मेनोपॉज के दौरान यदि बढ़ने लगा है वज़न तो इन 5 बातों का रखें ख्याल

वज़न को कंट्रोल में रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब यह मेनोपॉज के बाद हो। चलिये जानते हैं कुछ टिप्स जो आपकी मदद कर सकते हैं।

Achanak vazan badhna kayi swasthye jokhimo ko badha sakta hai
अचानक वजन बढ़ना कई स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 4 January 2022, 18:00 pm IST
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40 – 50 की उम्र में हर महिला की चयापचय (Metabolism) सहित शारीरिक प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं। इससे वजन घटाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। व्यायाम करने में कठिनाई, मांसपेशियों में कमजोरी और शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता में कमी के कारण वजन बढ़ना आसान हो जाता है।

महिलाओं में, यह बहुत अधिक प्रमुख है क्योंकि इस उम्र में रजोनिवृत्ति (Menopause) भी होती है और हार्मोनल परिवर्तन (Hormonal Changes) वजन बढ़ाने में योगदान करते हैं। पीरियड्स (Periods) का शुरू होना और इसका अंत एक महिला के जीवन में कई परिवर्तन लाता है। ऐसे में वज़न बढ़ना भी एक आम समस्या है खासकर मेनोपॉज के बाद।

यदि आप भी 40 के दशक में हैं और आपका वज़न बढ़ रहा है, तो हो सकता है कि इसका कारण मेनोपॉज हो। मगर आप चिंता न करें क्योंकि आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि मेनोपॉज के दौरान आप अपने वज़न को कंट्रोल करने के लिए क्या कर सकती हैं? लेकिन उससे पहले जान लेते हैं इसकी वजह –

menopause mein wazan badhne ke lakshan
40 के दशक में हैं और आपका वज़न बढ़ रहा है, तो हो सकता है कि इसका कारण मेनोपॉज हो। चित्र : शटरस्टॉक

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NCBI) के अनुसार मेनोपॉज के दौरान क्यों बढ़ने लगता है वज़न?

पेरिमेनोपॉज (Perimenopause) और मेनोपॉज (Menopause) में वजन बढ़ना आम है। यह एस्ट्रोजन के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण होता है। यह भूख और कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। रजोनिवृत्ति एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन को ट्रिगर करती है और उतार-चढ़ाव की ओर ले जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। रजोनिवृत्ति के आसपास वजन बढ़ने में कई अन्य कारक भूमिका निभाते हैं, जिनमें शामिल हैं:

हार्मोन का उतार-चढ़ाव – एस्ट्रोजन के ऊंचे और बहुत कम दोनों स्तरों से वसा भंडारण में वृद्धि हो सकती है।

मांसपेशी द्रव्यमान का नुकसान – यह उम्र, हार्मोनल परिवर्तन और शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण होता है।

अपर्याप्त नींद – मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को सोने में परेशानी होती है। खराब नींद वजन बढ़ने से जुड़ी है।

इंसुलिन प्रतिरोध में वृद्धि – उम्र बढ़ने के साथ महिलाएं अक्सर इंसुलिन प्रतिरोधी बन जाती हैं, जिससे वजन कम करना अधिक कठिन हो जाता है।

यहां कुछ चीजें हैं जो आप बढ़ते वज़न को कंट्रोल करने के लिए कर सकती हैं

1. अपने खानपान का ख्याल रखें

सही और संतुलित भोजन का सेवन वज़न को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। इसलिए प्रोटीन, फल, सब्जियां, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर आहार का सेवन करें । ये खाद्य पदार्थ रजोनिवृत्ति के लक्षणों (Menopause Symptoms) को रोकने में मदद करते हैं। प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाना चाहिए जबकि चीनी युक्त खाद्य पदार्थ और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (Refined Foods) शामिल नहीं होने चाहिए क्योंकि वे आपके हार्मोन के स्तर को बिगाड़ सकते हैं।

2. शारीरिक गतिविधि बनाए रखें

व्यायाम, फिटनेस बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह महिलाओं को खोई हुई मांसपेशियों को हासिल करने में मदद करता है जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। हड्डियों को मजबूत बनाना और चयापचय (Metabolism) में सुधार व्यायाम के अन्य प्रभाव हैं जो वजन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

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वज़न को कंट्रोल में रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। चित्र : शटरस्टॉक

3. मीठा कम ही खाएं

मेनोपॉज के दौरान आपको मीठा खाने की क्रेविंग (Cravings) हो सकती है। ज़्यादा चीनी खाने की वजह से आपके आहार में 300 कैलोरीज तक बढ़ सकती हैं। इसलिए कुकीज़, पाई, केक, डोनट्स, आइसक्रीम और कैंडी से दूर रहें, इससे आपका वज़न और भी बढ़ सकता है।

4. शराब का सेवन कम करें

यदि आप ड्रिंक करती हैं तो शराब का सेवन सीमित करें। ड्रिंक्स (Alcoholic Drinks) आपके आहार में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ते हैं और वजन बढ़ने के जोखिम को बढ़ाते हैं। साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी सही नहीं है।

5. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें

वज़न को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि आपको तनाव (Stress) कम लेना है। इन दोनों कारकों की वजह से वज़न बढ़ता है।

तो लेडीज इन सभी बातों का ध्यान रखें ओर तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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