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अकसर आगे-पीछे हो जाती है पीरियड्स की डेट, तो परेशान होने की बजाए इन 5 योगासनों का करें नियमित अभ्‍यास

Updated on: 8 April 2021, 18:07pm IST
पीरियड्स का अनियमित होना उन परेशानियों से भी ज्‍यादा खराब लगता है जो पीरियड्स के साथ आती हैं। माहवारी को विनियमित करने के लिए आप योगाभ्‍यास का सहारा ले सकती हैं।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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आपकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां भी कमजोर हैं। चित्र : शटरस्टॉक

अनियमित पीरियड्स, भारी रक्तस्राव, ऐंठन और मूड स्विंग्स महिलाओं में होने वाली कुछ सामान्य मासिक धर्म संबंधी समस्याएं हैं। कभी हार्मोनल बदलाव तो कभी संक्रमण, इन समस्‍याओं के लिए जिम्‍मेदार हो सकता है। कभी बहुत लेट पीरियड आना तो कभी समय से पहले आना, इनमें सबसे ज्‍यादा परेशान करने वाली समस्‍याएं हैं।

तो अगर आप सब कुछ ट्राय करके थक चुकी हैं, तो अनियमित पीरियड्स के लिए अब योगाभ्‍यास की शरण में आएं। जी हां, योग में कुछ ऐसे आसन हैं, जो आपको मासिक धर्म से जुड़ी समस्‍याओं को डील करना आसान बना सकते हैं।

यहां हैं वे आसन जो आपके अनियमित पीरियड्स को विनियमित कर सकते हैं

1. मत्स्यासन (Fish Pose)

इस योगासन को करने के लिए जमीन पर अपनी पीठ के बल लेटें। अब अपने हाथों को अपने कूल्हों के नीचे रखें, अपनी कोहनी को कमर से स्पर्श करते हुए, दोनों पैरों को मोड़ें। उन्हें घुटनों के साथ क्रॉस-लेग किए हुए मुद्रा में लाएं।

जांघों को फर्श से मिलाएं और श्वास लें। फिर अपने ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं, फिर सिर के पीछे, कुछ मिनट के लिए आसन को होल्ड करें, फिर धड़ को छोड़ें और आराम करें।

मत्स्यासन आपके अनियमित मासिक धर्म को नियमित करने में मदद कर सकता है. चित्र : शटरस्टॉक
मत्स्यासन आपके अनियमित मासिक धर्म को नियमित करने में मदद कर सकता है. चित्र : शटरस्टॉक

2. धनुरासन (Bow Pose)

ज़मीन पर पेट के बल लेट जाइए और लेटकर अपने पैरों को थोड़ा सा फैलाइए। अब अपने पैरों को उठाएं और अपने हाथों से अपने टखनों को पकड़ें। गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती और पैरों को सतह से ऊपर उठाएं। अधिक से अधिक समय तक इस तरीके से रहें। फिर धीरे-धीरे अपने ऊपरी शरीर और पैरों को फर्श पर वापस लाएं।

3. अधो मुख श्‍वानासना (Downward Facing Dog Pose)

अपने हाथों को नीचे की ओर रखते हुए अपने घुटनों को झुकाएं। फिर अपने घुटनों को झुकाते हुए और अपने निचले पैरों को जमीन पर बाहर की ओर फैलाते हुए, अपने सभी चार अंगों पर अपने आप को संतुलित करें।

वी-आकार की संरचना बनाने के लिए, अपनी बाहों, कोहनियों को सीधा करते हुए सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपने कूल्हों को उठाएं। अब अपनी बाहों को बढ़ाएं, आगे से अपने शरीर को ऊपर उठाते हुए, मुद्रा को कुछ मिनटों के लिए होल्ड करें। फिर धीरे से आराम करें और वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं।

डॉग पोज यानी अधोमुखश्‍वानासन। चित्र: शटर स्‍टॉक
डॉग पोज यानी अधोमुखश्‍वानासन। चित्र: शटर स्‍टॉक

4. मालासन (Garland Pose)

सांस लेते हुए अपने आप को फर्श पर एक आरामदायक स्क्वाट स्थिति में ले जाएं। अब अपनी एड़ियों को ज़मीन से उठाएं और सांस छोड़ें, फिर अपने धड़ को जांघों के बीच फिट करने के लिए, शरीर को आगे की ओर झुकाएं। हाथों को मोड़ें, कोहनी को जांघों पर रखें। फिर अपनी बाहों को घुमाएं, अपनी एड़ी को थोड़ा ऊपर उठाएं, फिर धीरे-धीरे स्क्वाट स्थिति में वापस आएं और आराम करें।

5. उष्ट्रासन (Camel Pose)

उष्ट्रासन करने के लिए फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं और अपने कूल्हों पर हाथ रखें। अब गहराई से श्वास लें! फिर संतुलन के लिए अपने हाथों से अपने पैरों को पकड़ते हुए, अपनी पीठ को मोड़ें। इस मुद्रा को एक मिनट के लिए रखें, फिर धीरे-धीरे अपनी पीठ को सीधी स्थिति में लाएं, साथ ही पैरों और हाथों को आराम दें।

ये 5 आसन आपको न केवल सक्रिय बनाएंगे बल्कि पीरियड्स को नियमित बनाने में भी मदद करेंगे। तो दवाओं की बजाए योग का सहारा लें, क्‍योंकि इसका कोई साइड इफैक्‍ट नहीं है।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।