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पीरियड्स में निकलने वाले ब्लड का रंग आपकी सेहत के बारे में क्या कहता है? हम बताते हैं

Updated on: 10 December 2020, 13:49pm IST
हर महिला के पीरियड्स अलग होते हैं, मूड स्विंग अलग होते हैं और खून का रंग भी अलग होता है। लेकिन यह अलग रंग कई बार किसी छुपी हुई समस्या की निशानी भी हो सकता है। इसलिए आपको पीरियड्स के बारे में यह जानकारी होना जरूरी है।
विदुषी शुक्‍ला
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Scented pad aur tampon ke kaaran bhi aa sakti hai badbu
सेंटेड पैड और टैम्पॉन के कारण भी आ सकती हैं बदबू। चित्र: शटरस्टॉक

अगर आप अपनी सहेलियों से अपनी इंटिमेट हाइजीन पर बात करेंगी, तो पाएंगी कि उनके पीरियड्स के पांच दिन आपके पीरियड्स से काफी अलग होते हैं। हो सकता है उन्हें आपकी तरह चॉकलेट की क्रेविंग ना होती हो, या उनका दर्द आप जितना असहनीय ना हो। यह भी हो सकता है कि उन्हें कम ब्लीडिंग होती हो और उनके ब्लड का रंग भी आपसे कुछ अलग हो।

पीरियड्स के खून का रंग गहरे लाल से लेकर सिंदूरी, गाढ़ा नारंगी और कई बार ब्राउन भी होता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑब्सेटेट्रिशन एंड गयनोकॉलोजिस्ट के अनुसार पीरियड्स आपके स्वास्थ्य का आईना हो सकते हैं। और ब्लड का रंग और टेक्सचर आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ कहता है।

क्या हैं वह अलग- अलग रंग जो महिलाओं को उन पांच दिनों में नजर आते हैं?

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हर महिला के पीरियड्स के ब्लड का रंग लाल या उसके आसपास हो ऐसा जरूरी नहीं है। महिलाओं के पैड या टेम्पोन्‍स पर काला, ब्राउन, गाढ़ा लाल से लेकर ऑरेंज, पिंक और ग्रे रंग भी हो सकते हैं।

पीरियड्स के खून का क्या रंग होना चाहिए। चित्र- शटरस्टॉक।

आपकी सेहत के बारे में क्या कहता है पीरियड्स ब्‍लड का रंग

ब्राउन पीरियड्स का क्या अर्थ है?

अगर आपके पीरियड्स के शुरुआती और अंतिम दिनों में ब्राउन ब्लड नजर आ रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है।
ब्राउन ब्लड दरसल पुराना खून होता है, जो ऑक्सीडाइज होने के कारण ब्राउन हो जाता है। अगर आपका फ्लो धीरे है, तो यह अंत का ब्लड शरीर से देर से निकलेगा। जितने समय यह खून यूटेरस में रहेगा, उतना अधिक गहरा यह नजर आएगा।

काले पीरियड्स क्या होते हैं?

सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि यह काला आपके बालों जैसा काला नहीं होता। यह कुछ-कुछ कॉफी के जैसा काला रंग होता है। अमूमन यह रंग आपके पीरियड्स के शुरुआती कुछ घण्टों में ही नजर आता है। यह आपके पिछले पीरियड्स का बचा हुआ ब्लड हो सकता है। इसमें चिंता की बात नहीं है।

पीरियड में आने वाले ब्‍लड के कलर से आप अपनी आंतरिक सेहत के बारे में जान सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या कहता है सुर्ख लाल रंग?

यह दर्शाता है कि आपका ब्लड फ्लो तेजी से हो रहा है जिसके कारण यह ब्लड ज्यादा देर यूटेरस में रह नहीं पाया है। यह फ्रेश ब्लड होता है और पीरियड्स के दूसरे और तीसरे दिन यही रंग दिखना चाहिए। यह हेल्दी ब्लड है।

लेकिन अगर यही रंग आपको पीरियड्स न होने पर नजर आए यानी आपकी डेट्स के बीच, तो डॉक्टर से सलाह लें क्योंकि यह क्लेमीडिया जैसे इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है।

गुलाबी खून आपकी सेहत के बारे में क्या कहता है?

गुलाबी या हल्का लाल रंग का खून अगर पीरियड्स के अंत मे हो तो यह स्वस्थ है। ऐसे में खून जब सर्वाइकल म्यूकस से मिल जाता है, तो गुलाबी नजर आता है।
लेकिन अगर यह सामान्यतः आपके खून का रंग होता है, तो यह शरीर मे एस्ट्रोजन की कमी को दर्शाता है। एस्ट्रोजन की कमी का कारण आपकी बर्थ कंट्रोल पिल्स हो सकती हैं।
ओवुलेशन के समय भी आपको गुलाबी रंग के खून की स्पॉटिंग नजर आ सकती है। यह कभी कभार हो तो सामान्य है, लेकिन नियमित स्पॉटिंग होती है तो इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है।

सिंदूरी या नारंगी रंग के खून का क्या मतलब है?

आम तौर पर यह रंग लाल के करीब ही होता है और इसका कारण सर्वाइकल म्यूकस से मिल जाना ही होता है। लेकिन अगर यह रंग अधिक नारंगी लगे, तो यह बैक्टीरियल इंफेक्शन या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन की निशानी हो सकता है।

ग्रे या सफेद ब्लड नजर आए, तो चिंता का विषय है

अगर आपको ऑफ-वाइट या ग्रे रंग अपने पैड पर नजर आता है, तो यह चिंता का विषय है। ग्रे खून का मतलब है बैक्टीरियल वजाइनोसिस। इसके अन्य लक्षण हैं बुखार, खुजली और अजीब बदबू।

अगर पीरियड्स में खून अत्यधिक गाढ़ा है या थक्के दिखें तो यह भी सामान्य है। पीरियड्स में यूटेरस की लाइनिंग निकलती है जिसमें भारी ब्लीडिंग के साथ थोड़े क्लॉट होना नार्मल है। लेकिन इन थक्कों का साइज बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए।

आपको पीरियड्स के बारे में यह जानकारी होना जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कब-कब होती है डॉक्टर की जरूरत-

यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि आपकी वेजाइना के लिए सामान्य क्या है और खतरनाक क्या। इसलिए इन समस्याओं के नजर आने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं-

1. आपके खून का रंग कोई भी हो वह आमतौर पर स्वस्थ ही होता है। लेकिन अगर हर महीने आपको अपने पीरियड्स के ब्लड में अलग रंग नजर आए, तो डॉक्टर के पास जाएं।

2. अगर आपके पीरियड्स 24 दिन से कम या 38 दिन से ज्यादा हों तो डॉक्टर की सलाह लें।

3. अगर आपको पीरियड्स के बीच ही स्पॉटिंग होने लगे, तो आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत होती है।

4. बदरंग या पानी जैसा डिस्चार्ज हो और उससे बदबू आये, तो आपको डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।

लेडीज आपका शरीर बहुत जटिल है, लेकिन इसका ख्याल रखना बहुत जरूरी है। सही जानकारी की मदद से ही आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख सकती हैं।

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।