस रोगियों में प्रजनन क्षमता में सुधार करने में मदद करते हैं। इसमे शामिल है:

1. दैनिक व्यायाम:

पीसीओएस के इलाज में नियमित व्यायाम के कई फायदे हैं। व्यायाम कैलोरी जलाने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध कम हो जाता है।

2. एक स्वस्थ आहार खाना:

आदर्श आहार में विभिन्न खाद्य समूहों के विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ होते हैं, चाहे वो अच्छा कार्बोहाइड्रेट हो, जैसे सब्जियां और फल, लीन मीट, चिकन, मछली और उच्च फाइबर वाले अनाज। ऐसे खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है जो चीनी और वसा में कम हों और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले हों।

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ शरीर को धीरे-धीरे इंसुलिन छोड़ने का कारण बनते हैं, जिससे शरीर के लिए भोजन को वसा के रूप में संग्रहीत करने के बजाय ऊर्जा के रूप में उपयोग करना आसान हो जाता है। फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।

कार्बोहाइड्रेट चीनी में टूट जाते हैं, इसलिए उन्हें सीमित मात्रा में ही खाया जाता है। परिष्कृत कार्ब्स से बचना बेहतर है, विशेष रूप से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले, सफेद आटा, चावल, आलू और चीनी। सोडा और मीठे रस सहित शर्करा युक्त पेय से बचना चाहिए।

3. सूर्य की रोशनी लें 

कम से कम कुछ समय के लिए सूर्य के नीचे बैठकर काम करके सूर्य के प्रकाश के संपर्क में वृद्धि करें।

धूप में बैठना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। चित्र: शटरस्टॉक
धूप में बैठना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

4. वजन कम करना:

ये पीसीओएस के कुछ लक्षणों को नियंत्रित करने और प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। वजन घटाने के साथ इंसुलिन प्रतिरोध में सुधार होता है

चल रही महामारी के आलोक में, मुमकिन है कि पीसीओएस वाली महिलाओं को समस्याओं का सामना करना पड़े। इसके बावजूद अपने प्रति सचेज रहना महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि आपको एक स्वस्थ और संतुलित आहार बनाए रखना चाहिए।

लॉकडाउन का उपयोग उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहकर वजन कम करने के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए। इस दौरान ओट्स, दलिया और पोहा जैसे कम कैलोरी और ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इस समय का उपयोग अपने शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए।

अनुशासन और जीवन शैली प्रबंधन घर पर पीसीओएस को कंट्रोल करने में मदद करेगा और इसमें कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

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Dr Radhika Sheth Dr Radhika Sheth

Dr Radhika Sheth, Consultant Fertility Specialist, Cloudnine Group of Hospitals, Mumbai (Malad and Vashi)